भारतीय रेलवे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडॉर के काम को काफी तेजी से पूरा कर रही है. भारतीय रेलवे ने 2 अक्टूबर से खुर्जा और भदान के बीच में Eastern Dedicated Freight Corridor का एक हिस्सा कमर्शियल ऑपरेशन के लिए खोल भी दिया है. इस फ्रेट कॉरीडॉर के खुलने के बाद एक तरफ जहां समय से मालगाड़ियों को पहुंचा सकेगा वहीं दिल्ली - हावड़ा रूट पर गाड़ियों की स्पीड बढ़ाई जाएगी. Western Dedicated Freight Corridor पर भी काफी तेजी से काम चल रहा है. इस कॉरीडोर के विकसित होने के बाद अतिरिक्त ट्रेनें चलाने में मदद मिलेगी. साथ ही ट्रेनों की स्पीड भी बढ़ाई जा सकेगी.
1/5प्रयागराज (इलाहाबाद) में पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (Eastern Dedicated Freight Corridor) के हाल ही में बने कंट्रोल ऑफिस की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं. तस्वीरों से ही पता चलता है कि ये ऑफिस कितना भव्य होगा. 13,030 वर्ग मीटर क्षेत्र में बने और 4.20 एकड़ में फैला होने के साथ यह ऑफिस ट्रेन चलाने के लिए विश्व स्तर पर अपनी तरह का सबसे आधुनिक नियंत्रण भवनों में से एक है.
2/5हाल ही में वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर (Western Dedicated Freight Corridor) के तहत बन रहे राजस्थान (Rajasthan) में स्थित जयपुर (Jaipur) रेलवे स्टेशन के करीब फुरेला रेलवे स्टेशन पर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर की ड्रोन से तस्वीरें ली गईं. ये DFCC का ये ट्रैक बेहद खूबसूरत दिखाई दे रहा है. तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि अभी DFCC के ट्रैक का काम चल रहा है.
3/5खुर्जा - भदान सेक्शन इस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडॉर का सेक्शन है. ये लुधियाना से शुरू कर सोनगन तक जाता है. ये कुल 1500 किलोमीटर का सेक्शन है. DFCC के मैनेजिंग डायरेक्टर अनुराग सचान के मुताबिक 02 अक्टूबर से खुर्जा - भदान सेक्शन को खोला जाएगा. ये सेक्शन कुल 194 किलोमीटर का सेक्शन है. ये NCR रेलवे के तहत आता है. इस सेक्शन के खुलने से NCR में यात्री गाड़ियों की स्पीड बढ़ सकेगी.
4/5खुर्जा - भदान सेक्शन खुलने के बाद रेलवे इस सेक्शन पर लगभग 15 ट्रेनों मालगाड़ियों को शिफ्ट करने की योजना पर काम कर रहा है. DFCC की योजना है कि जैसे - जैसे सेक्शन बनते जाएंगे गाड़ियों को उनपर शिफ्ट करते जाएंगे. 2019-20 में कानपुर से खुर्जा के बीच लगभग 350 किलोमीटर के सेक्शन को खोलने की योजना है. वहीं वेस्टर्न कॉरीडोर में रेवाड़ी से लेकर पालनपुर के लगभग 650 किलोमीटर का सेक्शन खोला जाएगा. दिसम्बर 2021 तक दोनों कॉरीडोर के काम को पूरा कर लिया जाएगा.
5/5डेडिकेटेड फ्रेड कॉरीडोर को बेहत आधुनिक तरीके से बनाया गया है. DFCC के ट्रैक इस तरह बिछाए जा रहे हैं कि मालगाड़ी के एक वैगन को 100 टन की क्षमता से बेहद आसानी से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से चलाया जा सके. ये सामान्य ट्रैक से काफी अधिक है.