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Vande Bharat Sleeper Train: भारतीय रेलवे के जिस ट्रेन (वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस) का इंतजार इस समय पूरा देश कर रहा है, उसकी शुरुआत अब बहुत जल्द होने वाली है. रेलवे से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अगले महीने यानी अगस्त 2025 में देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (Vande Bharat Sleeper Train) दौड़ती नजर आ सकती है. अभी तक जो वंदे भारत (Vande Bharat) ट्रेन ट्रैक पर चल रही हैं, वो सभी छोटी दूरी पर चलने वाली ट्रेनें हैं, जो पैसेंजर्स को एक आरामदायर सफर देती हैं. लेकिन रेलवे अब यही एक्सपीरिएंस लंबी दूरी के पैसेंजर्स को भी देना चाहती है. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को इस फॉर्मेट में तैयार किया गया है कि यह रात के सफर के लिए बिल्कुल सही है.
फिलहाल ट्रेन का रूट तय नहीं हुआ है. लेकिन सूत्रों के मुताबिक, इसे दिल्ली से हावड़ा या दिल्ली से मुंबई के बीच में चलाने की योजना पर विचार किया जा रहा है. यह दोनों ही रूट न सिर्फ यात्रियों की भारी भीड़ वाले हैं, बल्कि रेलवे के लिए कमाई के लिहाज से भी बेहद अहम हैं. हालांकि, ट्रेन को हरी झंडी देने का अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से लिया जाएगा.
देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को तैयार करने की ज़िम्मेदारी ICF चेन्नई और बेंगलुरु की BEML (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड) को दी गई थी. अब तक दो प्रोटोटाइप तैयार हो चुके हैं, जिनमें से एक ICF चेन्नई में बना मॉडल फाइनल लॉन्च के लिए प्रबल दावेदार माना जा रहा है. वर्तमान में 10 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का निर्माण कार्य तेजी से जारी है. रेलवे जल्द ही इन्हें फेज़वाइज देशभर में लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है.
इस हाई-टेक ट्रेन में यात्रियों को मिलने वाली सुविधाएं वाकई राजधानी एक्सप्रेस से कहीं बेहतर होंगी. यही वजह है कि इसका किराया राजधानी एक्सप्रेस से थोड़ा ज्यादा होने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, अभी आधिकारिक तौर पर किराये का ऐलान नहीं किया गया है.
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 24 कोच होंगे. इसमें यात्रियों के लिए AC थ्री-टियर, AC टू-टियर और फर्स्ट क्लास AC कोच उपलब्ध होंगे. लंबी दूरी के यात्रियों के लिए इसमें पैंट्री कार भी शामिल होगी, जिससे ट्रेन पूरी तरह राजधानी जैसी सुविधा देगी.
स्पीड की बात करें तो ये ट्रेनें 160 किमी प्रति घंटे की ऑपरेशनल स्पीड और 180 किमी प्रति घंटे की टेस्टिंग स्पीड के लिए डिजाइन की गई हैं. यानी आने वाले समय में ट्रेन की रफ्तार भी लोगों का समय और अनुभव दोनों बचाएगी.
रेलवे ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 200 नई वंदे भारत ट्रेनों के लिए टेंडर जारी कर दिया है. इसमें 120 ट्रेनें रूस की कंपनी TMH (Transmashholding) और RVNL (Rail Vikas Nigam Limited) को सौंपी गई हैं. वहीं 80 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का टेंडर BHEL (भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड) और तितागढ़ रेल सिस्टम्स को मिला है. इससे साफ है कि सरकार और रेलवे अब वंदे भारत को दिन की बजाय 24x7 सफर का विकल्प बनाने जा रहे हैं.
फिलहाल सबकी नजरें इसी पर टिकी हैं कि ट्रेन का पहला रन किस तारीख को होगा और किस रूट पर चलेगी. रेलवे से जुड़े अधिकारी इस पर चुप्पी साधे हैं, लेकिन तैयारी से साफ है कि अगस्त 2025 में इसकी शुरुआत लगभग तय मानी जा रही है.