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शहर हो या फिर कस्बा हर किसी का सपना होता है कि अपना खुद का एक घर खरीदना.यही कारण है कि घर खरीदना लाइफ का सबसे बड़ा कदम माना जाता है.इस सपने को पूरा करने के लिए आमतौर पर लोन का सहारा लिया जाता है.आजकल हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों, बैंकों और एनबीएफसी (NBFCs) से आसान लोन मिलने के कारण घर खरीदना पहले से कहीं आसान हो गया है. स्थिर इनकम और आसान लोन सुविधा के चलते लोग अब समझदारी से इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं और उभरते शहरों की ओर भी रुख कर रहे हैं. हालांकि, पहला घर खरीदते टाइम बजट से लेकर लोकेशन और लीगल चेक तक हर पहलू पर सावधानी जरूरी है. तो फिर आइए जानते हैं वो 5 अहम बातें जो हर नए होमबायर को ध्यान में रखनी चाहिए.
असल में भारत में घर खरीदना केवल इन्वेस्टमेंट नहीं होता, बल्कि हर किसी के लिए एक भावनात्मक जुड़ाव भी होता है. वैसे पिछले कुछ सालों में बड़े शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें किराए से कहीं तेज़ बढ़ी हैं. तो इसका मतलब है कि कई जगहों पर घर खरीदना किराए पर रहने से बेहतर सौदा भी साबित हो सकता है.
आजकल के टाइम होमबायर्स पारंपरिक सिटी सेंटर की जगह अब उन जगहों में घर खरीदने की रुचि दिखा रहे हैं जहां इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित हो रहा है.यानी कि कहें तो सही लोकेशन को चुनना लोगों को ज्यादा पसंद होता है.अगर आप सही लोकेशन का घर नहीं ले रहे हैं आने वाले में कई छोटी-बड़ी परेशानियों को झेलना पड़ सकता है.
घर खरीदने से पहले अपनी फाइनेंशियल स्थिति का समझना जरूरी होता है. आय, बचत, क्रेडिट स्कोर और डाउन पेमेंट की क्षमता पर ध्यान दें. भारत में आमतौर पर 80% तक लोन मिलता है, लेकिन बाकी 20% रकम और रजिस्ट्रेशन, स्टाम्प ड्यूटी जैसे खर्च आपको खुद उठाने होंगे.तो अगर आने वाला कल टेंशन फ्री चाहते हैं फिर इन बातों का ध्यान जरूर ही रखें.
हमेशा कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले यह जरूर तय कर करें कि उस पर कोई कानूनी विवाद तो नहीं है. RERA रजिस्ट्रेशन, टाइटल ओनरशिप और बिल्डिंग अप्रूवल की जांच करें। साथ ही, बिल्डर की पिछली परियोजनाओं को देखें कि उन्होंने समय पर डिलीवरी की है या नहीं।
डी-टू-मूव प्रोजेक्ट लेने से पहले जरूर समझ लें कि आपके हाथों में असल में घर कब तक आ जाएगा,क्योंकि वैसे तो ये ज्यादा सुरक्षित होते हैं और इनमें डिले या कीमत बढ़ने का जोखिम कम होता है. जहां तक संभव हो तो रेडी-टू-मूव घर चुनें ताकि किराया और EMI दोनों का बोझ न उठाना पड़े.
ये साफ और सच है कि आज के समय में होमबायर्स केवल कीमत या लोकेशन को नहीं देखते हैं, बल्कि आधुनिक डिज़ाइन, बेहतर सुविधाएं और कम्युनिटी को भी अहमियत देना पसंद करते हैं और इसलिए सोच-समझकर सही प्रोजेक्ट और बिल्डर चुनना चाहिए.(नोट: खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है)
5 FAQs:
Q1-पहला घर खरीदते समय सबसे पहले क्या ध्यान में रखना चाहिए?
बजट और वित्तीय क्षमता का आकलन करना सबसे जरूरी है.
Q2-घर खरीदने के लिए कौन-कौन से लोन विकल्प उपलब्ध हैं?
बैंक, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां और NBFCs से आसान होम लोन मिल सकते हैं.
Q3-लोकेशन चुनते समय किन बातों का ध्यान रखें?
शहर या कस्बे की सुविधा, कनेक्टिविटी और भविष्य में प्रॉपर्टी वैल्यू को देखें.
Q4-लीगल चेक क्यों जरूरी है?
प्रॉपर्टी के टाइटल, RERA पंजीकरण और बिल्डिंग परमिट जैसी चीज़ों की पुष्टि के लिए.
Q5-पहला घर खरीदने वाले को और क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
सही डेवलपर चुनना, प्रोजेक्ट की गुणवत्ता और समय पर डिलीवरी की जानकारी लेना जरूरी है.
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