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डीडीए की ट्रांजिट ओरिएंडेट डेवलपमेंट पॉलिसी (प्रतिकात्मक इमेज/AI/Gemini)
भारत सरकार ने पेट्रोल की कीमतों में 3.16 रुपए और डीजल में ₹3.11 की बढ़ोतरी हुई है. इस एनर्जी संकट के बीच दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (डीडीए) की ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट पॉलिसी (TOD) आम जनता के लिए राहत ला सकती है. दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने इस पॉलिसी के तहत वॉक टू वर्क कम्युनिटी बनाने के लिए एक हाई लेवल मीटिंग की है. इस पॉलिसी का मुख्य फोकस मेट्रो, RRTS स्टेशनों के आसपास हाई डेंसिटी और मिक्स्ड यूज डेवलपमेंट को बढ़ावा देना है. इससे लोगों को रहने, काम करने और दुकानों की सुविधा एक ही जगह मिलेगी, जिससे गाड़ियों पर निर्भरता कम होगी और ईंधन की भी बचत होगी.
डीडीए ने 6 अप्रैल 2026 को TOD पॉलिसी को नोटिफाई किया था. इसके तहत मेट्रो और रेलवे स्टेशन के 500 मीटर के दायरे में विकास किया जाएगा.
पैदल मार्ग से जुड़ेंगे ट्रांजिट स्टेशन
TOD प्रोजेक्ट के मुख्य पैमाने
| पैमाना | निर्धारित सीमा / नियम |
| न्यूनतम TOD प्लॉट एरिया | 2000 वर्ग मीटर |
| बेस FAR | 400 |
| अधिकतम FAR | 500 |
| ग्राउंड कवरेज | अधिकतम 40% |
| पार्किंग सुविधा | प्रति 100 वर्ग मीटर एफएआर पर 1 कार स्पेस (ECS) |
| पहुंच मार्ग (सड़क की चौड़ाई) | न्यूनतम 18 मीटर ROW |
दिल्ली मेट्रो के 207 किलोमीटर लंब नेटवर्क के आसपास इस पॉलिसी को लागू करने से 30 से 40 वर्ग किलोमीटर की नई विकसित जमीन उपलब्ध होगी.
न के बराबर रह जाएगी गाड़ियों की जरूरत
TOD पॉलिसी के तहत FAR का मिक्स्ड-यूज
| उपयोग का प्रकार | कुल FAR का हिस्सा | शामिल सुविधाएं |
| आवासीय (100 वर्ग मीटर से कम) | न्यूनतम 65% | गेस्ट हाउस और स्टूडियो अपार्टमेंट सहित छोटे फ्लैट |
| आवासीय/ऑफिस | अधिकतम 25% | बड़े आवासीय फ्लैट, ऑफिस स्पेस |
| व्यावसायिक और सामाजिक सुविधाएं | न्यूनतम 10% | पास की दुकानें और जरूरी सामाजिक सुविधाएं. |
वॉक-टू-ट्रांजिट से फ्यूल तो बचेगा ही, साथ ही इस पॉलिसी के तहत बनने वाले प्रोजेक्ट्स को मौजूदा ग्रीन बिल्डिंग नियमों का भी पालन करना होगा. इनमें जल संरक्षण, जीरो डिस्चार्ज, डुअल पाइपिंग, वेस्ट मैनेजमेंट और सोलर एनर्जी का इस्तेमाल जरूरी होगा. TOD प्रोजेक्ट्स को जमीन पर तेजी से उतारने के लिए दो महीने की समय सीमा तय की गई है. यदि दो महीने में प्राधिकरण की तरफ से अगर कोई जवाब नहीं आता है तो प्रस्ताव को हर तरह से पूरा मानते हुए अपने आप मंजूर हो जाएगा. इसके लिए एक समर्पित TOD कमेटी भी बनाई जाएगी.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 ट्रांजिट ओरिएंट डेवलपमेंट (TOD) क्या है?
ट्रांजिट ओरिएंट डेवलपमेंट में मेट्रो के आसपास सघन और मिक्स्ड यूज वाली इमारतें बनाने पर जोर दिया जाता है.
Q2 वॉक टू ट्रांजिट और वॉक टू वर्क का क्या मतलब है?
वॉक टू ट्रांजिट में आपके घर, ऑफिस और जरूरी दुकानें एक ही इलाके में या पैदल चलने की दूरी पर विकसित की जाती है.
Q3 TOD जो में कौन से इलाके शामिल होंगे?
इसमें प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर के बीच की रेखा से दोनों तरफ 500 मीटर चौड़ा इलाका और RRTS या रेलवे स्टेशन के 500 मीटर की परिधि वाले नोड के अंतर्गत वाले क्षेत्र TOD जोन कहलाएगा.
Q4 TOD में ईंधन की बचत कैसी होगी?
रिहायशी और कमर्शियल इलाके मेट्रो स्टेशन के ठीक पास होंगे. साथ ही पैदल और भूमिगत मार्ग से स्टेशन सीधे जुड़े होंगे. इससे ईंधन की बड़े पैमानी पर बचत होगी.
Q5 पॉलिसी का फायदा उठाने के लिए कितनी जमीन होनी चाहिए?
TOD पॉलिसी का हिस्सा बनने के लिए एक प्लॉट का न्यूनतम क्षेत्रफल 2000 वर्ग मीटर होना जरूरी है. प्लॉट पूरी तरह या आंशिक रूप TOD जोन में आना चाहिए.