दिल्ली-एनसीआर में रियल एस्टेट का 'बूम'! लग्जरी घरों में खरीदारों की बढ़ रही है दीवानगी,इन बड़े शहरों को छोड़ा पीछे, देखें पूरी रिपोर्ट

दिल्ली-एनसीआर रियल एस्टेट में लग्जरी और प्रीमियम हाउसिंग की मांग बढ़ी. गुरुग्राम, नोएडा और ग्रेटर नोएडा निवेशकों के हॉटस्पॉट बने. रियल एस्टेट कीमतें 24% बढ़ीं, निवेशकों और विदेशी खरीदारों का भरोसा मजबूत हुआ.
दिल्ली-एनसीआर में रियल एस्टेट का 'बूम'! लग्जरी घरों में खरीदारों की बढ़ रही है दीवानगी,इन बड़े शहरों को छोड़ा पीछे, देखें पूरी रिपोर्ट

दिल्ली-एनसीआर का रियल एस्टेट सेक्टर एक बार फिर सुर्खियों में है. असल में जुलाई से सितंबर 2025 के बीच यहां के प्राइमरी हाउसिंग मार्केट ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है. जहां देश के अन्य बड़े शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतों में सामान्य ग्रोथ देखी गई, वहीं दिल्ली-एनसीआर में औसतन 24 प्रतिशत की जबरदस्त ग्रोथ दिखाई दी है.वैसे यह आंकड़ा न केवल निवेशकों के सेल्फ कॉन्फिडेंस को पेश करता है, बल्कि यह भी बताता है कि एनसीआर रियल एस्टेट की धड़कन लगातार तेज़ हो रही है.

लग्जरी हाउसिंग बना खरीदारों का नया पसंदीदा सेगमेंट

रियल एस्टेट कंसल्टेंट Anarock की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में रेसिडेंशियल प्रॉपर्टीज की औसत कीमत अब ₹8,900 प्रति वर्ग फुट तक पहुंच चुकी है, जबकि एक साल पहले यह ₹7,200 प्रति वर्ग फुट थी. वैसे इस उछाल के पीछे मुख्य कारण लग्जरी और प्रीमियम हाउसिंग की बढ़ती मांग है. हाई इनकम ग्रुप और प्रवासी भारतीय (NRI) खरीदार अब बेहतर लोकेशन, आधुनिक सुविधाओं और सस्टेनेबल कंस्ट्रक्शन वाले घरों में निवेश करने को तवज्जो दे रहे हैं.

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि लोग अब केवल घर नहीं बल्कि एक पूरी लाइफस्टाइल खरीदना चाहते हैं. ऐसे में घर के आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ सुरक्षा, ग्रीन स्पेस और कम्युनिटी सुविधाओं का महत्व बढ़ गया है. यही कारण है कि लग्जरी हाउसिंग का सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा हैय

गुरुग्राम और नोएडा बने इन्वेस्टमेंट के हॉटस्पॉट

एनसीआर के प्रमुख हब जैसे गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली और गाजियाबाद में सबसे अधिक खरीददारी देखी गई है.असल में गुरुग्राम में लग्जरी प्रोजेक्ट्स और को-वर्किंग कल्चर के कारण प्रॉपर्टी की मांग तेज़ी से बढ़ रही है. वहीं नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो कनेक्टिविटी, एक्सप्रेसवे और इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट के कारण मिड-सेगमेंट हाउसिंग की मांग में उछाल आया है.

खास रूप से, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में नई लग्जरी प्रोजेक्ट्स ने निवेशकों का ध्यान खींचने का काम किया है. इसके अलावा, इन क्षेत्रों में शिक्षा, हेल्थ और मनोरंजन सुविधाओं की मौजूदगी भी रियल एस्टेट निवेश के लिए एक्स्ट्रा प्रोत्साहन प्रदान कर रही है.

राष्ट्रीय औसत से आगे एनसीआर की रफ्तार

आपको बता दें कि देश के सात प्रमुख शहरों –मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, चेन्नई और कोलकाता में जहां औसतन कीमतें 9 प्रतिशत बढ़कर ₹9,105 प्रति वर्ग फुट हुईं, वहीं दिल्ली-एनसीआर ने उनसे कहीं आगे निकलते हुए लगभग तीन गुनी ग्रोथ दर्ज की. यह रुझान बताता है कि रियल एस्टेट निवेश के लिए एनसीआर अब सबसे तेजी से उभरता हुआ एरिया बन गया है.

भारत की सबसे महंगी हाउसिंग मार्केट

हालांकि मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) अभी भी भारत की सबसे महंगी हाउसिंग मार्केट बनी हुई है, जहां कीमतें ₹16,300 से बढ़कर ₹17,230 प्रति वर्ग फुट तक पहुंची हैं. वहीं बेंगलुरु में ₹8,100 से ₹8,870, पुणे में ₹7,600 से ₹7,935 और हैदराबाद में ₹7,150 से ₹7,750 प्रति वर्ग फुट तक कीमतें बढ़ीं. चेन्नई और कोलकाता ने भी स्थिर और सतत ग्रोथ दिखाई है.

खरीदारों का बढ़ा भरोसा और डेवलपर्स की नई प्लानिंग

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सरकार की नीतियों, **जीएसटी सरलीकरण, ट्रांसपेरेंसीमें ग्रोथ और RERA जैसे नियामक सुधारों ने खरीदारों का भरोसा बढ़ाया है. इसके साथ ही डेवलपर्स अब सस्टेनेबल, टेक-इनेबल्ड और हरित परियोजनाओं पर फोकस कर रहे हैं, जिससे बाजार और परिपक्व हो रहा है.

अंसल हाउसिंग के डायरेक्टर का क्या है कहना?

कुशाग्र अंसल, अंसल हाउसिंग के डायरेक्टर कहते हैं, “दिल्ली-एनसीआर में बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतें निवेशकों के लिए संकेत हैं कि यह क्षेत्र अब भी सबसे भरोसेमंद एसेट क्लास बना हुआ है. स्टॉक मार्केट की अस्थिरता और सोने की सीमित रिटर्न्स के बीच रियल एस्टेट ने लगातार डबल-डिजिट ग्रोथ दी है.”

होम एंड सोल की चेयरपर्सन का क्या है कहना?

साक्षी कटियाल, होम एंड सोल की चेयरपर्सन कहती हैं, “दिल्ली-एनसीआर अब केवल राजधानी क्षेत्र नहीं रहा, बल्कि यह एक बहु-शहरी क्लस्टर बन चुका है जो निवेश के लिए पूरे एशिया में सबसे आकर्षक बाजारों में गिना जा रहा है. डेटा बताता है कि हर चौथा लग्जरी घर का खरीदार एनसीआर से है. विदेशी निवेशक भी इस क्षेत्र में दिलचस्पी दिखा रहे हैं.”

ऑरिस ग्रुप के सेल्स हेड का क्या है कहना?

विशाल सभरवाल, ऑरिस ग्रुप के सेल्स हेड का कहना है, “दिल्ली-एनसीआर में 24 प्रतिशत की वृद्धि यह दर्शाती है कि यहां का बाजार अब परिपक्व और स्थिर हो गया है. महामारी के बाद लोगों की प्राथमिकताएँ बदली हैं. वे बड़े, खुली जगहों वाले और मल्टी-यूटिलिटी स्पेस वाले घर चाहते हैं,”

बेटर चॉइस रियलटर्स के चीफ सेल्स ऑफिसर का क्या है कहना?

अजय त्यागी, बेटर चॉइस रियलटर्स के चीफ सेल्स ऑफिसर कहते हैं, “दिल्ली-एनसीआर में रियल एस्टेट की मांग में यह उछाल केवल संयोग नहीं है. पिछले कुछ सालों में किए गए इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, जैसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, रैपिड रेल और एक्सटेंडेड मेट्रो, लोगों के मन में भरोसा पैदा कर रहे हैं. गुरुग्राम और नोएडा अब इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के लग्जरी हब बन चुके हैं.”

निष्कर्ष

वैसे कुल मिलाकर, दिल्ली-एनसीआर ने रियल एस्टेट के मानचित्र पर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है. चाहे निवेश की बात हो या रहने की, खरीदार अब पहले से अधिक जागरूक, आत्मविश्वासी और क्वालिटी के प्रति अवेयर हैं. विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले महीनों में यह रफ्तार और तेज़ होगी और दिल्ली-एनसीआर देश का सबसे लुभावना रियल एस्टेट बनकर उभरेगा,

5 FAQs

1. दिल्ली-एनसीआर में रियल एस्टेट की कीमतें कितनी बढ़ीं हैं?
जुलाई-सितंबर 2025 में दिल्ली-एनसीआर में रियल एस्टेट कीमतें औसतन 24% बढ़ीं.

2. लग्जरी हाउसिंग में बढ़ती मांग का कारण क्या है?
उच्च आय वर्ग और NRI खरीदार बेहतर लोकेशन, आधुनिक सुविधाओं और सस्टेनेबल घरों में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं.

3. एनसीआर के कौन-कौन से इलाके निवेश के लिए हॉटस्पॉट हैं?
गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली और गाजियाबाद निवेश के प्रमुख हॉटस्पॉट हैं.

4. अन्य शहरों की तुलना में दिल्ली-एनसीआर की वृद्धि कितनी है?
देश के प्रमुख शहरों जैसे मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद की तुलना में दिल्ली-एनसीआर की रियल एस्टेट वृद्धि लगभग तीन गुनी रही है.

5. भविष्य में दिल्ली-एनसीआर रियल एस्टेट का रुझान कैसा रहेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली-एनसीआर रियल एस्टेट की मांग और कीमतें आने वाले महीनों में और बढ़ेंगी, और यह देश का सबसे आकर्षक निवेश क्षेत्र बनेगा.

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