&format=webp&quality=medium)
रेल मंत्रालय ने स्टेशनों के मोनेटाइजेशन का प्रस्ताव छोड़ा. (File Photo)
Monetisation of Railway Stations: रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के जरिये रेलवे स्टेशनों (Railway Stations) का मोनेटाइजेशन (Monetisation) करने का प्रस्ताव वापस ले लिया है और अब इन प्रोजेक्टस को अब इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) मोड से किया जा रहा है. एक सूत्र ने जानकारी देते हुए कहा, बड़े एसेट्स वाले क्लास (स्टेशनों) के बारे में प्रस्ताव वापस ले लिया गया है. PPP मॉडल पर इन स्टेशनों के मोनेटाइजेशन के लिए लाए गए प्रस्ताव की जगह अब इन प्रोजेक्ट्स को ईपीसी मॉडल पर क्रियान्वित किया जा रहा है. रेलवे स्टेशनों के लिए यही मॉडल अपनाया जा रहा है.
सूत्र ने कहा कि रेल मंत्रालय को अब ट्रेनों, मालगोदाम, पर्वतीय रेल, स्टेडियम, रेलवे कॉलोनी एवं रेलवे के पास मौजूद जमीन के मौद्रीकरण में तेजी लाने को कहा गया है. दरअसल नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन (National Monetisation Pipeline- NMP) के तहत रेलवे चालू वित्त वर्ष में अभी तक सिर्फ 1,829 करोड़ रुपये ही जुटा पाया है जबकि लक्ष्य 30,000 करोड़ रुपये रखा गया था. सूत्र ने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 में रेल एसेट्स के मोनेटाइजेशन से 4,999 करोड़ रुपये ही जुट पाने का अनुमान है.
रेलवे स्टेशनों का PPP मॉडल से मोनेटाइजेशन किए जाने का प्रस्ताव वापस लिए जाने के बारे में टिप्पणी के लिए रेल मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला है.
वित्त मंत्री (Finance Minister) निर्मला सीतारमण ने गत 14 नवंबर को नीति आयोग (Niti Aayog) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ECO) परमेश्वरन अय्यर के साथ एक बैठक में NMP योजना की प्रगति का जायजा लिया था.
ये भी पढ़ें- Business Idea: सरकारी मदद से शुरू करें ये सुपरहिट बिजनेस, कभी नहीं होगी पैसों की दिक्कत, लाखों में होगी कमाई
सीतारमण ने अगस्त, 2021 में विभिन्न ढांचागत क्षेत्रों की परिसंपत्तियों के मोनेटाइजेशन से चार साल में 6 लाख करोड़ रुपये जुटाने की NMP योजना पेश की थी. इस बारे में नीति आयोग ने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर्स वाले मंत्रालयों के साथ मिलकर एक रिपोर्ट भी बनाई थी.
ये भी पढ़ें- 84 साल पुराने प्राइवेट बैंक ने दी बड़ी खुशखबरी, ग्राहकों को 1 से 2 साल की FD पर होगा ज्यादा फायदा, चेक करें नए रेट्स
Zee Business Hindi Live TV यहां देखें
(भाषा)