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हर किसी को पता होना चाहिए रेलवे का '2 स्टेशन नियम' और बोर्डिंग पॉइंट का रूल (प्रतीकात्मक फोटो/AI-ChatGpt)
भारतीय रेलवे में सफर करने वाले ज्यादातर लोगों को लगता है कि अगर टिकट कंफर्म है, तो सीट पूरी यात्रा तक उनकी ही रहेगी.लेकिन कभी सोचा है कि मान लीजिए आप अपनी कंफर्म सीट पर बैठते उससे पहले ही ट्रेन छूट गई तो उस सीट का क्या होता है. जी हां रेलवे ने इसको लेकर सिंपल से नियम बनाए हैं जो हर किसी को जानना ही चाहिए..
आइए आसान भाषा में समझते हैं कि ट्रेन छूटने के बाद आपकी सीट का क्या होता है, TTE की कितनी पावर होती है और कौन सी गलती आपको भारी पड़ सकती है?
जब आप IRCTC या रेलवे काउंटर से टिकट बुक करते हैं, तो उसमें एक Boarding Station तय होता है. यानी कि वह स्टेशन जहां से रेलवे ये मानकर चलता है कि यात्री ट्रेन में चढ़ेगा.अगर आप उस स्टेशन से ट्रेन मिस कर देते हैं और रेलवे को इसकी जानकारी नहीं देते, तो TTE सीट कोVacant” मान सकता है.हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि टिकट तुरंत कैंसिल हो गया.
TTE एक फिक्स समय तक इंतजार करने के बाद आपकी सीट किसी और को दे सकता है. ये पूरी तरह से सच है.
नहीं....यहीं सबसे ज्यादा भ्रम होता है. असल में रेलवे में ऐसा कोई सार्वभौमिक नियम नहीं है कि ट्रेन छूटते ही सीट तुरंत रद्द हो जाएगी. लेकिन अगर TTE को लगता है कि यात्री नहीं आएगा, तो वह चार्ट और सीट उपलब्धता के हिसाब से खाली सीट आगे अलॉट कर सकता है.
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तुरंत नहीं बिकेगी सीट
अगर आपकी ट्रेन बोर्डिंग स्टेशन से छूट गई है, तो TTE तुरंत आपकी सीट किसी और को नहीं दे सकता
स्टेशनों का नियम
रेलवे नियम के अनुसार, TTE को अगले 2 स्टेशनों या 1 घंटे (जो पहले हो) तक आपकी सीट खाली रखनी होगी
अगले स्टेशन से बोर्डिंग
अगर आप अपने तय स्टेशन पर नहीं चढ़ पाए, तो अगले दो स्टेशनों के बीच कहीं भी पहुंचकर अपनी सीट पर दावा कर सकते हैं
'नॉट टर्न अप' मार्क
अगर आप अगले 2 स्टेशनों तक भी नहीं पहुंचते, तो TTE आपको 'No Show' मार्क कर देगा और आपकी सीट वेटिंग लिस्ट वाले को मिल जाएगी
रिफंड के लिए TDR
ट्रेन छूटने के बाद अगर आप पैसा वापस चाहते हैं, तो आपको तुरंत ऑनलाइन TDR (Ticket Deposit Receipt) फाइल करना होगा
कनेक्टिंग ट्रेन नियम
अगर पहली ट्रेन की देरी की वजह से आपकी दूसरी कनेक्टिंग ट्रेन छूट गई है, तो नए नियमों के तहत आप रिफंड क्लेम कर सकते हैं
सेकंड चार्ट ट्रेन के प्रस्थान से 30 मिनट पहले तैयार किया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य अंतिम समय में सीटों के आवंटन और खाली सीटों के प्रबंधन को व्यवस्थित करना है. कि यानी अगर आपकी सीट खाली दिख रही है, तो उसका अलॉटमेंट आगे हो सकता है.
घबराने की बजाय ये काम करें
1. तुरंत TTE से संपर्क करें
अगर अगले स्टेशन से ट्रेन पकड़ सकते हैं, तो TTE को जानकारी दें
2. Rail Madad App इस्तेमाल करें
रेलवे हेल्पलाइन और शिकायत पोर्टल मदद कर सकते हैं
3. Boarding Point पहले ही बदल दें
अगर पता है कि दूसरे स्टेशन से चढ़ना है, तो आखिरी समय तक इंतजार न करें
| सवाल | असली नियम |
| ट्रेन छूट गई तो टिकट तुरंत खत्म? | नहीं |
| TTE सीट किसी और को दे सकता है? | हां |
| सीट किसे मिलती है? | किसी भी यात्री को |
| Boarding Point बदल सकते हैं? | हां |
| सीट बचाने का सबसे अच्छा तरीका? | Boarding Point अपडेट करें |
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रेलवे का सिस्टम अब पहले से ज्यादा डिजिटल और लाइव हो चुका है. TTE के पास अब रियल टाइम सीट डेटा होता है.la इसलिए अगर आप Boarding Station से ट्रेन मिस कर देते हैं, तो सीट खाली मानकर आगे अलॉट की जा सकती है.
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