Vande Bharat Sleeper Train: वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के कोच फैक्ट्री से निकल चुकी हैं. रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने सोशल मीडिया पर बताया कि इन कोच को लोडेड सिमुलेशन ट्रायल के लिए ICF चेन्नई के लिए रवाना किया जा चुका है. ट्रायल के बाद बहुत जल्द ये ट्रेनें अपने कॉमर्शियल रन के लिए शुरू हो जाएंगी.
1/6अनुमान के मुताबिक, देश की पहली वंदे भारत स्लीपर (Vande Bharat Sleeper Train) का ट्रायल बहुत जल्द शुरू हो जाएगा. जिसे पूरा होने में करीब 2 महीने का समय लग सकता है. इसके बाद ही ट्रेन का कॉमर्शियल रन स्टार्ट होगा,
2/6देश की पहली वंदे भारत स्लीपर को किस रूट पर चलाया जाएगा, इसे लेकर अभी से काफी सारे कयास लगाए जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, देश के अलग-अलग जोन से इसे लेकर कई सारे प्रपोजल आए हैं. मुख्य तौर पर इसे बेंगलुरु, दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों से शुरू किया जा सकता है. इसे लेकर अंतिम फैसला जल्द हो सकता है.
3/6रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) पहले ही ये साफ कर चुके हैं कि वंदे भारत स्लीपर का किराया देश में राजधानी एक्सप्रेस के किराए के बराबर होने वाला है.
4/6इस ट्रेन में USB चार्जिंग प्रावधान के साथ एकीकृत रीडिंग लाइट, सार्वजनिक घोषणा और विजुअल इन्फॉर्मेशन प्रणाली, इनसाइड डिस्प्ले पैनल और सिक्योरिटी कैमरे व मॉड्यूलर पैंट्री की सुविधा है. इसके साथ ही दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष बर्थ और शौचालय उपलब्ध कराए गए हैं. इसके अतिरिक्त, फर्स्ट एसी डिब्बे में यात्रियों के लिए गर्म पानी के शॉवर की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है.
5/6रेलमंत्री ने बताया कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (Vande Bharat Sleeper Train) 160/kmph की रफ्तार से चलेगी, जो कि 180/kmph की टॉप स्पीड तक जा सकती है. इस ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिसमें 11 3एसी, 4 2एसी और 1 फर्स्ट क्लास कोच होंगे.
6/6रेलमंत्री ने बताया कि पैसेंजर की सेफ्टी के साथ साथ लोको पायलट और अटेंडेटस की सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया है. इन सभी ट्रेनों को नए तरीके से डिजाइन किया गया है. लोको कैब को बेहतर बनाया गया है. सुरक्षा के मद्देनजर इन ट्रेनों में कवच प्रीफिटेड है.