AI ने IT कंपनियों में मचाई खलबली! तो ऑफिस स्पेस के किराये पर लटकी तलवार, इस शहर के बिल्डर्स की उड़ी नींद

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सीधा असर रियल एस्टेट सेक्टर पर भी पड़ा है. AI के आने से कंपनियां अपनी वर्कफोर्स को रीस्ट्रक्चर कर रही हैं. इससे कमर्शियल रियल एस्टेट, खासकर ऑफिस स्पेस, को प्रभावित किया है.
AI ने IT कंपनियों में मचाई खलबली! तो ऑफिस स्पेस के किराये पर लटकी तलवार, इस शहर के बिल्डर्स की उड़ी नींद

Representative Image (AI Generated Image)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के असर से रियल सेक्टर भी अछूता नहीं है. AI के कारण नौकरियों में गहराते संकट ने घर खरीदारों के फैसले को प्रभावित किया है. दूसरी तरफ कमर्शियल रियल एस्टेट में भी अनिश्चितता की नई परत जुड़ गई है. ब्रोकरेज हाउस HDFC सिक्युरिटीज और नाइट फ्रैंक इंडिया की ताजा रिपोर्ट ने इसकी पुष्टि की है. रिपोर्ट के मुताबिक AI में हो रहे तेज एडवांसमेंट इंडस्ट्री और बिजनेस मॉडल को अभूतपूर्व गति से बदल रहे हैं. इससे दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं के लिए व्यवधान और अनिश्चितता पैदा हो रही है.

AI के कारण वर्कफोर्स रीस्ट्रक्चरिंग

HDFC सिक्युरिटीज की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक रियल एस्टेट के मोर्चे पर, AI के कारण कंपनियों में कर्मचारियों के ढांचे में बदलाव (वर्कफोर्स रीस्ट्रक्चरिंग) हो रही है.

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ऑफिस स्पेस का आकलन कर रही IT कंपनियां

  • HDFC सिक्युरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बदलाव के चलते कुछ ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) और आईटी कंपनियां अपनी ऑफिस स्पेस की जरूरतों का फिर से आकलन कर रही है.
  • ब्रोकरेज के मुताबिक एआई और रीस्ट्रक्चरिंग के कारण ऑफिस स्पेस के लिए भविष्य में किए जाने वाले नए एग्रीमेंट या प्री-कमिटमेंट में धीरे-धीरे अनिश्चितता बढ़ गई है.
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि AI के कारण आए इस व्यवधान का असर उन रियल एस्टेट डेवलपर्स पर ज्यादा पड़ने की आशंका है, जिनका मुख्य काम या ज्यादा से ज्यादा कंसन्ट्रेशन भारत के सबसे बड़े आईटी हब बेंगलुरु के मार्केट में है.

AI Impact

सोर्स: HDFC Securities

ऐतिहासिक ऊंचाई पर ऑफिस लीजिंग

AI ने भले ही कंपनियों को अपने काम करने के तौर तरीकों को दोबारा सोचने के लिए मजबूर किया है लेकिन, मौजूदा वर्जन में ऑफिस लीजिंग ऐतिहासिक ऊंचाई पर है. नाइट फ्रैंक के मुताबिक इस मजबूत डिमांड का मुख्य कारण ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स हैं.

ग्रॉस लीजिंग 83.3 मिलियन स्क्वायर फीट

  • HDFC सिक्युरिटीज के मुताबिक कैलेंडर वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में ऑफिस सेगमेंट की ग्रॉस लीजिंग 83.3 मिलियन स्क्वायर फीट के मल्टी-ईयर हाई पर रही है.
  • ऑफिस सेगमेंट की ग्रॉस लीजिंग में सालाना आधार पर 8 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई है.
  • नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के मुताबिक 2026 की पहली तिमाही में ऑफिस मार्केट ने 2.77 मिलियन वर्ग मीटर (29.9 मिलियन वर्ग फुट) का नया हाई छुआ है.

ऑफिस लीजिंग में अलग-अलग सेक्टर्स की हिस्सेदारी (Q1 2026)

किरायेदारकुल लीजिंग में हिस्सेदारी (%)
GCC (ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स)48%
इंडिया फेसिंग बिजनेस19%
फ्लेक्स ऑपरेटर्स17%
थर्ड-पार्टी IT सर्विसेज15%

सोर्स: Knight Frank India

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GCC का आगे भी होगा विस्तार

नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट ने कमर्शियल रियल एस्टेट को राहत दी है. भारत में हाई वैल्यू और इनोवेशन से जुड़े कामों के एग्जीक्यूशन के कारण ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) का विस्तार आगे भी जारी रहने की उम्मीद है. भले ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी टेक्नोलॉजिकल क्रांतियां भारत ही नहीं बल्कि ग्लोबल बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव ला रही है, लेकिन भारत में ऑफिस स्पेस ऑक्यूपायर डिमांड बनी रह सकती है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल: कमर्शियल रियल एस्टेट को AI कैसे प्रभावित कर रहा है?

जवाब:
AI के कारण कंपनी अपनी वर्कफोर्स की रीस्ट्रक्चरिंग कर रही है, जिससे कमर्शियल रियल एस्टेट पर असर पड़ा है.

सवाल: रीस्ट्रक्चरिंग के कारण ऑफिस स्पेस पर क्या असर पड़ा है.

जवाब:
रीस्ट्रक्चरिंग के कारण कई कंपनियां अपनी ऑफिस स्पेस जरूरतों (प्री-कमिटमेंट) का दोबारा आकलन कर रही है.

सवाल: ऑफिस स्पेस का दोबारा आकलन कौन सी कंपनी कर रही है?

जवाब:
ऑफिस स्पेस का दोबारा आकलन ग्लोबल कैपिसिटी सेंटर्स (GCCs) कर रहे हैं.

सवाल: AI के कारण उत्पन्न व्यवधान पर किस शहर के डेवलपर्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है?

जवाब:
AI के कारण उपजे व्यवधान का सबसे ज्यादा असर देश के सबसे बड़े आईटी हब बेंगलुरु के डेवलपर्स पर पड़ा है.

सवाल: क्या AI आने के बाद ऑफिस स्पेस की जरूरत खत्म हो जाएगी?

जवाब:
नहीं! रिपोर्ट्स के मुताबिक GCCs का विस्तार जारी रहेगा, जिससे डिमांड बनी रहेगी.

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