घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी करने वाले बिल्डर्स की खैर नहीं! 77 लोकेशन पर CBI ने मारा छापा, अब तक 50 केस दर्ज

सीबीआई ने रियल एस्टेट सेक्टर में बिल्डर और वित्तीय संस्थाओं के गठजोड़ से बड़े स्तर पर चल रही धोखाधड़ी पर कड़ा एक्शन लिया है. सीबीआई ने 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 77 लोकेशन पर सर्च अभियान चलाया है.
घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी करने वाले बिल्डर्स की खैर नहीं! 77 लोकेशन पर CBI ने मारा छापा, अब तक 50 केस दर्ज

CBI

केंद्रीय जांच एजेंसी सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने रियल एस्टेट सेक्टर में बिल्डर और वित्तीय संस्थानों के गठजोड़ से बड़े स्तर पर चल रही धोखाधड़ी पर कड़ा एक्शन लिया है. सीबीआई की प्रेस रिलीज के मुताबिक निर्दोष घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी करने वाले इस गठजोड़ के खिलाफ देशव्यापी सर्च अभियान चलाया है. इसमें दिल्ली, चेन्नई, पुद्दुचेरी, बेंगलुरु समेत 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले कुल 77 लोकेशन पर सीबीआई ने छापेमारी की है.

सर्च अभियान में मिली ये सामग्रियां

सीबीआई के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक जांच एजेंसी ने अलग-अलग बिल्डर्स के खिलाफ 22 नए मामले दर्ज किए हैं. सर्च अभियान के दौरान कई आपत्तिजनक डॉक्यूमेंट्स, डिजिटल डिवाइस और दूसरी जरूरी सामग्रियां जब्त हुई हैं.

Add Zee Business as a Preferred Source

बढ़ता गया मामले की जांच का दायरा

  • सीबीआई की इस कार्रवाई का उद्देश्य चुनिंदा बिल्डर्स और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के बीच कथित मिलीभगत को उजागर करना है.
  • रियल एस्टेट सेक्टर में फंड्स की कथित हेराफेरी, वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी वाली प्रथाओं से जुड़ी एक बहुत बड़ी साजिश के सबूत भी इक्ट्ठा कर रही है.
  • सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीबीआई को इन मामलों की जांच सौंपी गई थी. इसके बाद कोर्ट के अलग-अलग आदेशों के बाद इस मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता रहा.

अभी तक क्या हुआ केस में

29 अप्रैल 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के बिल्डर्स के खिलाफ सात प्रारंभिक जांच दर्ज दर्ज करने के निर्देश दिए थे.

क्या होती है सबवेंशन स्कीम

  • जिन सात बिल्डरों के खिलाफ कोर्ट ने जांच के आदेश दिए, उनमें सुपरटेक लिमिटेड का भी नाम शामिल था.
  • 2025 में ही, कोर्ट ने 22 ऐसे मामले दर्ज करने का निर्देश दिया, जिनमें सबवेंशन स्कीम का इस्तेमाल करके NCR में घर खरीदारों को धोखा दिया था.
  • सबवेंशन स्कीम में घर खरीदारों को ऑफर दिया जाता है कि घर बुक करने और पजेशन मिलने तक EMI नहीं भरनी होगी. इसमें ग्राहक को डाउन पेमेंट देता है. बैंक लोन ग्राहक के नाम पर मंजूर करता है.
  • बैंक निर्माण के अलग-अलग चरणों में बिल्डर को पैसा देता है. बिल्डर ग्राहक की तरफ से घर का पजेशन मिलने तक लोन की EMI या ब्याज का भुगतान करता है.
  • बिल्डर जब पोजेशन दे देता है तो EMI चुकाने की जिम्मेदारी ग्राहक की होती है. हालांकि, इसमें एक बड़ा खतरा है कि बिल्डर यदि डिफॉल्ट हो जाता है तो बैंक खरीदार को जिम्मेदार मानता है, क्योंकि लोन ग्राहक के नाम पर होता है.

Zee Business Live TV यहां पर देखें

अब तक कुल 50 केस किए दर्ज

23 सितंबर 2025 को, सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई, कोलकाता, मोहाली और प्रयागराज के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में घर खरीदारों को ठगने के लिए बैंकों और डेवलपर्स के बीच गठजोड़ की जांच के लिए सीबीआई को छह और रेगुलर कैसेज दर्ज करने की परमिशन दी थी. सीबीआई के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक पहले भी कई बिल्डर्स के खिलाफ 28 मामले दर्ज किए थे. 28 मामलों में जांच आखिरी चरण में है. आज के 22 नए मामलों को मिला दें तो अब तक कुल 50 केस दर्ज हो चुके हैं.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल: CBI ने बिल्डर्स पर क्या एक्शन लिया है?

जवाब:
सीबीआई ने घर खरीदारों से धोखाधड़ी करने वाले बिल्डर्स और वित्तीय संस्थानों के खिलाफ सर्च अभियान चलाया है.

सवाल: CBI के सर्च अभियान में क्या मिला है?

जवाब:
CBI के सर्च अभियान में आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और दूसरी अहम सामग्रियां मिली है.

सवाल: CBI अभी तक इस केस में कितने मामले दर्ज कर चुकी है?

जवाब:
सीबीआई इस मामले में अभी तक 50 मामले दर्ज कर चुकी है.

सवाल: सीबीआई ने यह कार्रवाई किसके निर्देश में की है?

जवाब:
सीबीआई ने यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देश में की है.

सवाल: धोखाधड़ी में किस स्कीम का इस्तेमाल किया गया है?

जवाब: धोखाधड़ी में सबवेंशन स्कीम का इस्तेमाल किया गया था.

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6