चलती ट्रेन में वेंडर समझकर RPF ने रोका, जब बैग खोला, नोटों का पहाड़ देख फटी रह गई आंखें

कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने बड़ी कार्रवाई की है. आरपीएफ के चेकिंग अभियान के दौरान एक युवक संदिग्ध अवस्था में नजर आया है. जानिए क्या है मामला.
चलती ट्रेन में वेंडर समझकर RPF ने रोका, जब बैग खोला, नोटों का पहाड़ देख फटी रह गई आंखें

कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए ट्रेन से 38 लाख 20 हजार रुपए नकद बरामद किए. यह कार्रवाई प्रयागराज मंडल के अंतर्गत गठित मंडल स्तरीय वेंडर ड्राइव टीम द्वारा की गई. बरामद नकदी के मामले में आयकर विभाग को सूचना दे दी गई है और आगे की जांच जारी है. आरपीएफ की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, सेंट्रल स्टेशन पर टीम अवैध वेंडरों के खिलाफ चेकिंग अभियान चला रही थी.

संदिग्ध अवस्था में मिला युवक

RPF के चेकिंग अभियान दौरान ट्रेन संख्या 12311 के जनरल कोच में एक युवक झोला लिए संदिग्ध अवस्था में नजर आया. टीम ने जब उससे पूछताछ की तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका.

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500,200,100 के नोटों की गड्डियां

  • संदेह के आधार पर जब उसके झोले की तलाशी ली गई तो उसमें एक बैग मिला, जिसमें 500, 200 और 100 रुपए के नोटों की गड्डियां भरी हुई थीं.
  • युवक ने अपना नाम मनीष द्विवेदी (25) बताया. पूछताछ के दौरान उसने दावा किया कि यह नकद राशि उसके मालिक अभिषेक गुप्ता द्वारा कानपुर में भुगतान के लिए भेजी गई थी, लेकिन वह इस संबंध में कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका.

RPF की मौजूदी में रकम की गिनती

ट्रेन के कानपुर सेंट्रल पहुंचने के बाद युवक को नकदी से भरे बैग के साथ आरपीएफ पोस्ट लाया गया, जहां उसकी मौजूदगी में पूरी रकम की गिनती की गई.

कुल 38.20 लाख रुपए की नकदी

  • जांच में 500 रुपए की 56 गड्डियां, जिनकी कुल राशि 28 लाख रुपए थी, 200 रुपए की 33 गड्डियां (6 लाख 60 हजार रुपए) और 100 रुपए की 36 गड्डियां (3 लाख 60 हजार रुपए) बरामद हुईं.
  • इस प्रकार कुल 38 लाख 20 हजार रुपए नकद बरामद किए गए. आरपीएफ ने मामले की जानकारी आयकर विभाग को दी.

इनकम टैक्स करेगी आगे की कार्रवाई

आयकर विभाग की टीम ने प्रारंभिक जांच के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही है. फिलहाल बरामद नकद राशि को आरपीएफ पोस्ट कानपुर सेंट्रल पर सुरक्षित रखवाया गया है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नकदी का स्रोत वैध था या नहीं.

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