AI ने इस प्रॉपर्टी को बना दिया नए सोने की खान, ऑफिस-गोदाम नहीं, निवेशक यहां लगा रहे हैं खरबों रुपए का दांव

रियल एस्टेट की दुनिया में निवेश के ट्रेंड में तेजी से बदल गया है. AI ने पूरा खेल बदल दिया है. लोग अब ऑफिस और इंडस्ट्रियल स्पेस को छोड़कर इस नए प्रॉपर्टी में निवेश किया है. जानिए क्या कहती है रिपोर्ट.
AI ने इस प्रॉपर्टी को बना दिया नए सोने की खान, ऑफिस-गोदाम नहीं, निवेशक यहां लगा रहे हैं खरबों रुपए का दांव

रियल एस्टेट की दुनिया में निवेश का पारंपरिक चेहरा बहुत तेजी से बदल रहा है. अभी तक आलीशान ऑफिस, शॉपिंग मॉल और वेयरहाउस निवेश के लिए पहली पसंद थे लेकिन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने पूरा खेल बदल दिया है. AI के बाद से डेटा सेंटर्स एक नए सितारे के तौर पर उभर रहा है. रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म Colliers की ग्लोबल कैपिटल फ्लोज रिपोर्ट के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल क्रांति की वजह से निवेशक अब ऑफिस और इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टी को छोड़कर डेट सेंटर पर खरबों रुपए लगा रहे हैं.

रियल एस्टेट फंडरेजिंग की वापसी

Colliers की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2025 की पहली छमाही में ग्लोबल रियल एस्टेट फंडरेजिंग में जबरदस्त वापसी हुई है, और कुल 111 बिलियन डॉलर (लगभग 9.25 लाख करोड़ रुपए) जुटाए गए हैं.

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प्रॉफिट भुनाने के लिए बड़ा दांव

  • चौंकाने वाली बात यह है कि यह पैसा कहां जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, निवेशक, AI और डिजिटल ग्रोथ से होने वाले प्रॉफिट को भुनाने के लिए डेटा सेंटर्स पर बड़ा दांव लगा रहे हैं.

इंडस्ट्रियल-ऑफिस से ज्यादा पूंजी

  • 2025 की पहली छमाही में डेटा सेंटर्स के लिए जुटाई गई पूंजी इंडस्ट्रियल और ऑफिस, दोनों सेक्टरों को मिलाकर जुटाई गई पूंजी से कहीं ज्यादा है. एक बहुत बड़ा बदलाव है, क्योंकि इंडस्ट्रियल सेक्टर लंबे वक्त से निवेशकों का पसंदीदा रहा है.

AI और डिजिटल डेटा की विस्फोटक मांग

रिपोर्ट के मुताबिक रियल एस्टेट में बदलाव के पीछे एक बड़ी वजह AI और डिजिटल डेटा की विस्फोटक डिमांड है. आज चाहे वो ऑनलाइन शॉपिंग हो, वीडियो स्ट्रीमिंग, वर्क फ्रॉम होम या फिर AI ऐप, इन सभी के पीछे बड़ा डेटा सेंटर्स का नेटवर्क काम करता है.

  • रिपोर्ट के मुताबिक जैसे-जैसे दुनिया ज्यादा से ज्यादा डिजिटल होती जा रही है, वैसे-वैसे इन डेटा सेंटर्स की मांग में इजाफा हो रहा है.
  • निवेशक इसी भविष्य की जरूरत को पहचानकर पारंपरिक रियल एस्टेट की बजाय इस डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में पैसा लगा रहे हैं.

H1 2025 में किस सेक्टर में कितना पैसा आया?

रियल एस्टेट सेक्टर

जुटाई गई पूंजी का हिस्सा (%) (अनुमानित)

मल्टीफैमिली (आवासीय)41%
डेटा सेंटर्स35%
ऑफिस5%
इंडस्ट्रियल (गोदाम)4%
अन्य15%

एशिया-पैसेफिक और यूरोप ने की दमदार वापसी

Colliers की रिपोर्ट के मुताबिक ग्लोबल ऑफिस सेक्टर ने एशिया-पैसिफिक और यूरोप ने दमदार वापसी की है और वहां पर यह निवेश के लिए पहली पसंद बना हुई है. दूसरी तरफ ग्लोबल लेवल पर सबसे ज्यादा पैसा अभी मल्टीफैमिली यानी रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी में पैसा लगा रहे हैं. लेकिन डेटा सेंटर्स की तूफानी रफ्तार ने सभी को हैरान कर दिया है. इस रिपोर्ट से साफ संकेत मिलता है कि भविष्य का रियल एस्टेट डिजिटल होने वाला है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल: डेटा सेंटर्स क्या होते हैं?

जवाब: डेटा सेंटर्स विशाल बिल्डिंग होती हैं जहां बड़ी मात्रा में कंप्यूटर सर्वर और डेटा स्टोरेज सिस्टम रखे जाते हैं. इंटरनेट की दुनिया इन्हीं पर चलती है.

सवाल: निवेशक अचानक डेटा सेंटर्स में पैसा क्यों लगा रहे हैं?

जवाब: AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल डेटा की बढ़ती खपत के कारण डेटा सेंटर्स की मांग तेजी से बढ़ी है, जिससे निवेशकों को इसमें भारी मुनाफे की उम्मीद है.

सवाल: डेटा सेंटर्स की वजह से किन रियल एस्टेट सेक्टरों में निवेश कम हुआ है?

जवाब: Colliers की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 की पहली छमाही में डेटा सेंटर्स ने फंड जुटाने के मामले में इंडस्ट्रियल (गोदाम) और ऑफिस सेक्टर को काफी पीछे छोड़ दिया है.

सवाल: 2025 की पहली छमाही में रियल एस्टेट के लिए कुल कितना फंड जुटाया गया?

जवाब: 2025 की पहली छमाही में वैश्विक स्तर पर रियल एस्टेट के लिए कुल 111 बिलियन डॉलर की पूंजी जुटाई गई.

सवाल:डेटा सेंटर्स की मांग के पीछे मुख्य कारण क्या है?

जवाब: इसके पीछे मुख्य कारण AI और डिजिटल-आधारित कमर्शियल ग्रोथ है, जिसमें निवेशक बड़ा अवसर देख रहे हैं.

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