रियल एस्टेट बाजार में बदला कमाई का ट्रेंड, जमीन-मकान नहीं ऑफिस करा रहे मोटी कमाई, ये दो शहर सबसे आगे

Office Space Market: देश का ऑफिस स्पेस मार्केट कोरोना महामारी के बाद पूरी तरह से उभर गया है. ताजा रिपोर्ट के मुताबिक अहम शहरों में ऑफिस स्पेस में जबरदस्त डिमांड दर्ज की गई है, जो बढ़कर 3.45 करोड़ वर्ग फुट तक पहुंच गई है.
रियल एस्टेट बाजार में बदला कमाई का ट्रेंड, जमीन-मकान नहीं ऑफिस करा रहे मोटी कमाई, ये दो शहर सबसे आगे

Office Space Market: देश का ऑफिस रियल एस्टेट मार्केट कोरोना महामारी से पूरी तरह उभरकर पूरी मजूबती के पास वापस पटरी पर लौट आया है. CREDAI और CRE Matrix की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 2025 की पहली छमाही में देश के अहम शहरों में ऑफिस स्पेस की जबरदस्त डिमांड देखी गई है. ये बढ़कर 3.45 करोड़ वर्ग फुट तक पहुंच गई है. इस मजबूत डिमांड के कारण ऑफिसों में खाली जगह यानी वैकेंसी रेट में 2.10 फीसदी की गिरावट आई है. दूसरी तरफ औसत किराया बढ़कर 90.7 रुपए प्रति वर्ग फुट प्रति माह हो गया है.

IT/ITES सेक्टर की भारी डिमांड

CREDAI और CRE Matrix की रिपोर्ट के मुताबिक ऑफिस स्पेस की डिमांड में सबसे ज्यादा योगदान IT/ITES सेक्टर का रहा है. इन सेक्टर का कुल डिमांड का 24 फीसदी हिस्सा लिया है.

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दूसरे नंबर BFSI सेक्टर

  • बैंकिंग फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस (BFSI) स्केटर 20 फीसदी ग्रोथ के साथ दूसरे नंबर पर रहा है.

को-वर्किंग स्पेस का चलन

  • को-वर्किंग स्पेस का चलन भी तेजी के साथ बढ़ रहा है. इसकी कुल हिस्सेदारी 19 फीसदी रही है.
  • को-वर्किंग स्पेस में हैदराबाद सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बनकर उभरा है. इस सेक्टर की कुल मांग का 29 फीसदी हिस्सा दर्ज किया है.

किस सेक्टर की कितनी हिस्सेदारी

सेक्टरमांग में हिस्सेदारी
IT/ITES24%
BFSI20%
को-वर्किंग19%

हैदराबाद और पुणे मेट्रो शहर को दे रहे टक्कर

CREDAI और CRE Matrix की रिपोर्ट के मुताबिक ऑफिस सप्लाई के मामले में हैदराबाद और पुणे पारंपरिक मेट्रो शहरों को बेहद कड़ी टक्कर दे रहे हैं.

मुंबई को पीछे छोड़ सकता है मुंबई

  • साल 2025 की दूसरी तिमाही में देश की कुल नई ऑफिस सप्लाई का 54 फीसदी हिस्से अकेले पुणे और हैदराबाद से आया है.
  • यही नहीं, इस रिपोर्ट में ये अनुमान भी लगाया गया है कि अगले तीन महीनों में हैदराबाद कुल ऑफिस स्टॉक के मामले में देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को पीछे छोड़ सकता है.

एक नजर में आंकड़े

प्रमुख बाजार संकेतक

आंकड़े (H1 CY'25)

कुल मांग

3.45 करोड़ वर्ग फुट

कुल नई सप्लाई

2.88 करोड़ वर्ग फुट

औसत किराया

₹90.7/वर्ग फुट/माह

मांग-सप्लाई अनुपात1.3 गुना

नए दौर में ऑफिस बाजार

CREDAI के अध्यक्ष शेखर पटेल ने रिपोर्ट पर कहा है कि, "भारत का ऑफिस बाजार अब एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां पर ग्रोथ सिर्फ पारंपरिक मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं है." दूसरी तरफ CRE Matrix के सीईओ अभिषेक किरण गुप्ता ने बताया कि मजबूत घरेलू मांग और ग्लोबल कंपनियों के विस्तार के कारण बाजार में मजबूती बनी हुई है, जिससे भारत अब पूरी तरह से "मकान मालिकों का बाजार" (लैंडलॉर्ड मार्केट) बन गया है.

खबर से जुड़े FAQs

सवाल: 2025 में भारत के ऑफिस रियल एस्टेट मार्केट की क्या स्थिति है?

जवाब: ऑफिस मार्केट पूरी मजबूती से पटरी पर लौट आया है। 2025 की पहली छमाही में 3.45 करोड़ वर्ग फुट की जबरदस्त मांग देखी गई है, खाली जगहों में 2.10% की गिरावट आई है और औसत किराया बढ़कर ₹90.7 प्रति वर्ग फुट हो गया है.

सवाल: ऑफिस स्पेस की सबसे ज्यादा मांग किन सेक्टर्स से आ रही है?

जवाब: सबसे ज्यादा मांग IT/ITES सेक्टर (24%) से है, इसके बाद BFSI सेक्टर (20%) और को-वर्किंग स्पेस (19%) का नंबर आता है.

सवाल: ऑफिस सप्लाई के मामले में कौन से शहर सबसे आगे निकल रहे हैं?

जवाब: पुणे और हैदराबाद पारंपरिक मेट्रो शहरों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। 2025 की दूसरी तिमाही में देश की कुल नई ऑफिस सप्लाई का 54% हिस्सा इन्हीं दो शहरों से आया है.

सवाल: रिपोर्ट में हैदराबाद के बारे में क्या खास बात बताई गई है?

जवाब: हैदराबाद को-वर्किंग स्पेस के लिए देश का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बनकर उभरा है. इसके अलावा, यह भी अनुमान है कि अगले तीन महीनों में हैदराबाद कुल ऑफिस स्टॉक के मामले में मुंबई को भी पीछे छोड़ सकता है.

सवाल: ऑफिस का किराया बढ़ रहा है या घट रहा है?

जवाब: ऑफिस का औसत किराया बढ़ रहा है और यह ₹90.7 प्रति वर्ग फुट प्रति माह के स्तर पर पहुंच गया है.

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शिवम पांडे

शिवम पांडे

शिवम पांडे जी बिजनेस में बतौर चीफ सब एडिटर (Chief Sub Editor) अपनी सेवाएं दे रहे हैं. उन्हें मीडिया इंडस्ट्री में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है. श

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