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भारतीय रेलवे लगातार अपने नेटवर्क में आधुनिक और तेज़ रफ्तार ट्रेनों को शामिल कर रहा है. इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, देश में अब ऑपरेशनल वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़कर 150 हो गई है.रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में यह जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह आधुनिक बनाना और यात्रियों को उच्च स्तरीय यात्रा अनुभव प्रदान करना है.
इससे पहले 144 वंदे भारत 6 अगस्त तक थी, जो रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में दिया था, लेकिन अब 10 अगस्त तो आज की 3 जोड़ी (6 नई ट्रेन) को मिलाकर कुल 150 वंदे भारत ट्रेन हो गई हैं.
वंदे भारत सेमी हाई-स्पीड ट्रेनें हैं, जिन्हें पूरी तरह भारतीय रेलवे ने डिज़ाइन और विकसित किया है. इन ट्रेनों को यात्रियों को तेज, सुरक्षित, आरामदायक और तकनीकी रूप से उन्नत यात्रा अनुभव देने के लिए तैयार किया गया है. इनमें तेज एक्सीलरेशन की क्षमता है और ये ‘कवच सिस्टम’ जैसी अत्याधुनिक सुरक्षा तकनीक से लैस हैं. पूरी तरह सीलबंद गैंगवे, ऑटोमैटिक डोर, और आरामदायक रिक्लाइनिंग सीटें यात्रा को और भी सहज बनाती हैं.
ट्रेन के अंदर यात्रियों के लिए मिनी पैंट्री, हॉट केस, बॉटल कूलर, डीप फ्रीजर और गर्म पानी के बॉयलर जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। एग्जीक्यूटिव क्लास में घूमने वाली सीटें, हर सीट पर मोबाइल चार्जिंग सॉकेट, दिव्यांगजन के लिए विशेष शौचालय और पूरे डिब्बे में सीसीटीवी निगरानी जैसे फीचर्स भी शामिल हैं.
रेल मंत्री ने बताया कि इन सेवाओं का मुख्य उद्देश्य उच्च मांग वाले रूट्स पर भीड़ को कम करना और यात्रा को तेज, सुरक्षित और किफायती बनाना है. उनकी लोकप्रियता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 3 करोड़ यात्रियों ने वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर किया. वहीं, केवल अप्रैल से जून 2025 के बीच ही 93 लाख यात्रियों ने इन ट्रेनों का इस्तेमाल किया.
वंदे भारत सेवाओं का तेज़ी से विस्तार भारत के यात्री परिवहन क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव माना जा रहा है. ये ट्रेनें देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों पर गति, आराम और सुरक्षा का बेहतरीन मेल प्रस्तुत कर रही हैं. हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु से कर्नाटक के बेलगावी के बीच नई वंदे भारत ट्रेन सेवा का उद्घाटन किया. उन्होंने खुद ट्रेन में यात्रा करते हुए बच्चों और छात्रों से बातचीत की, जिससे इस सेवा को और अधिक प्रोत्साहन मिला.
प्रधानमंत्री ने बेंगलुरु रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाने से पहले रेलवे कर्मचारियों से भी मुलाकात की और उनके योगदान की सराहना की. इसके अलावा, उन्होंने दो और वंदे भारत रूट्स का उद्घाटन किया — एक अमृतसर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा के बीच, और दूसरा नागपुर (अजनी) से पुणे के बीच.
सरकार की योजना है कि आने वाले वर्षों में वंदे भारत ट्रेनों की संख्या और बढ़ाई जाए, ताकि अधिक से अधिक शहर और कस्बे इस हाई-स्पीड और अत्याधुनिक सेवा से जुड़ सकें. यह न केवल यात्री अनुभव को बेहतर बनाएगा, बल्कि भारतीय रेलवे की दक्षता और विश्वसनीयता को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा.(INPUT:IANS)
FAQ
प्रश्न: अभी देश में कितनी वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं?
उत्तर: देश में अब कुल 150 वंदे भारत ट्रेनें ऑपरेशनल हैं.
प्रश्न: हाल ही में कितनी नई वंदे भारत ट्रेनें जोड़ी गईं?
उत्तर: 3 जोड़ी यानी 6 नई वंदे भारत ट्रेनें जोड़ी गईं.
प्रश्न: वंदे भारत ट्रेनें किसके द्वारा शुरू की गईं?
उत्तर: वंदे भारत ट्रेनें भारतीय रेलवे ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में शुरू की हैं.
प्रश्न: वंदे भारत ट्रेन की खासियत क्या है?
उत्तर: यह ट्रेन तेज रफ्तार, आधुनिक डिजाइन और हवाई जहाज जैसी सुविधाओं के लिए मशहूर है.
प्रश्न: रेलवे का आगे का लक्ष्य क्या है?
उत्तर: रेलवे नेटवर्क को पूरी तरह आधुनिक बनाना और यात्रियों को विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव प्रदान करना.