अमेरिकी टेक कंपनियों के दम पर आएगा रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी में उछाल, 70% GCC लीजिंग में कब्जा, नौकरियों की भरमार

अमेरिकी टेक कंपनियों का देश की टॉप 7 शहरों के रियल एस्टेट मार्केट में दबदबा बरकरार है. Colliers की रिपोर्ट के मुताबिक ऑफिस स्पेस से अमेरिकी कंपनियों ने 70 फीसदी हिस्सेदारी पर कब्जा किया है.
अमेरिकी टेक कंपनियों के दम पर आएगा रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी में उछाल, 70% GCC लीजिंग में कब्जा, नौकरियों की भरमार

अमेरिकी टेक कंपनियों का आईटी सेक्टर ही नहीं बल्कि देश के टॉप 7 शहरों के रियल एस्टेट बाजार में दबदबा है. ग्लोबल प्रॉपर्टी कंसल्टेंट Colliers की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) द्वारा लीज पर लिए जा रहे हैं, ऑफिस स्पेस से अमेरिकी कंपनियों ने 70 फीसदी हिस्सेदारी पर कब्जा किया है. कोलियर्स की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2020 में अब तक भारत में कुल 310.5 मिलियन वर्ग फुट ग्रेड-A ऑफिस स्पेस की लीजिंग हुई है.

117.3 msf ऑफिस स्पेस ग्लोबल कैपिसिटी सेंटर्स

Colliers की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक ग्रेड ए ऑफिस स्पेस की कुल लीजिंग में से 117.3 मिलियन वर्ग फुट हिस्सा अकेले ग्लोबल कैपिसिटी सेंटर्स (GCCs) का है.

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82.5msf अमेरिकी कंपनियों का हिस्सा

  • रिपोर्ट के मुताबिक 117.3 msf में से 82.5 msf स्पेस केवल अमेरिकी कंपनियों ने लिया है.
  • इन अमेरिकी कंपनियों की कुल लीजिंग में से 47 फीसदी हिस्सा केवल टेक्नोलॉजी सेक्टर का है.
  • Colliers की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक ग्रेड ए ऑफिस और वेयरहाउस की डिमांड पर फिलहाल केंद्रित है.
  • भारत के 7 प्रमुख शहरों में 2020 के लगभग 16msf से बढ़कर 2025 में करीब 30msf तक GCCs का स्पेस टेक अप बढ़ा है.
  • स्पेस टेक-अप में यह बढ़ोतरी रियल एस्टेट बूम का एक बड़ा संकेत है.

किस देश की कितनी हिस्सेदारी

देश/क्षेत्रकुल लीजिंग (मिलियन वर्ग फुट)
अमेरिका82.5
यूरोपीय संघ11.7
ब्रिटेन8.9
अन्य14.2

बड़ी संख्या में खुलेंगे टेक पार्क्स और ऑफिस

Colliers की रिपोर्ट के मुताबिक जब बड़ी संख्या में नए टेक पार्क्स और ऑफिस खुलेंगे तो इससे लाखों युवाओं के लिए भी रोजगार के नए दरवाजे खुलेंगे.

रेजिडेंशियल डिमांड को मिलेगा फायदा

  • रोजगार के इन अवसर के कारण ऑफिस हब्स के आस-पास फ्लैट्स खरीदना निवेश का एक जांचा परखा मॉडल हुआ है.
  • ऑफिस स्पेस की भारी डिमांड का सीधा फायदा रेजिडेंशियल डिमांड को भी मिलेगा.
  • आईटी कंपनियों के अलावा ब्रिटिश फाइनेंस कंपनियां भी भारत में अपने ऑफिस खोल रही हैं.
  • कुल GCCs लीजिंग में ब्रिटिश कंपनियों का हिस्सा 8.9 msf स्पेस लीज पर लिया गया है.
  • कुल ब्रिटिश लीजिंग में बैंकिंग और फाइनेंस कंपनियों (BFSI) का हिस्सा 29% है.

किस सेक्टर की कितनी हिस्सेदारी

सेक्टरअमेरिकी कंपनियों का शेयर (%)
टेक्नोलॉजी47%
BFSI21%
इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग11%
हेल्थकेयर6%

35 से 40 msf तक पहुंचेगी हिस्सेदारी

Colliers इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर अर्पित मेहरोत्रा के मुताबिक, "हमें उम्मीद है कि आने वाले वक्त में सालाना GCC लीजिंग 35 से 40 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंच जाएगी. यह कुल ऑफिस स्पेस डिमांड का 40 से 50 फीसदी हिस्सा देगी. Colliers India के नेशनल डायरेक्टर (रिसर्च), विमल नादर के मुताबिक, "GCCs भारत की ऑफिस स्पेस डिमांड को आगे बढ़ाना जारी रखेंगे. GCC लीजिंग खास तौर से टेक सेक्ट द्वारा संचालित होती रहेगी. यह मांग अब काफी ज्यादा होने जा रही है."

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल: देश के ऑफिस स्पेस मार्केट में अमेरिकी कंपनियों की हिस्सेदारी कितनी है?

जवाब: साल 2020 के बाद से भारत में कुल GCC लीजिंग एक्टिविटी में अमेरिकी कंपनियों की हिस्सेदारी 70 फीसदी रही है.

सवाल: अमेरिकी कंपनियों की ऑफिस डिमांड में कौन से सेक्टर सबसे आगे हैं?'

जवाब: अमेरिकी कंपनियों की कुल लीजिंग में 47 फीसदी की भारी हिस्सेदारी के साथ टेक सेक्टर सबसे आगे हैं.

सवाल: साल 2020 से लेकर साल 2025 तक GCCs ने भारत में कुल कितना ऑफिस स्पेस लिया हुआ है?

जवाब: GCCs ने साल 2020 से अभी तक भारत में कुल 117.3 msf का ग्रेड ए ऑफिस स्पेस लीज पर लिया है.

सवाल: अमेरिकन कंपनियों के बाद किन कंपनियों की भारत के ऑफिस स्पेस में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है?

जवाब: अमेरिकन कंपनियों के बाद यूरोपियन यूनियन कंपनियों ने सबसे ज्यादा लीज स्पेस लिया है.

सवाल: ब्रिटिश कंपनियों की कितनी फीसदी हिस्सेदारी है?

जवाब: ब्रिटिश कंपनियों की 8.9 फीसदी हिस्सेदारी है.

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