2026 घर खरीदने के लिए बेस्ट साल? जारी रहेगा होम लोन की ब्याज दरों में गिरावट का दौर, रिपोर्ट ने दी खुशखबरी

साल 2026 में घर खरीदने का मन बना रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है. नाइट फ्रैंक इंडिया की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक साल 2026 में भी घर खरीदना किफायती बना रहेगा.
2026 घर खरीदने के लिए बेस्ट साल? जारी रहेगा होम लोन की ब्याज दरों में गिरावट का दौर, रिपोर्ट ने दी खुशखबरी

साल 2026 में यदि आप भी अपना घर खरीदने का मन बना रहे हैं तो आपके लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है. नाइट फ्रैंक इंडिया के अफोर्डेबिलिटी इंडेक्स 2025 के मुताबिक देश के टॉप 8 शहरों में से 7 में घर खरीदना किफायती हो गया है. इसके कारण आरबीआई द्वारा साल 2025 में रेपो रेट में की गई 125bps की कटौती है, जिससे होम लोन सस्ते हो गए हैं. यही नहीं, रिपोर्ट के मुताबिक साल 2026 में ब्याज दरों के कारण साल 2026 में भी पॉजिटिव माहौल बना रहेगा. नाइट फ्रैंक के अलावा डेवलपर्स के संघ CREDAI और रियल एस्टेट कंसल्टेंट फर्म प्रॉपइक्विटी ने भी अपनी-अपनी रिपोर्ट में भी ऐसी ही उम्मीद जताई है.

खरीदारों के लिए माहौल सपोर्टिव

नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2026 में भी ब्याज दरों का माहौल खरीदारों के लिए सपोर्टिव बना रहेगा. साल 2025 में RBI द्वारा रेपो रेट की कटौती का फायदा 2026 में देखने को मिलेगा.

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होम लोन होगा सस्ता

  • नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के मुताबिक ब्याज दरों में कमी के कारण होम लोन सस्ता होगा, जिससे घर खरीदना आसान बना रहेगा.
  • RBI के अनुमानों के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.3 फीसदी रहने वाली है.
  • अर्थव्यवस्था में यह मजबूत टिकाऊ और स्थिर रहने वाली है, जो रियल एस्टेट सेक्टर को आगे बढ़ाएगी.
  • रिपोर्ट के मुताबिक महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण और बेहतर आर्थिक सुधारों की वजह से लोगों को घर खरीदने की क्षमता बढ़ी है.

Outlook

लंबे वक्त के लिए संपत्ति

नाइट फ्रैंक के चेयरमैन शिशिर बैजल के मुताबिक, बढ़ती इनकम और कम ब्याज दरों के कारण लोग अब लंबे वक्त के लिए संपत्ति बनाने की तरफ प्रोत्साहित हो रहे हैं.

ब्याज दर नहीं कम होने देंगे डिमांड

  • रिपोर्ट के मुताबिक मजबूत विकास दर और कम ब्याज दरों का यह मेल साल 2026 में भी डिमांड को कम होने नहीं देगा.
  • नाइट फ्रैंक के मुताबिक मुंबई में पहली बार घर खरीदने की अफोर्डेबिलिटी का स्तर 50 फीसदी की सीमा से गिरकर 47% पर आ गया है.
  • अहमदाबाद देश का सबसे किफायती बाजार बना हुआ है जहां पर EMI टू इनकम रेशियो महज 18 फीसदी है.
  • दिल्ली एनसीआर देश का इकलौता ऐसा बाजार रहा है जहा EMI टू इनकम रेशियो 27% से बढ़कर 28% हो गया.

प्रमुख शहरों में घर खरीदने की अफोर्डेबिलिटी

शहर2024 (अनुपात)2025 (अनुपात)स्थिति
अहमदाबाद20%18%सबसे किफायती
पुणे23%22%बहुत किफायती
कोलकाता24%22%बहुत किफायती
चेन्नई25%23%बेहतर हुआ
बेंगलुरु27%27%स्थिर
दिल्ली-NCR27%28%मामूली गिरावट
हैदराबाद30%30%स्थिर
मुंबई50%47%ऐतिहासिक सुधार

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मांग में 5 फीसदी से ज्यादा का उछाल

डेवलपर्स के संघ CREDAI और CRE मैट्रिक्स के सर्वे के मुताबिक डेवलपर्स साल 2026 को लेकर काफी ज्यादा आश्वस्त हैं. लगभग दो तिहाई डेवलपर्स को उम्मीद है कि साल 2026 में घरों की मांग में 5 फीसदी से ज्यादा का उछाल आएगा. इसी कारण 42 फीसदी डेवलपर्स ने साल 2026 में 10 लाख वर्ग फुट से ज्यादा नई सप्लाई मार्केट में लाने की योजना बनाई है. वहीं, Anarock और PropEquity की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली एनसीआर, मुंबई जैसे शहरों में प्रॉपर्टी की कीमत 10 फीसदी बढ़ने का अनुमान है.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

सवाल: क्या 2026 में होम लोन की दरें कम रहेंगी?

जवाब: 2025 में हुई कटौती और स्थिर आर्थिक माहौल के कारण 2026 में भी ब्याज दरें अनुकूल रहने की संभावना है।

सवाल: घर खरीदने के लिए सबसे किफायती शहर कौन सा है?

जवाब: अहमदाबाद भारत का सबसे किफायती शहर है, जहाँ आय का मात्र 18% हिस्सा ईएमआई में जाता है.

सवाल: मुंबई में घर खरीदना अब पहले से आसान क्यों है?

जवाब: मुंबई में पहली बार ईएमआई-टू-इनकम अनुपात 50% से घटकर 47% पर आ गया है, जो इसे अब वहनीय बनाता है.

सवाल: क्या दिल्ली-एनसीआर में घरों के दाम बढ़ेंगे?

जवाब: रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में प्रीमियम घरों की अधिकता के कारण कीमतों में 10% से अधिक की वृद्धि हो सकती है.

सवाल: क्या 2026 में घर की कीमतों में बड़ी गिरावट आएगी?

जवाब: मांग मजबूत रहने के कारण कीमतों में स्थिरता या मध्यम बढ़त की ही उम्मीद है, गिरावट के संकेत नहीं हैं.

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