बंद हो गया रेलवे का ये वाला ऐप, अब वॉलेट में पड़े पैसों का क्या होगा? टेंशन ना लें.. जानें कैसे मिलेंगे वापस!

भारतीय रेलवे के अनरिजर्व्ड टिकट बुकिंग ऐप UTS का सफर खत्म हो गया है. 1 मार्च 2026 से UTS ऐप पूरी तरह बंद कर दिया गया है और इसकी सभी सेवाएं अब नए 'RailOne' ऐप पर शिफ्ट हो गई हैं. रेलवे ने साफ किया है कि जिन यात्रियों के पुराने R-Wallet में पैसे बचे हैं, वे सुरक्षित रहेंगे और नए ऐप में ट्रांसफर हो जाएंगे. यात्रियों को बस उसी मोबाइल नंबर से नए ऐप में लॉगिन करना होगा. RailOne ऐप न केवल जनरल टिकट बुक करेगा, बल्कि इसमें लाइव ट्रेन ट्रैकिंग और खाना ऑर्डर करने जैसी कई अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी.
बंद हो गया रेलवे का ये वाला ऐप, अब वॉलेट में पड़े पैसों का क्या होगा? टेंशन ना लें.. जानें कैसे मिलेंगे वापस!

अगर आप ट्रेन में जनरल (अनरिजर्व्ड) टिकट या प्लेटफॉर्म टिकट लेने के लिए मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए सबसे जरूरी है. आज यानी 1 मार्च 2026 से रेलवे का पुराना UTS ऐप इतिहास बन गया है. अब इसकी जगह आपको 'RailOne' ऐप का इस्तेमाल करना होगा.

रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (CRIS) ने साफ कर दिया है कि अब जनरल टिकट बुकिंग की सभी सेवाएं नए और हाई-टेक 'RailOne' ऐप पर ट्रांसफर कर दी गई हैं.

मेरे R-Wallet के पैसों का क्या होगा?

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सबसे बड़ा सवाल यही है कि पुराने ऐप के वॉलेट में जो पैसे पड़े थे, वह डूब तो नहीं जाएंगे? इसका जवाब है- बिल्कुल नहीं.

ऑटोमैटिक ट्रांसफर: आपका R-Wallet बैलेंस खुद-ब-खुद RailOne ऐप में दिखने लगेगा.

शर्त: आपको RailOne ऐप पर उसी मोबाइल नंबर से रजिस्टर करना होगा जो आपके UTS ऐप में रजिस्टर्ड था.

नंबर बदला तो बैलेंस गया: अगर आप नए नंबर से रजिस्टर करेंगे, तो पुराना बैलेंस ट्रांसफर नहीं होगा, क्योंकि R-Wallet बैलेंस नॉन-ट्रांसफरबल (Non-transferable) होता है.

'RailOne' ऐप में क्या है खास?

रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस ऐप को 'ऑल-इन-वन' समाधान के रूप में पेश किया है. इसमें आपको ये सुविधाएं मिलेंगी:

सस्ता टिकट: R-Wallet से जनरल टिकट बुक करने पर 3% का डिस्काउंट मिलता रहेगा.

सब कुछ एक जगह: इसमें लाइव ट्रेन ट्रैकिंग, शिकायत दर्ज करना, ई-कैटरिंग (खाना मंगवाना), कुली की बुकिंग और टैक्सी बुकिंग जैसी सुविधाएं एक ही ऐप में मिलेंगी.

आसान लॉगिन: अब बार-बार पासवर्ड याद रखने की जरूरत नहीं, आप mPIN या अपने फिंगरप्रिंट (Biometric) से लॉगिन कर सकते हैं.

R-Wallet के पैसे वापस चाहिए?

अगर आप नए ऐप का इस्तेमाल नहीं करना चाहते और अपना वॉलेट बैलेंस वापस पाना चाहते हैं, तो उसका तरीका यह है:

ऐप के 'Profile' सेक्शन में जाकर 'Surrender Wallet' का ऑप्शन चुनें.

  • आपके नंबर पर एक कोड आएगा.
  • उस कोड को लेकर किसी भी UTS काउंटर पर जाएं.
  • वहां 30 रुपये का क्लर्केज चार्ज काटकर बाकी पैसे आपको रिफंड कर दिए जाएंगे.

पुरानी पहचान, नया अंदाज

अच्छी बात यह है कि अगर आपके पास पहले से RailConnect (IRCTC) या UTS के आईडी-पासवर्ड हैं, तो वे RailOne ऐप पर भी काम करेंगे. आपको अलग से नया यूजर बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. रिजर्व टिकट (Reserved Tickets) अभी भी IRCTC की वेबसाइट और ऐप पर मिलते रहेंगे, लेकिन RailOne ऐप को भी इसके लिए अधिकृत (Authorised) किया गया है.

Conclusion

रेलवे अब धीरे-धीरे अपनी सभी डिजिटल सेवाओं को एक ही छत के नीचे ला रहा है. 'RailOne' ऐप इसी दिशा में एक बड़ा कदम है. इससे न केवल आपके फोन का स्पेस बचेगा, बल्कि यात्रा के दौरान मिलने वाली सुविधाएं भी पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएंगी. तो देर किस बात की? अगर अभी तक नहीं किया है, तो आज ही प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से नया 'RailOne' ऐप डाउनलोड करें.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1- क्या UTS ऐप अब बिल्कुल काम नहीं करेगा?

जी हां, 1 मार्च 2026 से UTS ऐप पूरी तरह बंद कर दिया गया है.

2- RailOne ऐप पर रजिस्टर कैसे करें?

अपने पुराने UTS वाले मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके RailOne ऐप पर रजिस्टर करें, आपका सारा डेटा अपने आप आ जाएगा.

3- क्या R-Wallet का पैसा दूसरे नंबर पर ट्रांसफर हो सकता है?

नहीं, R-Wallet का बैलेंस किसी दूसरे नंबर या व्यक्ति को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता.

4- RailOne ऐप से टिकट बुक करने पर कोई डिस्काउंट मिलेगा?

हां, अगर आप R-Wallet के जरिए जनरल टिकट बुक करते हैं, तो आपको 3% की छूट मिलेगी.

5- क्या RailOne ऐप से रिजर्वेशन (बर्थ) भी बुक कर सकते हैं?

RailOne ऐप मुख्य रूप से जनरल टिकटों के लिए है, लेकिन यह IRCTC के साथ भी जुड़ा है, जिससे रिजर्वेशन की सुविधा भी मिल सकती है.

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