किराया बढ़ रहा, पर मालिक हो रहे हैं कंगाल! इस देश के रियल एस्टेट बाजार में चल रहा है ये कैसा खेल?

Australia Real Estate: ऑस्ट्रेलिया रियल एस्टेट मार्केट में इन दिनों अलग खेल चल रहा है. कागजों पर तो किराया बढ़ रहा है दूसरी तरफ मकान मालिक कंगाल होता जा रहा है. जानिए क्या कहती है रिपोर्ट.
किराया बढ़ रहा, पर मालिक हो रहे हैं कंगाल! इस देश के रियल एस्टेट बाजार में चल रहा है ये कैसा खेल?

Australia Real Estate: ऑस्ट्रेलिया के लॉजिसिक्ट्स रियल एस्टेट बाजार में इन दिनों अजीब खेल चल रहा है. यहां पर कागजों पर तो किराया बढ़ाया हुआ दिख रहा है. हालांकि, मकान मालिक कंगाल होते जा रहे हैं.नाइट फ्रैंक की एशिया-पैसिफिक लॉजिस्टिक्स हाइलाइट्स H12025 में इसका खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक, लॉजिस्टिक्स मार्केट में मकान मालिकों को किरायेदारों को लुभाने के लिए छूट और प्रोत्साहन देना पड़ रहा है. इससे उनकी वास्तविक इनकम में साल-दर-साल 1.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.

मकान मालिकों के बीच मुकाबला सख्त

नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया में फिलहाल प्राइम फेस रेंट यानी एड में दिखाया जाने वाला किराया बढ़ रहा है. हालांकि, असल में, नए गोदामों और लॉजिस्टिक्स स्पेस की सप्लाई इतनी बढ़ गई है कि खाली जगहों को भरने के लिए मकान मालिकों के बीच मुकाबला बेहद सख्त हो गया है. इसके कारण मकान मालिकों का किरायेदारों को अपनी तरफ लुभाने के लिए भारी छूट देनी पड़ रही है. यह छूट 2025 की पहली छमाही में 16.5% तक पहुंच गई है.

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मेलबर्न में हालत और ज्यादा गंभीर

रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा मेलबर्न में हालत खराब और गंभीर है. यहां पर छूट 25.3 फीसदी के हैरान करने वाले स्तर पर पहुंच गई है. इसके अलावा सिडनी में मकान मालिक 16.9 फीसदी तक की छूट दे रहे हैं. दूसरे शब्दों में कहें तो यदि कोई मकान मालिक 100 रुपए किराया मांग रहा है तो मेलबर्न में उसे असल में सिर्फ 75 रुपए ही किराये में मिल रहे हैं. बाजार में ये स्थिति साल 2022 से बननी शुरू हुई थी. इस साल बाजार में बड़ी संख्या में नई सप्लाई आई थी.

दूसर छमाही में सुधर सकते हैं हालत

डेवलपर्स के मुताबिक बिना किरायेदार के पहले से मौजूद कई प्रोजेक्ट्स खड़े कर दिए गए हैं. इससे पहले से ही खाली जगहों की भरमार हो गई है. इन खाली जगहों को भरने के लिए मकान मालिकों में होड़ मची हुई है, जिसका फायदा किरायेदार को छूट के रूप में मिल रहा है. रिपोर्ट में हालांकि, इस बात की उम्मीद जताई गई है कि 2025 की दूसरी छमाही में हालत कुछ सुधर सकते हैं. ब्याज दरों में नरमी और अर्थव्यवस्था में सुधार की उम्मीद के साथ छूट का ये दौर स्थित हो सकता है. साथ ही डेवलपर्स अब ज्यादा सतर्क हो गए हैं और नए कंस्ट्रक्शन में कमी आने की भी उम्मीद है. इससे बाजार में संतुलन आ सकता है.

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