&format=webp&quality=medium)
गुरूग्राम और नोएडा में गगनचुम्बी अपार्टमेन्ट्स और साउथ दिल्ली में बुटीक फ्लोर्स, आज लक्जरी हाउसिंग को नया आयाम दे रहे हैं. ये सेगमेन्ट रियल एस्टेट ग्राहकों को खूब लुभा रहे हैं. रिकॉर्ड तोड़ डील्स को देखकर ऐसा लग रहा है मानो सम्पन्न लोगों के बीच ‘चूक जाने का डर’ (FOMO) है और वे प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों का लाभ उठाने से चूकना नहीं चाहते. कई कारणों के चलते खरीददारों का झुकाव लक्ज़री हाउसिंग की ओर बढ़ रहा है, जैसे बढ़ता भरोसा, आधुनिक जीवनशैली की चाह.
हाउसिंग की कीमतों की बात करें तो 2019-2024 के बीच गुरूग्राम में 160 फीसदी और नोएडा में 146 फीसदी बढ़ोतरी हुई है. वहीं, साउथ दिल्ली में 2022-25 के बीच फ्लोर की कीमतें 105 फीसदी तक बढ़ गई हैं. कीमतों में उछाल के बावजूद दिल्ली-एनसीआर में अपार्टमेन्ट और फ्लोर की मांग थम नहीं रही. साउथ दिल्ली में फ्लोर का रीडेवलपमेन्ट आज एक नया ट्रैंड बन चुका है. जिन लोगों के पास इस इलाके में अपनी प्रॉपर्टी है, वे रीडेवलपमेन्ट के द्वारा अच्छा रिटर्न कमा रहे हैं.
सीबीआरई-एसोचैम की रिपोर्ट क अनुसार जनवरी-जून 25 के दौरान दिल्ली एनसीआर में तकरीबन 4000 लक्जरी यूनिट्स की बिक्री हुई, यह क्षेत्र लगभग 57 फीसदी योगदान के साथ सबसे आगे रहा. इस दृष्टि से पिछले साल की तुलना में तीन गुना बढ़ोतरी देखी गई. टॉप 7 शहरों में लक्जरी हाउसिंग सेगमेन्ट (7000 यूनिट्स) में जनवरी से जून 25 के दौरान सेल्स में 85 फीसदी की रिकॉर्ड बढ़ोतरी (7000 यूनिट्स) दर्ज की गई. इन टॉप सात शहरों में दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, पुणे, बैंगलुरू, कोलकाता, हैदराबाद और चेन्नई शामिल हैं.
दिल्ली-एनसीआर एवं मुंबई में 6 करोड़ रुपए या इससे अधिक की कीमतों के घरों को लक्जरी हाउसिंग में रखा जाता है. इस अवधि के दौरान तकरीबन 7300 लक्जरी यूनिट्स लॉन्च की गईं, इस दृष्टि से 30 फीसदी सालाना की बढ़ोतरी हुई. दिल्ली-एनसीआर, मुंबई एवं हैदराबाद में सबसे ज़्यादा लॉन्च हुए, जिन्होंने 2025 की पहली छमाही में कुल लक्जरी यूनिट्स के लॉन्च में 90 फीसदी से भी अधिक योगदान दिया. गुरूग्राम की प्रॉपर्टी कन्सल्टिंग फर्म इन्फ्रामंत्रा के संस्थापक शिवांग सूरज ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में गुरूग्राम और नोएडा के मार्केट, लक्जरी हाउसिंग में सबसे आगे हैं.
दिल्ली-एनसीआर में इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास में भी बदलाव आया है.इस क्षेत्र में 1.2 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाओं पर काम जारी है. इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की बात करें तो दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, द्वारका एक्सप्रेसवे, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, सोहना एलीवेटेड रोड, मेट्रो, रैपिड रेल पर विस्तार कार्य जारी है.
प्रॉपइक्विटी के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर 2024 में टॉप हाउसिंग मार्केट के रूप में उभरा, जहां 1.53 लाख करोड़ रुपए की बिक्री हुई, जिसमें से अकेले गुरूग्राम ने रु 1.07 लाख करोड़ का योगदान दिया. वास्तव में 1 लाख करोड़ रुपए के घरों की आपूर्ति दी गई, इस दृष्टि से 2024 में 73 फीसदी सालाना तथा 2022-24 के बीच 192 फीसदी सालाना की बढ़ोतरी हुई है.