भारतीय रेलवे ने वर्ष 2018-19 में देश भर में उत्कृष्ट योजना के तहत लगभग 140 रेलगाड़ियों को अपग्रेट करने का निर्णय लिया था. इसमें से 20 ट्रेनों को अपग्रेट करने का काम पश्चिम रेलवे को मिला था. पश्चिम रेलवे ने 23 रेलगाड़ियों को उत्कृष्ट योजना के तहत अपग्रेड कर यात्रियों के लिए पहले से बेहतर व आकर्षक बना दिया है.
1/5पश्चिम रेलवे ने मार्च 2019 तक 19 रेलगाड़ियों को अपग्रेड कर दिया. जबकि 20 वां रेक अप्रैल महीने में अपग्रेट हुआ. मई 2019 तक पश्चिम रेलवे ने उत्कृष्ट योजना के तहत तीन और रेक अपग्रेड कर दिए हैं.
2/5रेल यात्रा के दौरान रेल यात्रियों को नया फील और लुक देने के लिए रेलवे ने इंटीग्रल कोच फैक्ट्री के पुराने कोचों को पहले से अच्छी सुविधाओं के साथ नए रूप से पेश करने की तैयारी की है. इन कोचों में उत्कृष्ट योजना के तहत कई तरह के बदलाव किए जा रहे हैं.
3/5इस योजना के साथ एक तरफ जहां गेट के आसपास अंदर के हिस्से में विनायल रैपिंग कर गाड़ी में घुसते ही बेहतर ऐहसास देने की कोशिश की गई है वहीं ट्रेन के शौचालय में भी काफी बदलाव किए गए हैं.
4/5पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रिवंद्र भाकर के अनुसार पश्चिम रेलवे ने सूरत से मुजफ्फरपुर के बीच चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन को उत्कृष्ट योजना के तहत पहली बार अपग्रेड किया था. इस ट्रेन को दिसम्बर 2018 में अपग्रेड किया गया था. इसके बाद अब तक पश्चिम रेलवे की ओर से 23 ट्रेनों को यात्रियों के लिए और बेहतर बनाया जा चुका है.
5/5पूरी ट्रेन को ग्लासी और कलरफुल विनाइल रैपिंग से सजाया जा रहा है. हर डिब्बे में एलईडी लाइटिंग लगाई गई है. डिब्बों के अंदर स्टेनलेस स्टील पैनलिंग और एंटी स्किड फ्लोरिंग के साथ स्टेनलेस स्टील का डस्टबिन भी रखा गया है. बाथरूम में बड़े-बड़े शीशे लगाए गए हैं. ट्रेनों में हाईब्रिड डिजाइन बायो टायलेट लगाए जा रहे हैं. एक रेक को बेहतर बनाने में लगभग 60 लाख रुपये का खर्च आ रहा है.