Waiting Ticket: अगर टिकट पर लिखा है ये कोड, तो कभी नहीं होगी सीट कंफर्म! यात्रा से पहले समझें रेलवे के इन सीक्रेट कोड्स का गणित

ट्रेन में वेटिंग टिकट से परेशान हैं? बार-बार PNR स्टेटस चेक करने के बजाय अपने टिकट पर लिखे GNWL, RLWL या PQWL जैसे कोड्स को ध्यान से देखें. यही 'सीक्रेट कोड्स' बताते हैं कि आपकी सीट पक्की होगी या नहीं और आपको यात्रा का दूसरा प्लान बनाना चाहिए या नहीं, जानिए किस कोड में कंफर्म होने की सबसे ज्यादा उम्मीद होती है.
Waiting Ticket: अगर टिकट पर लिखा है ये कोड, तो कभी नहीं होगी सीट कंफर्म! यात्रा से पहले समझें रेलवे के इन सीक्रेट कोड्स का गणित

टिकट पर लिखे कोड GNWL, RLWL या PQWL ही यह तय कर देते हैं कि टिकट कन्फर्म होगा भी या नहीं (फाइल फोटो)

अक्सर कहीं कहीं घूमने जाने के लिए या फिर घर बगैहरा जाने के ट्रेन में टिकट हम बुक करवाते हैं. ट्रेन की यात्रा जितनी आरामदायक होती है, उतनी ही टिकट वेटिंग पर जाने पर टेंशन भी होती है. तो अगर आपने भी हाल ही में टिकट बुक किया है और वह अभी वेटिंग लिस्ट में टिकट अटकी हुई है, तो बार बार PNR स्टेटस चेक ना करें. आप पहले ही पता कर लें कि आपकी टिकट कंफर्म हुई है या नहीं.

असल में आपके टिकट पर लिखे छोटे-छोटे कोड जैसे GNWL, RLWL या PQWL ही यह तय कर देते हैं कि आपका टिकट कन्फर्म होगा भी या नहीं? जी हां, रेलवे के इन सीक्रेट कोड्स का मतलब समझना बहुत जरूरी है, ताकि आप टाइम रहते अपनी यात्रा का दूसरा प्लान बना सकें,तो आइए जानते हैं इन कोड्स का पूरा गणित.

1. RSWL (Road Side Waiting List): कम चांज

जब भी कोई टिकट ट्रेन के ओरिजनेटिंग (शुरुआती) स्टेशन से उसके बिल्कुल पास वाले स्टेशन के लिए बुक किया जाता है, तो फिर हमेशा वहां RSWL कोड मिलता है.तो इस टिकट के हमेशा ही कन्फर्म होने की संभावना भी बहुत कम मानी जाती है.

2. TQWL (Tatkal Quota Waiting List): न के बराबर चांस

तत्काल बुकिंग में अगर टिकट वेटिंग में चला जाए, तो उसको TQWL कहते हैं.इस टिकट के कन्फर्म होने की उम्मीद भी अक्सर न के बराबर ही होती है. इसका कारण ये है कि तत्काल टिकट कैंसिल करने पर रेलवे रिफंड नहीं देता, तो इसलिए लोग इसे कैंसिल नहीं कराते। साथ ही, चार्ट बनते समय जनरल वेटिंग को तत्काल वेटिंग से ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है.

3. PQWL (Pooled Quota Waiting List): किस्मत के भरोसे ही मानें

'पूल्ड कोटा वेटिंग लिस्ट' आमतौर पर उन यात्रियों को मिलती है जो लंबी दूरी की ट्रेन में बीच के दो स्टेशनों के लिए सफर करते हैं.इसमें कन्फर्म होने के चांसेज काफी कम ही रहते हैं क्योंकि इसमें पूरे रूट के लिए एक छोटा साझा कोटा होता है.तो अगर कोई उसी कोटे का टिकट कैंसिल करेगा, तभी आपकी सीट पक्की हो सकती है.

4. RLWL (Remote Location Waiting List): थोड़ा मुश्किल होगा

RLWL कोड तब दिखता है जब आप दो बड़े स्टेशनों के बीच के किसी भी रिमोट लोकेशन यानी कि छोटे स्टेशन से टिकट बुक करते हैं. असल में इन स्टेशनों के लिए बर्थ का एक अलग छोटा कोटा होता है.क्योंकि इसमें कोटा कम होता है, इसलिए GNWL के मुकाबले इसके कन्फर्म होने की संभावना थोड़ी कम होती है.

5. RAC (Reservation Against Cancellation): आधी सीट पक्का मिलेगी

RAC का मतलब है कि आपको ट्रेन में चढ़ने की इजाजत तो मिल गई है, लेकिन पूरी बर्थ नहीं मिलेगी.असल में इसमें एक साइड लोअर बर्थ को दो यात्रियों के बीच बांटा जाता है. यानी कि बैठने की जगह तो पक्का मिल सकती है. लेकिन फिर सीट पर सोने के लिए इंतजार करना होगा.यानी कि अगर मुख्य लिस्ट में कोई टिकट कैंसिल होता है, तो RAC वाले को सबसे पहले पूरी बर्थ दी जाती है.

6. GNWL (General Waiting List): सबसे ज्यादा उम्मीद है

GNWL कोड सबसे काम का माना जाता है. जी हां, अगर आपके वेटिंग टिकट पर GNWL लिखा है,यह 'जनरल वेटिंग लिस्ट' है.असल में यह तब मिलता है जब यात्री ट्रेन के शुरुआती स्टेशन या उसके आसपास के स्टेशनों से सफर शुरू करता है.जी हां वेटिंग लिस्ट की कैटेगरी में इसके कन्फर्म होने के चांस सबसे ज्यादा होते हैं,असल में रेलवे सबसे पहले इसी लिस्ट को क्लियर करने की कोशिश करता है.

आपके काम की बात

आपको बता दें कि अगर आपका टिकट GNWL में 20-30 के अंदर है, तो कन्फर्म होने की उम्मीद की ज्यादा की सा सकती है. लेकिन फिर अगर आप TQWL या PQWL में 50 के पार हैं, तो फिर बेहतर होगा कि आप बस या बाकी ऑप्शन की तलाश शुरू कर दें.असल में यात्रा पर निकलने से पहले IRCTC की वेबसाइट या ऐप पर अपना स्टेटस जरूर चेक कर लेना चाहिए.

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