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दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने शहर में निवेश और बड़े पैमाने पर विकास के लिए वाणिज्यिक रियल एस्टेट संबंधी व्यापक सुधारों को मंजूरी दी है. शुक्रवार को एक बयान में यह जानकारी दी गई. उपराज्यपाल वी के सक्सेना की अध्यक्षता में हुई डीडीए की बैठक में प्राधिकरण ने वाणिज्यिक संपत्तियों के लिए एकीकरण शुल्क को सर्किल दर के मौजूदा 10 प्रतिशत से घटाकर केवल एक प्रतिशत कर दिया है.
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डीडीए ने बयान में कहा, ‘एकीकरण की उच्च लागत दिल्ली में डेवलपरों के लिए सबसे बड़ी बाधाओं में से एक थी. इस फैसले से राजधानी में वाणिज्यिक विकास की एक नई लहर शुरू होने की उम्मीद है.’यह कदम कम उपयोग वाले वाणिज्यिक भूखंडों के लिए कारगर होने की उम्मीद है. इससे डेवलपरों के लिए भूमि के अलग-अलग टुकड़ों को एक साथ जोड़ना और वहां पर बड़े स्तर की परियोजनाएं शुरू करना आर्थिक रूप से व्यवहारिक हो जाएगा.
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एक अन्य निर्णय में, प्राधिकरण ने व्यावसायिक संपत्तियों की नीलामी के लिए बेस प्राइस को सर्किल दर के दोगुने से घटाकर 1.5 गुना कर दिया. प्राधिकरण ने कहा, ‘इस बदलाव का उद्देश्य डीडीए के संपत्ति मूल्यांकन को बाजार की वास्तविकताओं के साथ जोड़ना और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में दिल्ली को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है. डेवलपर लंबे समय से परियोजनाएं पड़ोसी शहरों में ले जाने के लिए नियामकीय लागत में भारी अंतर को बड़ा कारण बताते रहे हैं.’
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डीडीए ने नरेला क्षेत्र के कई इलाकों में भूमि उपयोग में बदलाव को मंजूरी दी. प्राधिकरण ने कहा, ‘इसका उद्देश्य क्षेत्र को एक शैक्षिक केंद्र में बदलना है और साथ ही एक बहु-खेल एकीकृत स्टेडियम एवं खेल परिसर का विकास करना है. इनसे नरेला उप-नगर के नियोजित विकास में तेजी आने की उम्मीद है.’ डीडीए ने ‘प्रीमियम हाउसिंग स्कीम 2025’ लाने की भी सूचना दी. इस योजना के तहत वसंत कुंज, द्वारका, रोहिणी, पीतमपुरा, जसोला, अशोक पहाड़ी और अन्य प्रमुख स्थानों पर ई-नीलामी के जरिये निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए 177 आवासीय फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे.