कोविड हो या नोटबंदी की मार, रियल एस्टेट मार्केट ने बड़े संकटों में नहीं मानी हार, अब युद्ध में भी होगा पास?

पश्चिम एशिया युद्ध की चपेट में रियल एस्टेट सेक्टर भी आया है. निर्माण सामग्री में लागत काफी बढ़ गई है. हालांकि, कोविड महामारी, नोटबंदी जैसे संकट में भी मजबूती के साथ उभरा है.
कोविड हो या नोटबंदी की मार, रियल एस्टेट मार्केट ने बड़े संकटों में नहीं मानी हार, अब युद्ध में भी होगा पास?

Representative Image (AI Generated)

पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव गहरा गया है. पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका के बीच वार्ता फेल हो गई, इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में नाकेबंदी का आदेश दिया है. इस कदम से एक बार फिर फ्यूल और एनर्जी से जुड़ा संकट खड़ा हो सकता है. इस संकट की चपेट में रियल एस्टेट सेक्टर भी है, जिसमें निर्माण सामग्री की लागत काफी बढ़ गई है. हालांकि, चाहे कोविड महामारी हो या नोटबंदी से उपजे हालात भारत का रियल एस्टेट सेक्टर हर संकट में ज्यादा मजबूती के साथ उभरा है.

होम बायर्स के सेंटिमेंट्स हो सकते हैं प्रभावित

ब्रोकरेज हाउस कोटक इंस्टीट्यूशन इक्विटीज की रिपोर्ट के मुताबिक घर खरीदने का फैसला हर होम बायर अपनी इच्छा और क्षमता के आधार पर लेता है. ऐसे में धारणा कमजोर होने या फिर लागत बढ़ने पर बिक्री पर भी असर पड़ता है.

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सेल्स वॉल्यूम में नहीं आई गिरावट

  • रिपोर्ट के मुताबिक ऐतिहासिक घटनाओं से पता चलता है कि बड़े झटकों के बाद भी घरों की सेल्स वॉल्यूम हमेशा तुरंत प्रभावित नहीं होती है.
  • ब्रोकरेज के मुताबिक साल 2020 में कोविड 19 महामारी की शुरुआती के बाद घरों की सेल्स वॉल्यूम में कोई भी गिरावट देखी नहीं गई थी.
  • कोविड महामारी के बाद वित्तीय वर्ष 2020 में यह इंडस्ट्री की सेल्स ग्रोथ 75 फीसदी तक पहुंच गई थी.
  • महामारी के अलावा साल 2016 में नोटबंदी के दौरान भी रियल एस्टेट में सेल्स वॉल्यूम में मजबूत ट्रेंड देखने को मिला था.
  • नोटबंदी के झटके के बावजूद वित्तीय वर्ष 2017 में इंडस्ट्री की बिक्री में 20 फीसदी की मजबूत ग्रोथ देखी गई थी.

प्रमुख कंपनियों की तिमाही प्री सेल्स

कंपनी का नामQ4FY26E (अनुमानित बिक्री - अरब रुपये में)Q4FY26E टिप्पणी / मुख्य प्रोजेक्ट्स
गोदरेज80ODC, नायगांव में इन्वेंट्री लॉन्च + सस्टेनेंस सेल्स
प्रेस्टीज77एवरग्रीन@रेनट्री पार्क लॉन्च + सस्टेनेंस सेल्स
लोधा डेवलपर्स59वर्ली रेसी प्रोजेक्ट + विक्रोली प्रोजेक्ट + सस्टेनेंस सेल्स
DLF40द डहेलियास (The Dahlias) का योगदान

Kotak Report

सोर्स: कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज

युद्ध के कारण सप्लाई चेन का असर

ब्रोकरेज के मुताबिक मौजूदा युद्ध के कारण सप्लाई चेन पर काफी असर पड़ा है. युद्ध से LPG की सप्लाई कम हो गई है और मजदूर वापस गांवों की तरफ पलायन कर रहे हैं.

स्टील की लागत में बढ़ोतरी

  • गुजरात के मोरबी में मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी बंद होने के कारण मार्केट में टाइल्स की भारी कमी देखी गई है.
  • ईंधन और माल ढुलाई की लागत बढ़ने के कारण सीमेंट और स्टील के दामों में भी काफी बढ़ोतरी हुई है.
  • मार्च 2026 में स्टील की लागत में 3,000-4,000 रुपए प्रति टन का उछाल देखने को मिला है.
  • पेट कोक और कोयले की आयात महंगे होने के कारण सीमेंट बैंग की कीमतें 40 से 50 फीसदी तक बढ़ गई है.

रियल एस्टेट निर्माण लागत में अलग-अलग चीजों का हिस्सा (%)

कमोडिटी / घटककुल लागत में हिस्सा (%)
लेबर (मजदूर)34.20%
RMC12.30%
स्टील11.70%
फ्लोरिंग5.20%
इलेक्ट्रिकल3.80%
लिफ्ट और एलीवेटर3.70%
बाहरी खिड़कियां3.30%

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EBITDA मार्जिन पर 200-300 bps का असर

रिपोर्ट के मुताबिक स्टील, सीमेंट, PVC, एल्यूमीनियम और पेंट जैसे कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण डेवलपर्स के EBITDA मार्जिन पर 200 से 300 बेसिस प्वाइंट्स (bps) का असर पड़ सकता है.

रियल एस्टेट डेवलपर्स पर नहीं है भारी कर्ज

  • युद्ध और तनाव यदि लंबे वक्त तक खिंचते हैं, तो मार्जिन पर प्रभाव 500 bps तक जा सकता है. हालांकि, संकट के बीच राहत की बात है कि मौजूदा वक्त में रियल एस्टेट डेवलपर्स पर भारी कर्ज नहीं है. वह लीवरेज के मोर्चे पर सुरक्षित स्थिति में है.
  • रिपोर्ट का मानना है कि मौजूदा युद्ध या अनिश्चतता के कारण वास्तव में लोग घर खरीदना कम कर देंगे या नहीं, यह अभी 100 फीसदी दावे के साथ नहीं कहा जा सकता है.
  • नोटबंदी और कोविड महामारी के आंकड़े देखें तो यह संकेत मिलते हैं कि आर्थिक अनिश्चितताओं के दौर में भी घर खरीदारों के उत्साह में कमी नहीं आती है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल: नोटबंदी से रियल एस्टेट सेक्टर पूरी तरह से बैठ गया था?

जवाब:
नोटबंदी के वक्त 20 फीसदी रियल एस्टेट सेल्स वॉल्यूम देखी गई है.

सवाल: कोविड महामारी के दौरान रियल एस्टेट सेक्टर का प्रदर्शन कैसा रहा है?

जवाब:
कोविड महामारी के दौरान रियल एस्टेट सेक्टर की सेल्स वॉल्यूम 75 फीसदी रही है.

सवाल: पश्चिम एशिया के युद्ध से निर्माण सामग्री पर क्या असर पड़ा था?

जवाब: पश्चिम एशिया के युद्ध से निर्माण सामग्री की लागत में 40 से 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

सवाल: युद्ध के कारण डेवलपर्स के मार्जिन पर क्या असर पड़ा है?

जवाब: कच्चे माल की लागत बढ़ने के कारण मार्जिन पर 200 से 300 बेसिस प्वाइंट का असर पड़ा है.

सवाल: युद्ध के बीच रियल एस्टेट सेक्टर का हाल कैसा हो सकता है?

जवाब:
युद्ध के कारण घर खरीदार घर खरीदना कम कर देंगे, इस पर फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता है.

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