दिल्ली NCR बना गोदामों का नया किंग, देसी कंपनियों का बजा डंका! जानें आपका शहर कहां है?

इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स रियल एस्टेट सेक्टर द्वारा लीजिंग 2025 के पहले 9 महीने में सालाना आधार पर 28 फीसदी बढ़ी है. टॉप आठ भारतीय शहरों में कुल लीजिंग 37 मिलियन वर्ग फुट की रही है.
दिल्ली NCR बना गोदामों का नया किंग, देसी कंपनियों का बजा डंका! जानें आपका शहर कहां है?

औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स (आईएंडएल) रियल एस्टेट क्षेत्र द्वारा लीजिंग 2025 के पहले नौ महीनों में सालाना आधार पर 28 प्रतिशत बढ़ी है. यह जानकारी शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई. वैश्विक वाणिज्यिक रियल एस्टेट और निवेश फर्म सीबीआरई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि समीक्षा अवधि के दौरान, शीर्ष आठ भारतीय शहरों-दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, पुणे, कोलकाता और अहमदाबाद - में कुल लीजिंग 37 मिलियन वर्ग फुट रही, जबकि पिछले साल यह 28.8 मिलियन वर्ग फुट थी.

दिल्ली एनसीआर की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी

रिपोर्ट में कहा गया कि इस साल के पहले 9 महीनों के दौरान कुल लीजिंग गतिविधि में दिल्ली-एनसीआर की हिस्सेदारी सबसे अधिक 11.7 मिलियन वर्ग फुट रही.

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तीसरे स्थान पर रहा बेंगलुरु और हैदराबाद

  • बेंगलुरु 5.7 मिलियन वर्ग फुट के साथ दूसरे और हैदराबाद 4.6 मिलियन वर्ग फुट के साथ तीसरे स्थान पर था.
  • कुल लीजिंग में इन तीनों शहरों की कुल हिस्सेदारी 59 प्रतिशत रही. मुंबई और कोलकाता क्रमशः 4.2 मिलियन वर्ग फुट और 3.8 मिलियन वर्ग फुट लीजिंग के साथ चौथे और पांचवे स्थान पर थे.

मुख्य शहरों में गोदामों की मांग (जनवरी-सितंबर 2025)

शहर

लीजिंग (लाख वर्ग फुट में)

दिल्ली-एनसीआर117
बेंगलुरु57
हैदराबाद46
मुंबई42
कोलकाता38

3PL और क्विक कॉमर्स के कारण मांग

सीबीआरई के अध्यक्ष और सीईओ (भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका) अंशुमान मैगजीन ने कहा, "यह मांग मुख्य रूप से थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स (3पीएल) प्रदाताओं के विस्तार और क्विक कॉमर्स में बढ़त के कारण है."

9 महीने में आपूर्ति 23.8 मिलियन वर्ग फुट

  • रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के पहले नौ महीनों के दौरान, आपूर्ति में 23.8 मिलियन वर्ग फुट की वृद्धि हुई, क्योंकि संस्थागत निवेशक-समर्थित डेवलपर्स ने अपना विस्तार जारी रखा।.इसमें बेंगलुरु, चेन्नई और मुंबई की सामूहिक रूप से 62 प्रतिशत हिस्सेदारी थी.
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि जुलाई-सितंबर तिमाही में, कुल औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स लीजिंग 10.4 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंच गई, जिसमें थर्ड-पार्टी लीजिंग (3पीएल) कंपनियों की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत थी.

तिमाही में विभिन्न सेक्टरों की हिस्सेदारी (जुलाई-सितंबर 2025)

सेक्टर

कुल लीजिंग में हिस्सेदारी

थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स (3PL)40%
ई-कॉमर्स18%
इंजीनियरिंग और विनिर्माण15%
घरेलू कंपनियां68%

ई कॉमर्स कंपनियों की हिस्सेदारी 18 फीसदी

सितंबर तिमाही में कुल औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स लीजिंग में ई-कॉमर्स कंपनियों की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत और इंजीनियरिंग एवं विनिर्माण फर्मों की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत थी. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि घरेलू कंपनियों ने कुल तिमाही लीजिंग में 68 प्रतिशत का योगदान दिया, जबकि ईएमईए कंपनियों की हिस्सेदारी 14 प्रतिशत थी.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल: 2025 में अब तक गोदामों की मांग (लीजिंग) में कितनी बढ़ोतरी हुई है?

जवाब: 2025 के पहले नौ महीनों में गोदामों की लीजिंग में पिछले साल की तुलना में 28% की बढ़ोतरी हुई है.

सवाल: किन शहरों में गोदामों की मांग सबसे ज़्यादा रही?

जवाब: सबसे ज्यादा मांग दिल्ली-एनसीआर में रही, जिसके बाद बेंगलुरु और हैदराबाद का स्थान था। इन तीनों शहरों ने मिलकर कुल लीजिंग में 59% का योगदान दिया.

सवाल: गोदामों की मांग बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?

जवाब: यह मांग मुख्य रूप से थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स (3PL) कंपनियों के विस्तार और क्विक कॉमर्स (तेजी से डिलीवरी) में हुई बढ़ोतरी के कारण बढ़ी है.

सवाल: जुलाई-सितंबर तिमाही में किन सेक्टरों ने सबसे ज्यादा जगह किराए पर ली?

जवाब: इस तिमाही में, 40% हिस्सेदारी के साथ थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स (3PL) कंपनियां सबसे आगे रहीं.

सवाल: क्या नए गोदामों का निर्माण भी हुआ है?

जवाब: हां, 2025 के पहले नौ महीनों में 23.8 मिलियन (2.38 करोड़) वर्ग फुट की नई सप्लाई हुई, जिसमें बेंगलुरु, चेन्नई और मुंबई की कुल 62% हिस्सेदारी थी.

(IANS इनपुट के साथ)

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