दिल्ली में प्रॉपर्टी विवादों पर लगेगी लगाम! हर घर के लिए जारी होगा भू-आधार, ऑनलाइन खुलेगी संपत्ति की कुंडली

दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया है. इस बजट भाषण में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन और प्रॉपर्टी विवादों से जुड़ी कई घोषणाएं की है. दिल्ली में भू-आधार को लागू किया जाएगा.
दिल्ली में प्रॉपर्टी विवादों पर लगेगी लगाम! हर घर के लिए जारी होगा भू-आधार, ऑनलाइन खुलेगी संपत्ति की कुंडली

दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.03 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया है. बजट में प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों को खत्म करने के लिए बड़ा ऐलान किया गया है. अपने बजट भाषण में सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की हर संपत्ति को अब एक यूनिक नंबर यानी भू आधार दिया जाएगा. इसके साथ ही NGDRS पोर्टल के जरिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सभी भू रिकॉर्ड्स को भी पूरी तरह से डिजिटल किया जाएगा.

प्रॉपर्टी के विवादों और भ्रष्टाचर पर लगेगी लगाम

बजट भाषण के मुताबिक डिजिटल रिकॉर्ड और यूनिक नंबर होने से प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी. इस पूरी प्रक्रिया और रेवेन्यू डिपार्टमेंट के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में 4304 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव है.

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पेपरलेस और फेसलेस रजिस्ट्रेशन प्रणाली

  • सीएम रेखा गुप्ता ने बजट भाषण में कहा है कि प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री को भी आसान और आधुनिक बनाया जा रहा है.
  • वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सब-रजिस्ट्रार लेवल पर सरकार पासपोर्ट ऑफिस की तर्ज पर मॉर्डन, पेपरलेस और फेसलेस रजिस्ट्रेशन प्रणाली शुरू करने जा रही है.
  • दिल्ली सरकार के मुताबिक प्रणाली को लागू करने की जिम्मेदारी रेवेन्यू डिपार्टमेंट की होगी.
  • सीएम रेखा गुप्ता के मुताबिक पॉलिसी प्लानिंग का मूलमंत्र पीएम मोदी का रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म है.

अनाधिकृत कॉलोनियों के लिए की बड़ी घोषणाएं

सीएम रेखा गुप्ता ने बजट भाषण में अनाधिकृत कॉलोनियों के लिए भी बड़ी घोषणाएं की हैं. इन कॉलोनियों में सड़क, ड्रेनेज, लाइट आदि जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए 800 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है.

फ्लैट्स की मरम्मत का काम शुरू

  • झुग्गी झोपड़ी कॉलोनियों, अटल कैंटीन, बस्ती विकास और सामुदायिक ढांचे के लिए दिल्ली अर्बन शेल्टर इंप्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) को 634 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं.
  • DUSIB के जरिए सावादा-घेवरा में 2416 फ्लैट्स की मरम्मत का काम शुरू किया गया है. इसके अलावा द्वारका, सुल्तानपुरी और भलस्वा में आगे की योजनाएं हैं.
  • दिल्ली बजट के मुताबिक सभी सरकारी प्रॉपर्टीज के डिजिटल डेटाबेस के लिए दिल्ली एसेट मैनेजमेंट एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम शुरू किया गया है.

13 जिलों में बनाए जाएंगे मिनी सचिवालय

बजट के मुताबिक दिल्ली में प्रशासनिक कामों को एक ही छत के नीचे लाने के लिए 13 जिलों में मिनी सचिवालय बनाए जाएंगे, जिससे जनता को एकीकृत सर्विस दी जा सके. दिल्ली सरकार ने बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कई घोषणाएं दी है. PWD की 750 किलोमीटर सड़कों को एंड टू एंड रीकार्पेटिंग और रीडेवलपमेंट के लिए 1392 करोड़ रुपए का प्रस्ताव है. MCD की सड़कों के लिए कई अलग-अलग योजनाओं के तहत लगभग 1000 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं.

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल: दिल्ली बजट 2026-27 में घोषित भू-आधार क्या है?

जवाब: बजट भाषण के मुताबिक, दिल्ली की हर संपत्ति को एक यूनिक नंबर दिया जाएगा, इसे ही भू आधार कहा जाएगा.

सवाल: भू आधार के तहत जमीन के रिकॉर्ड किस तरह से रखें जाएंगे?

जवाब: सभी लैंड रिकॉर्ड्स को NGDRS पोर्टल के जरिए डिजिटाइज किया जाएगा.

सवाल: सरकार के द्वारा भू आधार और रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन शुरू करने के अहम कारण क्या है?

जवाब:
व्यवस्था में ट्रांसपेरेंसी और संपत्ति से जुड़े विवादों और भ्रष्टाचारों को खत्म करना है.

सवाल: सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के लिए नया बदलाव क्या है?

जवाब:
पासपोर्ट ऑफिस की तरह मॉर्डन, पेपरलेस और फेसलेस रजिस्ट्रेशन प्रोसेस शुरू की जाएगी.

सवाल: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रेवेन्यू डिपार्टमेंट का कितना बजट रखा है?'

जवाब:
रेवेन्यू डिपार्टमेंट के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 4304 करोड़ रुपए का आवंटन प्रस्तावित है.

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