फंसे हुए फ्लैट्स को मिलेगी बजट से संजीवनी? इस स्कीम का यदि बढ़ा आवंटन, तो खत्म होगा घर खरीदारों का इंतजार!

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी तो उन घर खरीदारों की भी खास नजर होगी, जिनकी मेहनत की कमाई रुके हुए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में फंसी है. सरकार ऐसे प्रोजेक्ट्स के लिए स्वामी फंड लेकर आई थी. जानिए क्या इस बजट में इस फंड का बढ़ सकता है आवंटन.
फंसे हुए फ्लैट्स को मिलेगी बजट से संजीवनी? इस स्कीम का यदि बढ़ा आवंटन, तो खत्म होगा घर खरीदारों का इंतजार!

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को जब वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगी तो अपने सपनों के आशियाना की उम्मीद कर रहे देशभर के लाखों खरीदारों की भी निगाहें होंगी. बिल्डर्स की लापरवाही या फिर आर्थिक तंगी के कारण फंसे प्रोजेक्ट्स के कारण आम आदमी की जीवनभर की मेहनत की पूंजी भी फंसी हुई है. इस कारण वह EMI और किराया दोनों भर रहे हैं. घर खरीदारों के लिए केंद्र सरकार स्वामी फंड लेकर, जो किसी संजीवनी से कम नहीं साबित हुआ है. ऐसे में देखना होगा कि सरकार इस बजट में स्वामी फंड के लिए क्या आवंटन बढ़ाया जाएगा?

बजट में बढ़ सकता है आवंटन

स्वामी फंड की मदद से अब तक 61 हजार से ज्यादा फंसे हुए घर पूरे होकर लोगों को डिलीवर किए गए हैं. Colliers के मुताबिक सरकार स्वामी फंड के आवंटन को बढ़ा सकती है.

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हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास जोर

  • स्वामी फंड के जरिए सरकार अधूरे प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने को मदद कर सकती है. इस रियल एस्टेट सेक्टर को नई रिफ्तार मिलेगी.
  • कॉलियर्स की रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले बजट में हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर सरकार का खास जोर रह सकता है.
  • बजट में स्वामी फंड को बढ़ाया जा सकता है. रेरा (RERA) में रजिस्टर्ड और फंसे हुए प्रोजेक्ट्स को आखिरी चरण की फंडिंग मिल सकती है.

SWAMIH Fund

सोर्स: PIB

अफोर्डेबल हाउिसंग की परिभाषा में बदलाव

Colliers की रिपोर्ट के मुताबिक अभी अर्फोडेबल हाउसिंग की परिभाषा 45 लाख रुपए है. हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि जिस हिसाब से महंगाई बढ़ रही है उसके हिसाब से इसे बदलने की जरूरत है.

पहली बार घर खरीदारों को ब्याज सब्सिडी में मिले राहत

  • एक्सपर्ट को उम्मीद है कि अफोर्डेबल हाउसिंग की सीमा और आकार की परिभाषा को बदलने की उम्मीद है.
  • कॉलियर्स के मुताबिक बजट में पहली बार घर खरीदने वालों के लिए ब्याज सब्सिडी स्कीम को बढ़ाने की उम्मीद की जा रही है.
  • अफोर्डेबल हाउसिंग वाले डेवलपर्स के लिए टैक्स हॉलिडे को दोबारा शुरू करने से सस्ते घर की सप्लाई बढ़ेगी.
  • रियल एस्टेट सेक्टर ने मांग रखी है कि ग्रीन सर्टिफाइटड प्रोजेक्ट्स के लिए सब्सिडी मॉडल लाया जाय.
  • डेवलपर्स के वर्क कॉन्ट्रैक्ट को 18 फीसदी से कम करने का प्रस्ताव लाया जाय.

स्वामी फंड का प्रभाव

विवरणआंकड़े
कुल अनलॉक की गई पूंजी₹37,400 करोड़+
डिलीवर किए गए घर61,000+ (15 दिसंबर 2025 तक)
कुल प्रभावित जीवन5.33 लाख
रोजगार सृजन36,160+ (कुशल/अकुशल)
LIG और MIG हाउसिंग का हिस्सा44%

61 हजार घर कर दिए हैं डिलीवर

15 दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक स्वामी इन्वेस्टमेंट फंड ने देश भर के 110 प्रोजेक्ट्स में लगभग 61 हजार घर डिलीवर किए हैं. स्वामी इन्वेस्टमेंट फंड को वित्त मंत्रालय के सहयोग से शुरू किए गए हैं. यह फंड देश का सबसे बड़ा रेजिडेंशियल स्ट्रेस रेजोल्यूशन प्लेटफॉर्म बन गया है, जिसके पोर्टफोलियो में 30 शहरों के 145 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स शामिल हैं. इसका टारगेट कुल 1 लाख से ज्यादा घरों को पूरा करना है, जिससे 4 लाख से ज्यादा लोगों को राहत मिलेगी.

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल: बजट से अफोर्डेबल हाउसिंग को लेकर क्या मांग है?

जवाब: रियल एस्टेट सेक्टर में अफोर्डेबल हाउसिंग की परिभाषा को बदलने की मांग है.

सवाल: स्वामी फंड के तहत कितने घर डिलीवर कर दिए गए हैं?

जवाब: स्वामी फंड के तहत अभी तक 61 हजार घर डिलीवर कर दिए गए हैं.

सवाल: रियल एस्टेट सेक्टर की बजट से क्या मांग है?

जवाब: रियल एस्टेट सेक्टर बजट से अफोर्डेबल हाउसिंग सेक्टर के डेवलपर्स को दोबारा टैक्स हॉलिडे देने की मांग कर रहे हैं.

सवाल: स्वामी फंड 2 भी क्या आ रहा है?

जवाब: बजट 2025-26 में 15 हजार करोड़ रुपए के स्वामी फंड 2 की घोषणा की गई थी.

सवाल: स्वामी फंड किन कैटेगरी के घरों के लिए हैं?

जवाब:
स्वामी फंड में अफोर्डेबल और मिड इनकम हाउसिंग प्रोजेक्ट्स दोनों के लिए रेरा में रजिस्टर्ड हैं.

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