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दूसरी वंदे भारत ट्रेन इस महीने के अंत में चेन्नई स्थित आईसीएफ यानी इंटेग्रल कोच फैक्ट्री से निकलकर पटरियों पर आ जाएगी.
देश की पहली अतिआधुनिक और सेमी हाईस्पीड ट्रेन टी-18 या कहें वंदे भारत एक्सप्रेस दिल्ली से वाराणसी के बीच दौड़ रही है. बेहद खूबसूरत और तमाम आधुनिक सुविधाओं से लैस इस ट्रेन का सफर हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रही है. अब वंदे भारत कड़ी की दूसरी ट्रेन पटरियों पर दौड़ने को तैयार है.
दूसरी वंदे भारत ट्रेन इस महीने के अंत में चेन्नई स्थित आईसीएफ यानी इंटेग्रल कोच फैक्ट्री से निकलकर पटरियों पर आ जाएगी.
जानकार बताते हैं कि नई वंदे भारत एक्सप्रेस दिल्ली-मुंबई के बीच चलाई जाएगी. यह ट्रेन राजधानी ट्रेन से 4 घंटे पहले अपनी यात्रा पूरी कर लेगी. फिलहाल दिल्ली-मुबंई के बीच चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस 16 घंटे में अपना सफर तय करती है. रेलवे के अधिकारी बताते हैं कि वंदे भारत ट्रेन दिल्ली से मुंबई की दूरी (1358 किमी) 12 घंटे में तय कर लेगी.
कोच के शीशों की सुरक्षा और ट्रैक पर जानवरों के आने से होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए नई ट्रेन में कुछ बदलाव किए गए हैं. इसमें कैटलगार्ड लगाया गया है.
हालांकि मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक दूसरी वंदे भारत को दिल्ली-भोपाल और दिल्ली-चंडीगढ़ रूट पर चलाने की चर्चा है. लेकिन रेलवे अधिकारियों की मानें तो यह ट्रेन दिल्ली-मुंबई के बीच चलाई जाएगी.
दिल्ली से मुंबई के बीच की दूरी कम करने के लिए वंदे भारत के ठहराव कम किए जाएंगे. ठहराव कम होने से वंदे भारत की दिल्ली से मुंबई पहुंचने की समय सीमा स्वत: ही कम हो जाएगी.
नई ट्रेन में नए बदलाव
ट्रेन 18 के नाम से मशहूर हुई इस ट्रेन की नई रैक में कुछ बदलाव किए जा रहे हैं. मिनी पेंट्रीकार की क्षमता बढ़ाई गई है. इसके अलावा वंदे भारत को पत्थरबाजों से बचाने के लिए खिड़कियों को ढकने पर विचार किया जा रहा है. जानवरों के टकराने की घटना को रोकने के लिए कैटलगार्ड लगाया गया है. रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि देश की पहली स्वदेशी सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत का दूसरा रैक 10 से 15 दिन बाद ही फैक्ट्री से बाहर आ सकेगा.