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रियल एस्टेट में निवेशक केवल मकान और दुकान खरीदने तक सीमित नहीं रहना चाहते हैं, बल्कि वे उस कंपनी या बिजनेस मॉडल का हिस्सा बनना चाहते हैं जो इन संपत्तियों को चलाता है. कॉलियर्स की 2026 ग्लोबल इन्वेस्टर आउटलुक रिपोर्ट के मुताबिक, निवेशक अब एक्टिव स्ट्रैटेजी अपना रहे हैं और प्रॉपर्टी के साथ-साथ ऑपरेटिंग बिजनेस में भी पैसा लगा रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक प्राइवेट इक्विटी और फंड्स अब केवल ईंट-पत्थर खरीदने के बजाए प्रॉपर्टी-ओनिंग एंटिटीज (Propcos) और ऑपरेटिंग बिजनेस (Opcos) में निवेश कर रहे हैं.
Colliers की रिपोर्ट के मुताबिक निवेशक उस प्लेटफॉर्म या कंपनी में हिस्सेदारी ले रहे हैं जो रियल एस्टेट को मैनेज करती है. ऐसा करने से निवेशकों को रणनीति पर ज्यादा कंट्रोल मिलता है.
अलग-अलग मार्केट्स में ले जा रहे निवेशक
ज्वाइंट वेंचर्स एसेट वैल्यू बढ़ाने का अहम जरिया
निवेशक अपनी पूंजी कैसे लगा रहे हैं? (पसंदीदा तरीके)
| निवेश का तरीका (Strategy) | निवेशकों की पसंद (%) | विवरण |
| डायरेक्ट (Direct) | 37% | सीधे प्रोजेक्ट में पैसा लगाना |
| सेपरेट अकाउंट्स (Separate Accounts) | 14% | अलग खाते के जरिए निवेश |
| प्लेटफॉर्म जेवी (Platform JV) | 12% | कंपनी के साथ ज्वाइंट वेंचर |
| रियल एस्टेट फंड्स | 14% | पारंपरिक फंड्स के जरिए |
| प्लेटफॉर्म M&A | 8% | कंपनियों का विलय या अधिग्रहण |
कॉलियर्स की रिपोर्ट के मुताबिक निवेशक अब पारंपरिक फंड्स के बजाय डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट और प्लेटफॉर्म जेवी (Platform JV) को प्राथमिकता दे रहे हैं.
हॉस्पिटेलिटी और लिविंग सेक्टर्स में ज्यादा ट्रेंड
कॉलियर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह निवेश के तरीके में परिपक्वता का संकेत है, जहां निवेशक केवल बाजार के भरोसा रहने के बजाय खुद रिस्क मैनेजमेंट और ग्रोथ पर ध्यान दे रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक ग्लोबल इन्वेस्टर्स की नजरें एशिया-पैसेफिक पर टिक गई है. निवेशक जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे स्थापित बाजारों के साथ-साथ भारत जैसे उभरते मार्केट्स को भी हायर रिटर्न के लिए देख रहे हैं. खासतौर से जो निवेशक पहले भारत पर विचार नहीं करते, अब इसे बड़े पैमाने पर पूंजी लगाने के लिए एक अहम बाजार मान रहे हैं.
सवाल: रियल एस्टेट में 'एक्टिव स्ट्रैटेजी' का क्या अर्थ है?
जवाब: इसका मतलब है कि निवेशक अब केवल प्रॉपर्टी (ईंट-पत्थर) खरीदने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे उन संपत्तियों को चलाने वाले ऑपरेटिंग बिजनेस और कंपनियों में भी निवेश कर रहे हैं.
सवाल: निवेशक अब पारंपरिक फंड्स की जगह किसे प्राथमिकता दे रहे हैं?
जवाब: निवेशक अब पारंपरिक फंड्स के बजाय 'डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट' और 'प्लेटफॉर्म जेवी' (Platform JV) को ज्यादा पसंद कर रहे हैं, ताकि वे बड़े अवसरों तक पहुँच सकें.
सवाल: कंपनियों में हिस्सेदारी लेने से निवेशकों को क्या फायदा होता है?
जवाब: इससे निवेशकों को प्रोजेक्ट की रणनीति पर ज्यादा कंट्रोल मिलता है और वे सफल ब्रांड्स को बड़े पैमाने पर नए मार्केट्स में विस्तार दे सकते हैं.
सवाल: यह नया निवेश ट्रेंड किन सेक्टर्स में सबसे ज्यादा दिख रहा है?
जवाब: यह ट्रेंड मुख्य रूप से हॉस्पिटैलिटी (होटल) और लिविंग सेक्टर्स में देखा जा रहा है, जहाँ निवेशक एसेट के साथ ऑपरेटिंग कंपनियों में भी हिस्सा ले रहे हैं.
सवाल: निवेश के तरीके में आए इस बदलाव का क्या संकेत है?
जवाब: यह बाजार में परिपक्वता का संकेत है, जहाँ निवेशक केवल बाजार के भरोसे रहने के बजाय खुद रिस्क मैनेजमेंट और ग्रोथ पर ध्यान दे रहे हैं.