देश को मिली तीन नई वंदे भारत ट्रेन, कर्नाटक में पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी

पीएम मोदी ने बेंगलुरु से तीन नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे. इससे कर्नाटक, महाराष्ट्र, पंजाब और जम्मू-कश्मीर को सीधा लाभ मिलेगा. इनसे देश में वंदे भारत सेवाएं 150 हो गईं. ट्रेनों में कवच सुरक्षा, GPS ट्रैकिंग और आधुनिक यात्री सुविधाएं मौजूद हैं.
देश को मिली तीन नई वंदे भारत ट्रेन, कर्नाटक में पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज (10 अगस्त) देश को तीन नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की सौगात दी. बेंगलुरु से वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर इन ट्रेनों को रवाना किया गया. नई सेवाओं में कर्नाटक की केएसआर बेंगलुरु-बेलगावि वंदे भारत एक्सप्रेस, महाराष्ट्र की नागपुर (अजनी)-पुणे वंदे भारत एक्सप्रेस और जम्मू-कश्मीर व पंजाब को जोड़ने वाली श्री माता वैष्णो देवी कटरा-अमृतसर वंदे भारत एक्सप्रेस शामिल हैं. इनके शुरू होने से देश में वंदे भारत सेवाओं की संख्या 150 हो गई है.

सरकार ने क्या कहा?

सरकार का कहना है कि इन ट्रेनों से पर्यटन, निवेश और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी. कर्नाटक में वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़कर 11 हो गई, महाराष्ट्र में 6, जम्मू-कश्मीर में 4 और पंजाब में 3 वंदे भारत सेवाएं उपलब्ध होंगी. इससे चारों राज्यों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और लोगों को तेज़, आरामदायक व सुरक्षित यात्रा का विकल्प मिलेगा.

Add Zee Business as a Preferred Source
  • केएसआर बेंगलुरु-बेलगावि वंदे भारत: धारवाड़, हुब्बलि, हावेरी, दावणगेरे, तुमकूर और यशवंतपुर
  • नागपुर (अजनी)-पुणे वंदे भारत: वर्धा, बडनेरा, अकोला, भुसावल, जलगांव, मनमाड़, कोपरगांव, अहमदनगर, दौंड कॉर्ड लाइन
  • श्री माता वैष्णो देवी कटरा-अमृतसर वंदे भारत: जम्मू तवी, पठानकोट कैंट, जालंधर शहर और ब्यास

वंदे भारत एक्सप्रेस पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से बनी है और इसमें कवच सुरक्षा प्रणाली, GPS आधारित रियल-टाइम ट्रैकिंग, फोल्डेबल स्नैक्स टेबल, मोबाइल चार्जिंग पोर्ट, आरामदायक सीटें, मॉडर्न टॉयलेट और इंफोटेनमेंट जैसी सुविधाएं हैं. रेलवे के मुताबिक अब तक 6.3 करोड़ से अधिक यात्री वंदे भारत में सफर कर चुके हैं और इसकी औसत ऑक्यूपेंसी 102% से ऊपर है, जो इसकी लोकप्रियता दर्शाती है.

प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर कहा कि वंदे भारत ट्रेनें भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता और यात्री सुविधा का प्रतीक हैं. आने वाले समय में इनका नेटवर्क और भी बढ़ाया जाएगा, ताकि देश के अधिक से अधिक हिस्से हाई-स्पीड रेल सेवा से जुड़ सकें.

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6