DDA प्लॉट्स ऑक्शन: 90 दिन में पैसा नहीं तो बिड रद्द, 3 महीने में कब्जा जरूरी, जानिए पेमेंट प्लान-पजेशन के नियम

दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (डीडीए) रेजिडेंशियल प्लॉट्स की ई-नीलामी करने जा रही है. अगर आप ई-नीलामी में हिस्सा लेना चाहते हैं तो लेट फीस, पेनल्टी से लेकर पजेशन तक के नियमों को जानना बेहद जरूरी है.
DDA प्लॉट्स ऑक्शन: 90 दिन में पैसा नहीं तो बिड रद्द, 3 महीने में कब्जा जरूरी, जानिए पेमेंट प्लान-पजेशन के नियम

डीडीए रेजिडेंशियल प्लॉट के नियम (प्रतीकात्मक इमेज/AI/ Gemini )

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) 22वें फेज के ई-ऑक्शन के तहत रेजिडेंशियल प्लॉट्स की ई-नीलामी करने जा रही है. यह प्लॉट्स रोहिणी, द्वारका, सफदरगंज डेवलपमेंट एरिया (SDA) और रमेश नगर जैसी प्राइम लोकेशन्स पर स्थित है. ई-नीलामी में हिस्सा लेने और प्लॉट के आवंटन के बाद, पेमेंट से लेकर पजेशन तक के नियम काफी सख्त हैं. डीडीए के ये सभी प्लॉट्स 'जैसा है, जहां है' की तर्ज पर हैं. ऐसे में रजिस्ट्रेशन और नीलामी में हिस्सा लेने से पहले पेमेंट प्लान, ब्याज दरें, पजेशन के नियमों को जानना बेहद जरूरी है. आपको बता दें कि इन प्लॉट्स के लिए ई-नीलामी की तारीखों की घोषणा डीडीए द्वारा अलग से की जाएगी.

पहले चरण में देना होगी 5% EMD

डीडीए के रेजिडेंशियल प्लॉट्स की नीलामी में हिस्सा लेने के लिए बिडर को रिजर्व प्राइस का 5 फीसदी पैसा पहले चरण की बयाना राशि (EMD) के रूप में जमा करना होगा.

60 दिन का मिलेगा अतिरिक्त वक्त

  • सफल बिडर को दूसरे चरण में कुल बोली का 25 फीसदी जमा करना होगा, जिसमें 5% EMD शामिल है. यह राशि लेटर ऑफ इंटेंट जारी होने के 1 हफ्ते के अंदर चुकानी होगी.
  • 25 फीसदी EMD जमा करने के बाद डीडीए की तरफ से डिमांड कम अलॉटमेंट लेटर जारी किया जाएगा. इस लेटर के जारी होने के दो महीने के अंदर बिडर को बिना किसी ब्याज के बकाया 75 फीसदी रकम चुकानी होगी.
  • बिडर 60 दिन में पैसा नहीं देता है तो उसे अधिकतम 90 दिन तक का वक्त मिलेगा, लेकिन इस बढ़े हुए समय के लिए उसे बकाया रकम पर 10 फीसदी सालाना की दर से ब्याज देना होगा.
  • ब्याज का कैलकुलेशन 15 दिन के आधार पर किया जाएगा. 15 दिन की देरी पर 15 दिन का ब्याज, 16 से 30 दिन की देरी पर पूरे 30 दिन का ब्याज लगेगा.
  • 90 दिन तक पैसा न चुकाने पर बिड रद्द कर दी जाएगी और जो 25 फीसदी बयाना राशि जमा की गई है, वह डीडीए द्वारा जब्त कर ली जाएगी.

लोकेशन, एरिया और रिजर्व प्राइस की डीटेल्स

लोकेशनएरिया (स्क्वायर मीटर)प्लाट्स की संख्यारिजर्व प्राइस (रुपये)
रोहिणी119 से 1261883,39,520 से 8,14,59,60
द्वारका167.18 से 260211,17,95,543 से 13,30,46,800
SDA90.314,91,20,456
रमेश नगर83.631,06,74,048

2 दिनों का दिया जाएगा ग्रेस पीरियड

डीडीए के नियमों के मुताबिक यदि सफल बिडर दूसरे चरण की EMD देने में तय 1 हफ्ते से लेट होता है, तो उसे 2 वर्किंग डेज का ग्रेस पीरियड दिया जाएगा, लेकिन इसके लिए पेनल्टी देनी होगी.

20,000 रुपए की पेनल्टी

  • 1 करोड़ रुपए तक की बिड पर पांच हजार रुपए की पेनल्टी लगेगी.
  • 1 करोड़ रुपए से 10 करोड़ तक की बिड पर 10 हजार रुपए पेनल्टी लगेगी.
  • 10 करोड़ रुपए से ऊपर की बिड पर 20,000 रुपए की पेनल्टी देनी होगी.
  • सफल बिडर 75 फीसदी बकाया कीमत चुकाने के लिए बैंक या वित्तीय संस्थानों से लोन भी ले सकते हैं.
  • लोन के लिए डीडीए की तरफ से मॉर्गेज और NOC की परमिशन दी जाएगी.

योजना से जुड़ी अहम तारीख

विवरणतारीख / समय
रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज की ई-नीलामी के लिए नोटिस जारी होने की तारीख22.04.2026
ई-ऑक्शन की जानकारी के लिए हेल्प डेस्क शुरू होने का समय23.04.2026 (सुबह 11:00 बजे से)
ई-ऑक्शन/ऑफर डॉक्यूमेंट्स के लिए एप्लीकेशन उपलब्ध होने की अवधि23.04.2026 से 22.05.2026
EMD (बयाना राशि) ऑनलाइन जमा करने की आखिरी तारीख22.05.2026 (शाम 6 बजे तक)

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भूमि पोर्टल के जरिए फिजिकल पजेशन लेटर

डीडीए के नियमों के मुताबिक बकाया राशि और ब्याज चुकाने के बाद भूमि पोर्टल के जरिए फिजिकल पजेशन लेटर जारी किया जाएगा. फिजिकल पजेशन लेटर जारी होने के 30 दिन के अंदर खरीदार को एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के ऑफिस जाकर जमीन का कब्जा लेना होगा. अगर खरीदार कब्जा लेने में देरी करता है, तो डीडीए द्वारा उस पर 1000 रुपए प्रति महीने के हिसाब से पेनल्टी लगाई जाएगी. पजेशन लेटर जारी होने के 3 महीने के अंदर कब्जा लेना जरूरी है. यदि ऐसा नहीं हुआ तो अलॉटमेंट लेटर को रद्द कर दिया जाएगा.

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 रिजर्व प्राइस किसे कहते हैं?

रिजर्व प्राइस वह न्यूनतम कीमत होती है, जिसके ऊपर ही बोली लगानी होती है.

Q2 EMD का मतलब क्या है?

यह एक तरह की सिक्युरिटी मनी होती है. यह दर्शाती है कि खरीदार गंभीर है. नीलामी में नाम न आने पर यह वापस कर दी जाती है. वहीं, नीलामी जीतने पर इस फाइनल अमाउंट में एडजस्ट किया जाता है.

Q3 H1 बिडर कौन होता है?

जो व्यक्ति नीलामी में सबसे ज्यादा बोली लगाता है उसे H1 बिडर कहते हैं.

Q4 फ्रीहोल्ड प्रॉपर्टी किसे कहते हैं?

फ्री होल्ड प्रॉपर्टी में जमीन पर पूरा मालिकाना हक होता है, खरीदार को मकान बनाने का पूरा अधिकार होता है.

Q5 लैंड यूज से क्या मतलब होता है?

सरकार हर जमीन का उद्देश्य तय करती है. इसे लैंड यूज कहते हैं. यानी कृषि लैंड यूज वाली जमीन पर आप रिहायशी निर्माण नहीं कर सकते हैं.

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