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Representative Image (AI Generated Image)
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के असर से रियल सेक्टर भी अछूता नहीं है. AI के कारण नौकरियों में गहराते संकट ने घर खरीदारों के फैसले को प्रभावित किया है. दूसरी तरफ कमर्शियल रियल एस्टेट में भी अनिश्चितता की नई परत जुड़ गई है. ब्रोकरेज हाउस HDFC सिक्युरिटीज और नाइट फ्रैंक इंडिया की ताजा रिपोर्ट ने इसकी पुष्टि की है. रिपोर्ट के मुताबिक AI में हो रहे तेज एडवांसमेंट इंडस्ट्री और बिजनेस मॉडल को अभूतपूर्व गति से बदल रहे हैं. इससे दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं के लिए व्यवधान और अनिश्चितता पैदा हो रही है.
HDFC सिक्युरिटीज की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक रियल एस्टेट के मोर्चे पर, AI के कारण कंपनियों में कर्मचारियों के ढांचे में बदलाव (वर्कफोर्स रीस्ट्रक्चरिंग) हो रही है.

सोर्स: HDFC Securities
AI ने भले ही कंपनियों को अपने काम करने के तौर तरीकों को दोबारा सोचने के लिए मजबूर किया है लेकिन, मौजूदा वर्जन में ऑफिस लीजिंग ऐतिहासिक ऊंचाई पर है. नाइट फ्रैंक के मुताबिक इस मजबूत डिमांड का मुख्य कारण ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स हैं.
ग्रॉस लीजिंग 83.3 मिलियन स्क्वायर फीट
ऑफिस लीजिंग में अलग-अलग सेक्टर्स की हिस्सेदारी (Q1 2026)
| किरायेदार | कुल लीजिंग में हिस्सेदारी (%) |
| GCC (ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स) | 48% |
| इंडिया फेसिंग बिजनेस | 19% |
| फ्लेक्स ऑपरेटर्स | 17% |
| थर्ड-पार्टी IT सर्विसेज | 15% |
सोर्स: Knight Frank India
नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट ने कमर्शियल रियल एस्टेट को राहत दी है. भारत में हाई वैल्यू और इनोवेशन से जुड़े कामों के एग्जीक्यूशन के कारण ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) का विस्तार आगे भी जारी रहने की उम्मीद है. भले ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी टेक्नोलॉजिकल क्रांतियां भारत ही नहीं बल्कि ग्लोबल बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव ला रही है, लेकिन भारत में ऑफिस स्पेस ऑक्यूपायर डिमांड बनी रह सकती है.
सवाल: कमर्शियल रियल एस्टेट को AI कैसे प्रभावित कर रहा है?
जवाब: AI के कारण कंपनी अपनी वर्कफोर्स की रीस्ट्रक्चरिंग कर रही है, जिससे कमर्शियल रियल एस्टेट पर असर पड़ा है.
सवाल: रीस्ट्रक्चरिंग के कारण ऑफिस स्पेस पर क्या असर पड़ा है.
जवाब: रीस्ट्रक्चरिंग के कारण कई कंपनियां अपनी ऑफिस स्पेस जरूरतों (प्री-कमिटमेंट) का दोबारा आकलन कर रही है.
सवाल: ऑफिस स्पेस का दोबारा आकलन कौन सी कंपनी कर रही है?
जवाब: ऑफिस स्पेस का दोबारा आकलन ग्लोबल कैपिसिटी सेंटर्स (GCCs) कर रहे हैं.
सवाल: AI के कारण उत्पन्न व्यवधान पर किस शहर के डेवलपर्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है?
जवाब: AI के कारण उपजे व्यवधान का सबसे ज्यादा असर देश के सबसे बड़े आईटी हब बेंगलुरु के डेवलपर्स पर पड़ा है.
सवाल: क्या AI आने के बाद ऑफिस स्पेस की जरूरत खत्म हो जाएगी?
जवाब: नहीं! रिपोर्ट्स के मुताबिक GCCs का विस्तार जारी रहेगा, जिससे डिमांड बनी रहेगी.