2 लाख रुपए कॉर्पस, 4500 रुपए मेंटेनेंस, बिल्डर क्यों वसूलता है दो चार्ज, जानिए आंखें खोलने वाली कैलकुलेशन

नया घर खरीदते वक्त जीएसटी, डाउन पेमेंट या रजिस्ट्रेशन फीस के अलावा दूसरे चार्ज देने पड़ते हैं, जिस पर कन्फ्यूजन की स्थिति होती है. दो चार्ज हैं- कॉर्पस फंड और एडवांस मेंटेनेंस फंड. जानिए क्या है दोनों में फर्क. ये कैल्कुलेशन खोल देगी आंखें.
2 लाख रुपए कॉर्पस, 4500 रुपए मेंटेनेंस, बिल्डर क्यों वसूलता है दो चार्ज, जानिए आंखें खोलने वाली कैलकुलेशन

नया घर खरीदते वक्त खरीदारों को डाउन पेमेंट, GST और रजिस्ट्रेशन फीस के अलावा कई दूसरे चार्ज देने पड़ते हैं, जिन्हें देखकर अक्सर कन्फ्यूजन की स्थिति होती है. ऐसे ही दो चार्ज हैं- कॉर्पस फंड और एडवांस मेंटेनेंस. कई बिल्डर पजेशन के समय खरीदारों से 2 लाख रुपए तक कॉर्पस फंड और एडवांस मेंटेस दोनों ही मांगते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि यदि हम 3 रुपए प्रति स्क्वायर फीट के हिसाब से मेंटनेंस दे रहे हैंतो यह 2 लाख रुपए का कॉर्पस फंड अलग से क्यों लिया जा रहा है? समझें इन दोनों के बीच का पूरा फर्क.

क्या होता है कॉमन एरिया मेंटेनेंस

सबसे पहले मंथली मेंटेनेंस, जिसे कॉमन एरिया मेंटेनेंस भी कहते हैं, यह वह रकम होती है जो आपकी सोसाइटी को हर महीने चलाने के लिए जरूरी है. यह आपकी रोजमर्रा की सुविधाओं का खर्च है.

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मेंटेनेंस में शामिल हैं ये खर्चें

  • कॉमन एरिया मेंटेनेंस में सिक्युरिटी गार्ड्स की सैलरी, सफाई कर्मचारियों का वेतन, कॉमन एरिया (लॉबी, लिफ्ट, पार्किंग, पार्क) की बिजली का बिल.
  • कॉमन एरिया मेंटेनेंस एरिया में लिफ्ट चलाने और उसकी सालना सर्विसिंग (AMC) का खर्च, गार्बेज कलेक्शन, पार्क और लैंडस्केपिंग का रखरखाव, पंप ऑपरेटर और प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन की फीस.
  • आपको बता दें कि यह खर्च हर महीने होता है, इस कारण से कॉमन एरिया मेंटेनेंस हर महिने लिया जाता है.

ये कॉर्पस फंड क्या बला है?

कॉर्पस फंड मंथली मेंटेनेंस से बिल्कुल अलग होता है. यह वन टाइम एकमुश्त लिए जाने वाला फंड है, जो सोसाइटी के इमरजेंसी या बड़े खर्चों के लिए जमा किया जाता है.आप इसे सोसाइटी का फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या फिर सिंकिंग फंड भी समझ सकते हैं.

RWA, AOA को करता है हैंडओवर

  • बिल्डर यह पैसा पजेशन के समय हर खरीदारों से इक्ट्ठा करता है और बाद में इसे रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन या फिर अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन (AOA) को हैंडओवर कर देता है.

STP, मेन वॉटर पंप रिपेयर में इस्तेमाल

  • कॉर्पस फंड का इस्तेमाल 5 से 7 साल बाद पूरी बिल्डिंग को बाहर से दोबारा पेंट कराने में, लिफ्ट पुरानी हो जाने पर उसे बदलने या उसमें बड़ी मरम्मत कराने में इस्तेमाल होती है.
  • बिल्डिंग के मेन वॉटर पंप या सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) में बड़ी खराबी आने पर और भविष्य में किसी बड़े स्ट्रक्चरल रिपेयर के लिए इस्तेमाल होता है.

इस कैलकुलेशन से समझें

कॉर्पस फंड इसलिए लिया जाता है ताकि 10 साल बाद कोई बड़ा खर्च आए तो RWA को सभी फ्लैट्स मालिकों से एक साथ 50-50 हजार रुपए न मांगने पड़े. दूसरी तरफ एडवांस मेंटेनेंस का मतलब है कि आपको 2 साल तक 4500 रुपए नहीं देने होंगे, क्योंकि आपने वह पहले ही दे दिए हैं. हालांकि, कॉर्पस फंड आपकी एक अलग बचत होती है. मान लें आपके फ्लैट 1500 स्क्वायर फीट का है और बिल्डर 2 साल का एडवांस मांग रहा है तो कैलकुलेशन इस तरह होगी.

1500 SqFt फ्लैट का पूरा हिसाब

चार्ज का प्रकारकैल्कुलेशनरकम
मंथली मेंटेनेंस1500 SqFt @ 3 रु./SqFt₹ 4,500 प्रति माह
एडवांस मेंटेनेंस (2 साल)₹ 4,500 x 24 महीने₹ 1,08,000
कॉर्पस फंड (एकमुश्त)(बिल्डर द्वारा तय रकम)₹ 2,00,000
पजेशन पर कुल देय(एडवांस + कॉर्पस)₹ 3,08,000

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: कॉर्पस फंड और एडवांस मेंटेनेंस में क्या अंतर है?

जवाब: एडवांस मेंटेनेंस आपके रोज के खर्चों (सफाई, गार्ड) का 1-2 साल का अग्रिम भुगतान है. कॉर्पस फंड भविष्य के बड़े खर्चों (जैसे 10 साल बाद पुताई) के लिए एकमुश्त जमा राशि है.

सवाल: क्या कॉर्पस फंड रिफंडेबल होता है?

जवाब: नहीं. यह पैसा सोसाइटी की संपत्ति बन जाता है और RWA को ट्रांसफर हो जाता है.

सवाल: अगर मैं अपना फ्लैट बेच दूं तो क्या कॉर्पस फंड वापस मिलेगा?

जवाब: नहीं. यह फंड फ्लैट के साथ जुड़ा होता है, मालिक के साथ नहीं. जब आप फ्लैट बेचते हैं, तो यह फंड का अधिकार नए मालिक को ट्रांसफर हो जाता है (और आप आमतौर पर फ्लैट की कीमत में इसे जोड़कर वसूलते हैं).

सवाल: बिल्डर 2 साल का एडवांस मेंटेनेंस क्यों लेते हैं?

जवाब: ताकि जब तक RWA ठीक से काम करना शुरू न कर दे, तब तक सोसाइटी के रोजमर्रा के खर्चे (जैसे गार्ड की सैलरी) बिना रुकावट चलते रहें.

सवाल: कॉर्पस फंड का इस्तेमाल कौन तय करता है?

जवाब: RWA (रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन) सभी सदस्यों की सहमति से यह तय करती है कि इस फंड का इस्तेमाल कब और किस बड़े काम के लिए किया जाएगा.

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