Konkan Railway Merger: महाराष्ट्र सरकार ने कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KRCL) के भारतीय रेलवे में मर्जर को अपनी सहमति दे दी है. यह घोषणा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधान परिषद में किया. इस मर्जर से कोंकण रेलवे को आर्थिक समस्याओं से उबरने में मदद मिलेगी, हालांकि रेलवे का नाम 'कोंकण रेलवे' ही रखा जाएगा.
1/5मुख्यमंत्री ने बताया कि रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण और भूस्खलन रोकथाम जैसे कार्यों के लिए कोंकण रेलवे के पास पर्याप्त धनराशि नहीं थी. इसी कारण यह परियोजनाएं आगे नहीं बढ़ पा रही थीं. इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के साथ कई दौर की चर्चा हुई, जिसके बाद रेलवे मंत्री ने विलय को एक उपयुक्त समाधान बताया.
2/5केरल, कर्नाटक और गोवा पहले ही इस विलय को अपनी मंजूरी दे चुके हैं. महाराष्ट्र ने भी अपनी सहमति दे दी है, लेकिन यह शर्त रखी गई कि कोंकण रेलवे का नाम बरकरार रखा जाए. केंद्र सरकार ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया है.
3/5मुख्यमंत्री ने बताया कि विलय के बाद कोंकण रेलवे को अधिक वित्तीय सहायता मिलेगी, जिससे ट्रैक दोहरीकरण, स्टेशनों के आधुनिकीकरण और दुर्घटना रोकथाम उपायों को लागू करने में मदद मिलेगी.
4/5इस निर्णय से कोंकण रेलवे को नया जीवन मिलेगा और रेलवे नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी. यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, यह निर्णय रेलवे के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.
5/5वर्तमान में कोंकण रेलवे एक सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई (PSU) है, जो भारतीय रेलवे के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत है. मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार केंद्र सरकार को अपनी सहमति की आधिकारिक सूचना भेजेगी.