पीएम मोदी कल देंगे साउथ इंडिया को मेगा रेलवे गिफ्ट: 5 तमिलनाडु.. 1 केरल.. शुरू होंगी ये 6 नई ट्रेनें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 मार्च 2026 को दक्षिण भारत के रेल नेटवर्क में एक नए अध्याय की शुरुआत करेंगे. वे तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली से दो अमृत भारत एक्सप्रेस, दो एक्सप्रेस ट्रेनें और एक पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. इसके अलावा, केरल के एर्नाकुलम से भी एक पैसेंजर ट्रेन शुरू की जाएगी.
पीएम मोदी कल देंगे साउथ इंडिया को मेगा रेलवे गिफ्ट: 5 तमिलनाडु.. 1 केरल.. शुरू होंगी ये 6 नई ट्रेनें

भारतीय रेलवे अब केवल पटरियों का जाल नहीं, बल्कि आम आदमी की आकांक्षाओं का वाहक बन गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 मार्च 2026 को तमिलनाडु और केरल के यात्रियों के लिए सुविधाओं की एक लंबी फेहरिस्त लेकर आ रहे हैं. इस आयोजन का सबसे खास पहलू 'अमृत भारत एक्सप्रेस' है- एक ऐसी ट्रेन जो रफ्तार और आधुनिकता तो लाती ही है, लेकिन उसकी कीमत आम आदमी की जेब के हिसाब से रखी गई है. आइए, इस ऐतिहासिक दिन शुरू होने वाले प्रोजेक्ट्स को विस्तार से समझते हैं.

पोदनूर-धनबाद अमृत भारत एक्सप्रेस: उद्योगों का महा-मिलन

कोयंबटूर को 'दक्षिण भारत का मैनचेस्टर' कहा जाता है, जहां कपड़ा और मशीनों का बड़ा काम होता है. वहीं धनबाद झारखंड का वह इलाका है, जिसे 'भारत की कोयला राजधानी' कहा जाता है. दशकों से इन दोनों शहरों के बीच सीधे संपर्क की मांग थी, जिसे अब पूरा किया जा रहा है.

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रूट और कनेक्टिविटी: यह ट्रेन कोयंबटूर के पास पोदनूर जंक्शन से शुरू होगी. इसका पहला बड़ा स्टॉप कोयंबटूर जंक्शन होगा. यह ट्रेन तमिलनाडु के सलेम से होते हुए रेनिगुंटा, विजयवाड़ा, झारसुगुड़ा और रांची के रास्ते धनबाद पहुंचेगी.

शेड्यूल: यह एक साप्ताहिक सेवा है. यह हर शनिवार सुबह पोदनूर से चलेगी और सोमवार तड़के धनबाद पहुंचेगी. वापसी में यह सोमवार को धनबाद से रवाना होगी.

किसे होगा फायदा: सलेम स्टील प्लांट को कोयला धनबाद से मिलता है, अब मालगाड़ियों के साथ-साथ यहां के कामगारों के लिए भी सफर आसान होगा. तिरुप्पुर और कोयंबटूर में काम करने वाले झारखंड के हजारों प्रवासी मजदूरों के लिए यह ट्रेन किसी वरदान से कम नहीं है.

कामगारों का सम्मान: अमृत भारत एक्सप्रेस की खासियत

अमृत भारत एक्सप्रेस को विशेष रूप से उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है, जो कम बजट में सम्मानजनक सफर करना चाहते हैं.

बिना एसी वाली आधुनिक ट्रेन: इसमें स्लीपर और जनरल क्लास के कोच होते हैं, लेकिन इनकी बनावट वंदे भारत की तरह आधुनिक होती है.

किफायती किराया: इसमें 'डायनामिक फेयर' (भीड़ बढ़ने पर किराया बढ़ना) नहीं लगता, जिससे मासिक वेतन पाने वाले मजदूरों को त्योहारों के समय भी सस्ता टिकट मिलता है.

सुविधाएं: आधुनिक इंटीरियर, दिव्यांगों के लिए अनुकूल कोच, बेहतर झटके-रहित (CCTV/Sensor) सफर और 130 किमी/घंटा की रफ्तार इसकी पहचान है.

नागरकोइल-चर्लापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस: दक्षिण से डेक्कन तक

भारत के दक्षिणी छोर कन्याकुमारी और नागरकोइल के तटीय इलाके को पहली बार तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद (चर्लापल्ली) से सीधा जोड़ा जा रहा है.

20 से ज्यादा जिलों से गुजरेगी: यह ट्रेन तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के 20 से अधिक जिलों से होकर गुजरेगी.

किसे होगा फायदा: हैदराबाद में पढ़ाई करने वाले कन्याकुमारी के छात्र, केरल-तमिलनाडु तट के व्यापारी और दक्षिण में काम करने वाले तेलंगाना के पेशेवर लोग अब सीधे सफर कर सकेंगे.

तीर्थयात्रियों और तटीय यात्रियों के लिए नई एक्सप्रेस ट्रेनें

प्रधानमंत्री दो नई एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे, जो सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देंगी:

रामेश्वरम-मंगलुरु एक्सप्रेस: यह पवित्र रामेश्वरम मंदिर को कर्नाटक के तटीय शहर मंगलुरु से जोड़ेगी. यह रूट तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के यात्रियों को सीधा लाभ पहुंचाएगा.

तिरुनेलवेली-मंगलुरु एक्सप्रेस: यह ट्रेन भी कोयंबटूर कॉरिडोर से होते हुए कर्नाटक तट तक जाएगी, जिससे व्यापारियों और छात्रों को फायदा होगा.

डेल्टा और स्थानीय क्षेत्रों के लिए पैसेंजर ट्रेनें

बड़ी ट्रेनों के साथ-साथ लोकल कनेक्टिविटी पर भी जोर दिया गया है:

मॉयिलादुथुरई-तिरुवारूर-कराइकुडी पैसेंजर: यह कावेरी डेल्टा के कृषि प्रधान जिलों (तंजावुर, शिवगंगा आदि) के किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए जीवन रेखा साबित होगी.

पलक्कड़-पोलाची पैसेंजर: पोलाची अपने नारियल और केले के व्यापार के लिए प्रसिद्ध है. अब केरल के पलक्कड़ से यहां तक सीधी इलेक्ट्रिक रेल सेवा उपलब्ध होगी, जिससे छात्र और मरीज आसानी से दोनों शहरों के बीच आ-जा सकेंगे.

केरल को मिला आधुनिक बुनियादी ढांचा

केरल के रेल यात्रियों के लिए 2 बड़े तोहफे हैं:

3 अमृत भारत स्टेशन: शोरनूर, कुट्टिपुरम और चेंगनसेरी स्टेशनों को ₹52 करोड़ की लागत से दोबारा बनाया गया है. यहां लिफ्ट, एस्केलेटर, मुफ्त वाई-फाई और स्थानीय संस्कृति को दर्शाने वाला सुंदर डिजाइन देखने को मिलेगा.

शोरनूर-निलांबुर विद्युतीकरण: 65 किमी लंबी इस लाइन के बिजलीकरण पर ₹90 करोड़ खर्च हुए हैं. अब यहां डीजल इंजन की जगह बिजली से ट्रेनें दौड़ेंगी, जिससे प्रदूषण कम होगा और समय की बचत होगी.

Conclusion

11 मार्च 2026 को होने वाले इन उद्घाटनों के साथ ही भारत में अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की कुल संख्या 58 हो जाएगी. चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में बनी ये ट्रेनें 'मेक इन इंडिया' का जीता-जागता उदाहरण हैं. ये ट्रेनें केवल दो शहरों को नहीं जोड़तीं, बल्कि तमिलनाडु के बुनकर, झारखंड के खनिक और केरल के छोटे व्यापारियों की उम्मीदों को एक नई रफ्तार देती हैं.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1- प्रधानमंत्री इन ट्रेनों को कहां से हरी झंडी दिखाएंगे?

प्रधानमंत्री तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली (Trichy) से इन ट्रेनों को वर्चुअली/फिजिकली हरी झंडी दिखाएंगे.

2- अमृत भारत एक्सप्रेस और वंदे भारत में क्या अंतर है?

वंदे भारत पूरी तरह वातानुकूलित (AC) और प्रीमियम ट्रेन है, जबकि अमृत भारत एक्सप्रेस आम आदमी के लिए स्लीपर और जनरल क्लास वाली किफायती लेकिन आधुनिक ट्रेन है.

3- पोदनूर-धनबाद ट्रेन किन प्रमुख शहरों को जोड़ेगी?

यह कोयंबटूर, सलेम, विजयवाड़ा, झारसुगुड़ा, रांची और बोकारो स्टील सिटी को सीधे धनबाद से जोड़ेगी.

4- केरल के कौन से स्टेशनों का कायाकल्प हुआ है?

शोरनूर, कुट्टिपुरम और चेंगनसेरी स्टेशनों को 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत आधुनिक बनाया गया है.

5- अमृत भारत एक्सप्रेस की अधिकतम रफ्तार क्या है?

यह ट्रेन 'पुश-पुल' तकनीक की मदद से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक दौड़ सकती है.

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