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CBI
केंद्रीय जांच एजेंसी सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने रियल एस्टेट सेक्टर में बिल्डर और वित्तीय संस्थानों के गठजोड़ से बड़े स्तर पर चल रही धोखाधड़ी पर कड़ा एक्शन लिया है. सीबीआई की प्रेस रिलीज के मुताबिक निर्दोष घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी करने वाले इस गठजोड़ के खिलाफ देशव्यापी सर्च अभियान चलाया है. इसमें दिल्ली, चेन्नई, पुद्दुचेरी, बेंगलुरु समेत 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले कुल 77 लोकेशन पर सीबीआई ने छापेमारी की है.
सीबीआई के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक जांच एजेंसी ने अलग-अलग बिल्डर्स के खिलाफ 22 नए मामले दर्ज किए हैं. सर्च अभियान के दौरान कई आपत्तिजनक डॉक्यूमेंट्स, डिजिटल डिवाइस और दूसरी जरूरी सामग्रियां जब्त हुई हैं.
29 अप्रैल 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के बिल्डर्स के खिलाफ सात प्रारंभिक जांच दर्ज दर्ज करने के निर्देश दिए थे.
क्या होती है सबवेंशन स्कीम
23 सितंबर 2025 को, सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई, कोलकाता, मोहाली और प्रयागराज के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में घर खरीदारों को ठगने के लिए बैंकों और डेवलपर्स के बीच गठजोड़ की जांच के लिए सीबीआई को छह और रेगुलर कैसेज दर्ज करने की परमिशन दी थी. सीबीआई के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक पहले भी कई बिल्डर्स के खिलाफ 28 मामले दर्ज किए थे. 28 मामलों में जांच आखिरी चरण में है. आज के 22 नए मामलों को मिला दें तो अब तक कुल 50 केस दर्ज हो चुके हैं.
सवाल: CBI ने बिल्डर्स पर क्या एक्शन लिया है?
जवाब: सीबीआई ने घर खरीदारों से धोखाधड़ी करने वाले बिल्डर्स और वित्तीय संस्थानों के खिलाफ सर्च अभियान चलाया है.
सवाल: CBI के सर्च अभियान में क्या मिला है?
जवाब: CBI के सर्च अभियान में आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और दूसरी अहम सामग्रियां मिली है.
सवाल: CBI अभी तक इस केस में कितने मामले दर्ज कर चुकी है?
जवाब: सीबीआई इस मामले में अभी तक 50 मामले दर्ज कर चुकी है.
सवाल: सीबीआई ने यह कार्रवाई किसके निर्देश में की है?
जवाब: सीबीआई ने यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देश में की है.
सवाल: धोखाधड़ी में किस स्कीम का इस्तेमाल किया गया है?
जवाब: धोखाधड़ी में सबवेंशन स्कीम का इस्तेमाल किया गया था.