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लोगों की सुविधा के लिए रेलवे ने टिकट से जुड़े कई खास नियम बनाए हैं (प्रतीकात्मक फोटो/AI-ChatGpt)
हर रोज भारत में करोड़ों लोग ट्रेन से सफर करते हैं, आज भी ट्रेन को सफर के लिए सस्ता माना जाता है. वहीं, लोगों की सुरक्षा आदि को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने भी कई खास रूल बनाए हैं, जिनको फॉलो ना करना मुसीबत का कारण तक बन सकता है.अक्सर लोग ट्रेन छूटने पर घबरा जाते हैं या गलती से बिना टिकट कोच में चढ़ने पर भारी जुर्माने से डरते हैं.
जी हां रोज ट्रेन में सफर करने वाले भी रेलवे के टिकट से जुड़े 5 रूल्स को अक्सर इग्नोर कर देते हैं.तो आइए जानते हैं कि ऐसी स्थिति में रेलवे के नियम क्या कहते हैं और आप भारी नुकसान से कैसे बच सकते हैं.
अगर आप अपनी कंफर्म टिकट ट्रेन छूटने से 72 घंटे पहले कैंसिल करते हैं, तो घबराने की बात नहीं है, क्योंकि केवल मामूली सा 'फ्लैट कैंसिलेशन चार्ज' ही कटेगा. लेकिन जैसे-जैसे समय कम होगा, रेलवे की कैंची तेज चलेगी- 72 से 24 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर किराए का 25% और 24 से 8 घंटे पहले कैंसिल करने पर सीधे आधा पैसा यानी 50% काट लिया जा सकता है.
अगर ट्रेन छूटने में 8 घंटे से कम का समय बचा है, तो आपको फूटी कौड़ी भी रिफंड नहीं मिलेगी.डिजिटल तरीके से ट्रेन खुलने से महज 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग पॉइंट बदल सकते हैं.
अगर आप भी किसी को ट्रेन तक छोड़ने या लेने स्टेशन जाते हैं, तो बिना प्लेटफॉर्म टिकट के अंदर घुसने की गलती भारी पड़ सकती है. रेलवे अधिनियम की धारा 155 के मुताबिक, बिना प्लेटफॉर्म टिकट के स्टेशन परिसर में पाए जाने पर आपको 250 से 270 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है. इसके अलावा प्लेटफॉर्म टिकट केवल 2 घंटे के लिए ही मान्य होता है, इसके बाद वो बेकार माना जाता है.
ट्रेन में बिना टिकट सफर करने का मतलब है सीधे-सीधे बड़ी मुसीबत को न्योता देना. अगर आप चेकिंग में पकड़े जाते हैं तो आपको यात्रा का मूल किराया और 250 रुपये का जुर्माना तो देना ही होगा. साथ ही रेलवे आपसे उस शुरुआती स्टेशन से किराया वसूल सकता है. इतना ही नहीं अगर आपने मौके पर जुर्माना नहीं भरा तो जेल की हवा या 1000 रुपये तक का भारी दंड भी भुगतना पड़ सकता है.
2026 के रूल्स के हिसाब से स्लीपर क्लास में बिना टिकट पकड़े जाने पर 250 रुपये और एसी कोच में 440 रुपये तक की पेनल्टी और किराया लग सकता है. रेलवे एक्ट की धारा 137 के तहत अगर आपने जानबूझकर बिना टिकट यात्रा की है तो 6 महीने की जेल या 1000 रुपये का जुर्माना भी लग सकता है.
कम दूरी का टिकट लेकर लंबी दूरी की ट्रेन के एसी या स्लीपर कोच में बैठ रहे हैं तो अलर्ट हो जाएं. 2026 के रूल्स के हिसाब से बिना टिकट यात्रा माना जाएगा. अगर आप ऐसा करते हुए पकड़े गए तो एसी कोच में 440 रुपये और स्लीपर में 250 रुपये जुर्माने और पूरा किराया देना होगा.
एक रूल ये भी है कि कोई भी पुरुष टीटीई महिलाओं के लिए रिजर्व डिब्बों के अंदर जाकर टिकट चेक नहीं कर सकता. नियम के हिसाब से महिला कोच की चेकिंग की जिम्मेदारी केवल महिला टिकट कलेक्टरों की ही होती है. पुरुष स्टाफ केवल प्लेटफॉर्म पर ही महिला यात्रियों के टिकट मांग सकता है.
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तो अगली बार जब आप ट्रेन में सफर करें उससे पहले रेलवे के टिकट से जुड़े ये छोटे छोटे लेकिन काम के रूल्स एक बार जरूर समझ लें. जी हां रेलवे के ये छोटे-छोटे नियम न सिर्फ आपका पैसा बचा सकते हैं, बल्कि सफर के दौरान होने वाली मानसिक परेशानी को भी कम कर सकते हैं.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 अगर सफर के दौरान टिकट खो जाए तो क्या करें?
तुरंत टीटीई को बताएं. वह आपकी आईडी चेक करके छोटा सा जुर्माना लेकर आपको नया डुप्लीकेट टिकट बना देगा.
Q2 मिडिल बर्थ (Middle Berth) खोलने का समय क्या है?
नियम के मुताबिक आप रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ही मिडिल बर्थ खोलकर सो सकते हैं. बाकी समय इसे नीचे रखना होगा.
Q3 क्या मैं अपना टिकट परिवार के किसी सदस्य को दे सकता हूं?
ट्रेन छूटने से 24 घंटे पहले स्टेशन मास्टर को अर्जी देकर आप माता-पिता, भाई-बहन या जीवनसाथी के नाम टिकट ट्रांसफर करा सकते हैं.
Q4 क्या टीटीई रात में सोते समय जगा सकता है?
जी नहीं. रेलवे नियम कहता है कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच टीटीई आपको टिकट चेकिंग के लिए नहीं जगा सकता.