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राजधानी दिल्ली में प्राइवेट जमीन पर कर सकेंगे निर्माण (प्रतीकात्मक इमेज/Gemini)
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में अपनी प्राइवेट जमीन पर सपनों का घर बनाने की सोच रहे हैं, तो डीडीए ने बड़ी राहत दी है. दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने नया नोटिस जारी कर प्राइवेट जमीन पर निर्माण और नक्शा पास कराने की स्थिति को साफ कर दिया है. इसका फायदा आम जनता और घर खरीदारों को होगा, जो अपनी जमीन पर वैध तरीके से घर बनाना चाहते हैं. अब खरीदार बिना किसी कंफ्यूजन के MCD, DDA या NDMC जैसे प्राधिकरण से अपनी जमीन का नक्शा आधिकारिक तौर पर पास करवा सकते हैं.
DDA के इस आदेश से मिडिल क्लास को सबसे बड़ा फायदा यह है कि निर्माण पूरी तरह से मास्टर प्लान और जोनल प्लान के तहत लीगल माना जाएगा. इससे अथॉराइज्ड प्रोजेक्ट्स पर बैंकों से होम लोन मिलना भी आसान होगा.
4 जुलाई 2018 को नोटिफाई हुए थे नियम
नक्शा पास कराने के लिए जरूरी दस्तावेज, NOC और लागू शुल्क
| जरूरी दस्तावेज/शुल्क | किससे लेना होगा / किसे देना होगा |
| डायमेंशंड सर्वे प्लान | DDA या संबंधित स्थानीय निकाय में जमा होगा |
| विभिन्न NOC और सेवाएं | संबंधित सरकारी विभाग / सर्विस प्रोवाइडर एजेंसी |
| बाहरी विकास शुल्क | सर्विस प्रोवाइडर |
| कन्वर्जन एवं अन्य शुल्क | सरकार / संबंधित अथॉरिटी |
प्राइवेट लैंड में डेवलपमेंट की परमिशन पाने के लिए जमीन के मालिक को 1: 1000 के पैमान पर एक डायमेंशंड सर्वे प्लान के साथ डीडीए या संबंधित निकाय को आवेदन करना होगा.
डीडीए और स्थानीय निकाय करेगा जांच
नक्शा (ले-आउट प्लान) पास कराने की जिम्मेदारियां
| चरण | किसकी जिम्मेदारी |
| शुरुआती आवेदन | जमीन का मालिक |
| जानकारी व शुल्क का निर्धारण | DDA / स्थानीय निकाय |
| ले-आउट प्लान तैयार करना | जमीन का मालिक |
| मंजूरी के लिए फाइनल सबमिशन | जमीन का मालिक |
| नक्शे की समयबद्ध मंजूरी | प्लान सैंक्शनिंग अथॉरिटी |
नोटिफिकेशन के मुताबिक नक्शे और प्लान की मंजूरी लागू लैंड यूज, नोटिफाई नियमों और मास्टर प्लान/जोनल प्लान के मुताबिक ही दी जाएगी. 2018 के नियम उन जमीन पर लागू होता है जहां मास्टर प्लान 1962 के लागू होने से पहले से गतिविधियां मौजूद थीं. नियम उन जमनों को भी कवर करता है जो मास्टर प्लान के एग्जीक्यूशन के दौरान योजना का हिस्सा बनने से छूट गई थीं या जिन्हें डीडीए द्वारा किसी कारण अधिग्रहित नहीं किया जा सका था.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 जमीन पर घर बनाने से पहले नक्शा पास करना जरूरी क्यों जरूरी होता है?
नक्शा पास करना कानूनी तौर से जरूरी है. नक्शा सुनिश्चित करता है कि बिल्डिंग सुरक्षित है और शहर के मास्टरप्लान के मुताबिक है.
Q2 अगर नक्शा नहीं पास करवाया है तो क्या होगा?
बिना नक्शा पास किए कोई भी निर्माण अवैध माना जाता है. प्राधिकरण उस पर बुलडोजर चला सकता है. साथ ही रजिस्ट्री भी नहीं होगी और न ही कोई होम लोन मिलेगा.
Q3 शहर का मास्टर प्लान क्या होता है?
मास्टर प्लान किसी भी शहर के भविष्य के विकास का ब्लूप्रिंट होता है. इससे तय होता है कि शहर में रेजिडेंशियल इलाके, कमर्शियल मार्केट, पार्क और सड़कें आदि कहां-कहां होंगी.
Q4 लैंड यूज से क्या मतलब होता है?
सरकार हर जमीन का उद्देश्य तय करती है. इसे लैंड यूज कहते हैं. यानी कृषि लैंड यूज वाली जमीन पर आप रिहायशी निर्माण नहीं कर सकते हैं.
Q5 कंप्लीशन सर्टिफिकेट क्या होता है?
घर जब पूरी तरह से तैयार हो जाता है तो संबंधित प्राधिकरण कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी करता है. ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी होने से पहले अथॉरिटी जांच करती है घर पास हुए नक्शे के हिसाब से ही बना है.