देशभर में फंसे प्रवासी श्रमिकों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए रेलवे अब बड़ी संख्या में श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाएगा. गृह मंत्रालय की ओर से जारी की गई गाइडलाइन के मुताबिक रेल मंत्रालय MHA से सलाह मश्वरा करके जरूरत के अनुसार श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को चला सकता है. गृह मंत्रालय ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनों (Sharmik Special Trains) को लेकर नए निर्देश जारी किए है.
1/6नई गाइडलाइन के मुताबिक, अब जिस राज्य के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई जानी है वहां की सरकार की इजाज़त लेना जरूरी नहीं होगी. अब तक जिस राज्य से ट्रेन जा रही है और जिस राज्य पहुंच रही है दोनों की सहमति के बाद ही ट्रेन चलाई जा सकती थी. नए निर्देशों के मुताबिक रेलवे की अब तय करेगा ट्रेन कब और कहां से चलेंगी. इसके अलावा उनके स्टॉपेज भी रेलवे ही तय करेगा.गृह मंत्रालय ने राज्यों और रेल मंत्रालय के बीच बेहतर तालमेल के जरिए ज्यादा से ज्यादा श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाने की बात कही है.
2/6भारतीय रेलवे लगातार श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चला रहा है. अब तक कुल 1600 ट्रेनों के के जरिए लगभग 21.5 लाख श्रमिकों को उनके राज्यों तक पहुंचाया जा चुका है. श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए भारतीय रेल नेद मंगलवार को लगभग 200 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को चलाया.
3/6दरअसल लॉकडाउन को बढ़ाए जाने के बाद बड़ी संख्या में काम-धंधा बंद होने से बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अपने घर लौटने को मजबूर हो गए हैं. श्रमिकों सैकड़ों किलोमीटर पैदल और अन्य साधनों के जरिए अपने घरों तक पहुंच रहे हैं. इससे एक तरफ जहां श्रमिकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है वहीं कोरोना संक्रमण का खतरा भी बढ़ा है. इसको देखते हुए अधिक से अधिक श्रमिक स्पेशल ट्रेने चलाने का ऐलान किया गया है.
4/6गृह मंत्रालय की ओर से जारी की गई गाइडलाइन के मुताबिक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इन ट्रेनों के लिए नोडल अधिकारी नामित करने होंगे. ये अधिकारी फंसे हुए व्यक्तियों की अगवानी करने और उन्हें भेजने के लिए आवश्यक व्यवस्था करने का काम करेंगे. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए ट्रेन टाइम टेबल, जिसमें ट्रेन के ठहरने और उनका गंतव्य की जानकारी शामिल होगी, तैयार की जाएगी. ये टाइम टेबल रेलवे तैयार करेगा. फंसे हुए श्रमिकों को भेजने और उन्हें लेने की व्यवस्था करने के लिए राज्य रेलवे को सूचित करेंगे.
5/6ट्रेनों के टाइमटेबल के बारे में लोगों तक जानकारी पहुंचाने के लिए प्रचार प्रसार, यात्रियों के प्रवेश और आवाजाही के लिए प्रोटोकॉल, कोचों में दी जाने वाली सेवाएं और टिकटों की बुकिंग के लिए सारे इंतजाम रेलवे राज्य सरकारों के साथ मिल कर सकेगा.
6/6जिस राज्य से यात्रियों को भेजा जा रहा है और जिस राज्य में यात्री पहुंच रहे हैं वो दोनों राज्य सुनिश्चित करेंगे कि सभी यात्रियों को अनिवार्य रूप से स्क्रीन किया गया है और केवल लक्षणरहित यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने की अनुमति दी जाएगी. ट्रेन में चढ़ने और यात्रा के दौरान सभी यात्रियों द्वारा एक दूसरे से दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) बनाकर रखी जाएगी. अपने राज्य पहुंचने पर यात्री को स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन करना होगा. गृह मंत्रालय ने राज्यों को प्रवासियों के लिए बसों की संख्या बढ़ाने को कहा है. साथ ही, अंतरराज्यीय सीमाओं पर प्रवासियों को ले जाने वाली बसों के प्रवेश की अनुमति भी राज्य सरकार को जल्दी देने को कहा है.