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साल 2026 में यदि आप भी अपना घर खरीदने का मन बना रहे हैं तो आपके लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है. नाइट फ्रैंक इंडिया के अफोर्डेबिलिटी इंडेक्स 2025 के मुताबिक देश के टॉप 8 शहरों में से 7 में घर खरीदना किफायती हो गया है. इसके कारण आरबीआई द्वारा साल 2025 में रेपो रेट में की गई 125bps की कटौती है, जिससे होम लोन सस्ते हो गए हैं. यही नहीं, रिपोर्ट के मुताबिक साल 2026 में ब्याज दरों के कारण साल 2026 में भी पॉजिटिव माहौल बना रहेगा. नाइट फ्रैंक के अलावा डेवलपर्स के संघ CREDAI और रियल एस्टेट कंसल्टेंट फर्म प्रॉपइक्विटी ने भी अपनी-अपनी रिपोर्ट में भी ऐसी ही उम्मीद जताई है.
नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2026 में भी ब्याज दरों का माहौल खरीदारों के लिए सपोर्टिव बना रहेगा. साल 2025 में RBI द्वारा रेपो रेट की कटौती का फायदा 2026 में देखने को मिलेगा.

नाइट फ्रैंक के चेयरमैन शिशिर बैजल के मुताबिक, बढ़ती इनकम और कम ब्याज दरों के कारण लोग अब लंबे वक्त के लिए संपत्ति बनाने की तरफ प्रोत्साहित हो रहे हैं.
ब्याज दर नहीं कम होने देंगे डिमांड
प्रमुख शहरों में घर खरीदने की अफोर्डेबिलिटी
| शहर | 2024 (अनुपात) | 2025 (अनुपात) | स्थिति |
| अहमदाबाद | 20% | 18% | सबसे किफायती |
| पुणे | 23% | 22% | बहुत किफायती |
| कोलकाता | 24% | 22% | बहुत किफायती |
| चेन्नई | 25% | 23% | बेहतर हुआ |
| बेंगलुरु | 27% | 27% | स्थिर |
| दिल्ली-NCR | 27% | 28% | मामूली गिरावट |
| हैदराबाद | 30% | 30% | स्थिर |
| मुंबई | 50% | 47% | ऐतिहासिक सुधार |
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डेवलपर्स के संघ CREDAI और CRE मैट्रिक्स के सर्वे के मुताबिक डेवलपर्स साल 2026 को लेकर काफी ज्यादा आश्वस्त हैं. लगभग दो तिहाई डेवलपर्स को उम्मीद है कि साल 2026 में घरों की मांग में 5 फीसदी से ज्यादा का उछाल आएगा. इसी कारण 42 फीसदी डेवलपर्स ने साल 2026 में 10 लाख वर्ग फुट से ज्यादा नई सप्लाई मार्केट में लाने की योजना बनाई है. वहीं, Anarock और PropEquity की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली एनसीआर, मुंबई जैसे शहरों में प्रॉपर्टी की कीमत 10 फीसदी बढ़ने का अनुमान है.
सवाल: क्या 2026 में होम लोन की दरें कम रहेंगी?
जवाब: 2025 में हुई कटौती और स्थिर आर्थिक माहौल के कारण 2026 में भी ब्याज दरें अनुकूल रहने की संभावना है।
सवाल: घर खरीदने के लिए सबसे किफायती शहर कौन सा है?
जवाब: अहमदाबाद भारत का सबसे किफायती शहर है, जहाँ आय का मात्र 18% हिस्सा ईएमआई में जाता है.
सवाल: मुंबई में घर खरीदना अब पहले से आसान क्यों है?
जवाब: मुंबई में पहली बार ईएमआई-टू-इनकम अनुपात 50% से घटकर 47% पर आ गया है, जो इसे अब वहनीय बनाता है.
सवाल: क्या दिल्ली-एनसीआर में घरों के दाम बढ़ेंगे?
जवाब: रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में प्रीमियम घरों की अधिकता के कारण कीमतों में 10% से अधिक की वृद्धि हो सकती है.
सवाल: क्या 2026 में घर की कीमतों में बड़ी गिरावट आएगी?
जवाब: मांग मजबूत रहने के कारण कीमतों में स्थिरता या मध्यम बढ़त की ही उम्मीद है, गिरावट के संकेत नहीं हैं.