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दिल्ली में ऑफिस स्पेस में 21% वैकेंसी रेट (प्रतीकात्मक फोटो/AI/Gemini)
देशभर के ऑफिस स्पेस मार्केट में बदलाव दिख रहा है. खासकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और हैदराबाद में. टॉप 7 शहरों में से एनसीआर और हैदराबाद में सबसे ज्यादा ऑफिस स्पेस खाली हैं.ऐसे में दिल्ली एनसीआर में फिक्स कमाई के लिए आप कमर्शियल रियल एस्टेट खासकर ऑफिस स्पेस में पैसा लगाने का प्लान कर रहे हैं तो मौजूदा तस्वीर जानना बेहद जरूरी है. इंटरनेशनल प्रॉपर्टी कंसल्टेंट फर्म एनारॉक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 2026 की पहली तिमाही में एनसीआर में ऑफिस स्पेस की डिमांड में 43 फीसदी की भारी गिरावट आई है. यहां 21 फीसदी दफ्तर खाली पड़े हैं. दूसरे शब्दों में कहें तो 100 में से हर 21 दफ्तर ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं.
Anarock की रिपोर्ट के मुताबिक 2025 की पहली तिमाही में एनसीआर में 2.7 मिलियन वर्ग फुट (msf) ऑफिस एब्जॉर्प्शन था, जो 2026 की पहली तिमाही में 43 फीसदी की भारी गिरावट के साथ महज 1.53 msf रह गया है.
NCR में 21% वैकेंसी रेट
ऑफिस वैकेंसी रेट (Office Vacancy %)
| शहर | Q1-2026 | Q1-2025 |
| हैदराबाद | 24.70% | 26.50% |
| NCR | 21% | 22.40% |
| कोलकाता | 17.20% | 17.90% |
| MMR (मुंबई) | 13.80% | 15.20% |
| पुणे | 11.60% | 11.70% |
| बेंगलुरु | 11.50% | 12.40% |
| चेन्नई | 8.90% | 9.10% |
| कुल | 15.50% | 16.30% |
एनारॉक के मुताबिक मिड-टियर बिल्डिंग्स की हालत खराब है. रिपोर्ट के मुताबिक पुरानी और मिड टियर बिल्डिंग्स में पूरे भारत में 20 से 25 फीसदी जगह खाली है, जिनकी रिकवरी की उम्मीद भी कम है.
निवेशकों के लिए मौका, किराये में बढ़ोतरी
नए ऑफिस का निर्माण/सप्लाई
| शहर (City) | Q1-2026 | Q1-2025 | बदलाव (% Change) |
| बेंगलुरु | 2.95 | 3.23 | -9% |
| NCR | 1.8 | 2.6 | -31% |
| चेन्नई | 1.6 | 0 | - |
| MMR | 1.05 | 0.2 | 425% |
| पुणे | 1 | 3.2 | -69% |
| हैदराबाद | 0.2 | 1.3 | -85% |
| कोलकाता | 0 | 0 | - |
| कुल | 8.6 | 10.53 | -18% |
एनारॉक ग्रुप के कमर्शियल लीजिंग एंड एडवाइजरी के मैनेजिंग डायरेक्टर पीयूष जैन के मुताबिक, "निवेशकों के लिए ग्रेड ए एसेट्स में किराये में बढ़ोतरी और वैकेंसी में कमी टिकाऊ प्राइसिंग पावर के संकेत देती है. दिल्ली एनसीआर में मल्टी नेशनल कंपनियों ने 2025 की शुरुआत तक दो साल में 51 लाख वर्ग फुट जगह लीज पर ली है. यह जगह GCC कैंपस बनाने के लिए थी. मिड टियर मालिकों के लिए आगे का रास्ता है कि वे चुनिंदा तौर पर अपनी प्रॉपर्टी को ग्रेड ए में अपग्रेड करें या घरेलू SME और फ्लेक्स ऑपरेटर्स जैसे विशेष सेक्टर्स पर ध्यान केंद्रित करें, जहां ग्रेड ए स्पेस में कंपटीशन कम है."
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 ऑफिस एब्जॉर्प्शन क्या होता है?
तय वक्त में बाजार में कुल कितनी ऑफिस स्पेस किराये पर ली गई है या बेची गई है, इसे ऑफिस एब्जॉर्प्शन कहते हैं.
Q2 वैकेंसी रेट किसे कहते हैं?
बिल्डिंग या मार्केट में कुल उपलब्ध जगह का वह हिस्सा जो खाली पड़ा है या किराये पर नहीं उठा है, उसे वैकेंसी रेट कहा जाता है.
Q3 GCCs क्या होते हैं?
GCCs मल्टीनेशनल कंपनियों के वे ऑफशोर ऑफिस होते हैं जो उनके ग्लोबल ऑपरेशंस, आईटी, रिसर्च और दूसरे महत्वपूर्ण कामकाज को एक ही जगह से संभालते हैं.
Q4 ग्रेड ए ऑफिस स्पेस क्या होता है?
ग्रेड ए सबसे अच्छी क्वालिटी वाली कमर्शियल बिल्डिंग होती है. इसमें अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर और अच्छी सुविधाएं होती हैं.
Q5 मिड टियर बिल्डिंग क्या होती है?
ये पुरानी और औसत दर्जे की बिल्डिंग होती हैं. इनमें ग्रेड ए जैसी आधुनिक सुविधाएं और प्रीमियम लोकेशन नहीं होती. इनका किराया भी कम होता है.