2026 में अयोध्या, काशी होंगे रियल एस्टेट हॉटस्पॉट, मंदिरों वाले शहर में प्रॉपर्टी बनेगी सोना, 600% तक रिटर्न

रियल एस्टेट में निवेश अभी तक टियर 2 और टियर 3 शहरों तक ही सीमित था लेकिन अब अयोध्या, वाराणसी और अमृतसर जैसे स्प्रिचुअल हब्स नए रियल एस्टेट हॉटस्पॉट्स बनकर उभर रहे हैं.
2026 में अयोध्या, काशी होंगे रियल एस्टेट हॉटस्पॉट, मंदिरों वाले शहर में प्रॉपर्टी बनेगी सोना, 600% तक रिटर्न

रियल एस्टेट में निवेश करने की सोच रहे हैं तो साल 2026 आपके लिए एक बड़ा मौका लेकर आ रहा है. कॉलियर्स की रिपोर्ट के मुताबिक मेट्रो शहरों की भीड़भाड़ से दूर भगवान के घर के करीब यानी आध्यात्मिक शहर रियल एस्टेट के नए हॉटस्पॉट्स बनकर उभर रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक स्पिरिचुअल हब्स जैसे अयोध्या, वाराणसी, तिरुपति और अमृतसर जैसे शहर में विकास की रफ्तार अब बड़े महानगरों को टक्कर दे रही है. खासकर लोग शांति और आध्यात्मिक शांति के लिए इन शहरों को अपना सेकंड होम या छुट्टियों के लिए घर खरीद रहे हैं.

इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी से बदल रही तस्वीर

Colliers की 2026 आउटलुक रिपोर्ट के मुताबिक इन धार्मिक शहरों में रियल एस्टेट का विकास तेज गति से होगा. सरकार द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस और कनेक्टिविटी से शहरों की तस्वीर बदल रही है.

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श्रद्धालुओं और टूरिस्टों की संख्या में इजाफा

  • नए एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और रेलवे स्टेशन के कायाकल्प ने श्रद्धालुओं और टूरिस्टों की संख्या में भारी इजाफा किया गया है.
  • इन कारणों से अब डेवलपर्स और निवेशक इन शहरों, जिन्हें टियर-2, टियर-3 शहर कहा जाता है, इनमें पैसा लगाने के लिए कतार में खड़े हैं.
  • इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण यह टियर 2 और टियर 3 शहर अब आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बन रहे हैं.

बड़े स्पिरिचुअल हब्स और अवसर

शहरमुख्य अवसर
अयोध्याराम मंदिर निर्माण के बाद से लैंड और होटल प्रॉपर्टी में सबसे बड़ा उछाल.
वाराणसीकाशी विश्वनाथ कॉरिडोर के कारण पर्यटन और कमर्शियल प्रॉपर्टी में तेजी.
तिरुपतिदक्षिण भारत का सबसे बड़ा तीर्थ, होटल और रिटेल के लिए हॉटस्पॉट.
अमृतसरस्वर्ण मंदिर के आसपास हॉस्पिटैलिटी और रिटेल में निरंतर मांग.
पुरी & द्वारकातटीय शहर होने के कारण वैकेशन होम और टूरिज्म दोनों का फायदा.

रेजिडेंशियल और कमर्शियल मांग में तेजी

अक्सर यह माना जाता है कि तीर्थ स्थलों पर केवल होटल का ही बिजनेस चलता है. हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक हॉस्पिटैलिटी और रिटेल सेक्टर सबसे आगे जरूर रहेंगे.

सेकंड होम या वेकेशन होम

  • अब टियर 2 और टियर 3 जैसे स्प्रिचुअल हब्स में रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की मांग भी तेजी से बढ़ रही है.
  • लोग अब इन शांत और पवित्र शहरों में अपना सेकंड होम या फिर वेकेशन होम बनाना चाहते हैं.
  • प्रसाद और स्वदेश दर्शन जैसी सरकारी योजनाओं ने इन शहरों में सुविधाओं को वर्ल्ड क्लास बना दिया है, जिससे प्रॉपर्टी के दाम बढ़ने तय है.

अयोध्या में 400 से 600% की बढ़ोतरी

देश के अधिकांश मेट्रो शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें पहले से ही काफी ज्यादा बढ़ चुकी हैं. ऐसे में सेचुरेशन आ रहा है. इसके विपरीत, धार्मिक शहरों में अभी भी प्रॉपर्टी के दाम कम हैं. भविष्य में इनके बढ़ने की संभावना बहुत ज्यादा है. निवेश इसे अर्ली मूवर एडवांटेज के तौर पर देख रहे हैं. CII कॉलियर्स की रिपोर्ट के मुताबिक राम मंदिर निर्माण के बाद से यहां जमीन की कीमतों में 400 से 600 फीसदी तक की भारी बढ़ोतरी देखी गई है. काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद यहां रेंटल इनकम में 35 से 50 फीसदी की ग्रोथ देखी गई है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल: 2026 में रियल एस्टेट का 'गेम चेंजर' कौन होगा?

जवाब: 2026 में अयोध्या, वाराणसी और तिरुपति जैसे 'स्पिरिचुअल हब्स' रियल एस्टेट ग्रोथ के सबसे बड़े ड्राइवर होंगे.

सवाल: इन शहरों में प्रॉपर्टी के दाम क्यों बढ़ रहे हैं?

जवाब: बेहतर रोड-एयर कनेक्टिविटी और सरकारी योजनाओं (जैसे प्रसाद स्कीम) के कारण पर्यटकों की संख्या बढ़ी है, जिससे प्रॉपर्टी की डिमांड और रेट्स में उछाल आया है.

सवाल: क्या सिर्फ होटल ही फायदे का सौदा हैं?

जवाब: अब रिटेल (दुकानें/मॉल) और रेसिडेंशियल (सेकेंड होम) में भी निवेश के शानदार मौके बन रहे हैं.

सवाल: मेट्रो शहरों के मुकाबले यहां निवेश क्यों बेहतर है?

जवाब: मेट्रो शहरों में कीमतें बहुत ज्यादा हैं, जबकि इन धार्मिक शहरों में एंट्री कॉस्ट कम है और भविष्य में रिटर्न (ROI) मिलने की संभावना ज्यादा है.

सवाल: 'सेकेंड होम' का चलन इन शहरों में क्यों बढ़ रहा है?

जवाब: आध्यात्मिक शांति और बेहतर होती लाइफस्टाइल सुविधाओं के कारण लोग रिटायरमेंट या छुट्टियों के लिए यहाँ घर खरीदना पसंद कर रहे हैं.

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