देश की पहली मेट्रो ट्रेन कोलकाता में शुरू हुई थी. 1984 में पहली मेट्रो ट्रेन चलाने का गौरव कोलकाता के इतिहास में दर्ज है. देश की पहली राजधानी रहे कोलकाता के इतिहास में एक और उपलब्धि दर्ज होने जा रही है. आज से यहां देश की पहली पानी के अंदर दौड़ने वाली मेट्रो ट्रेन सर्विस शुरू होने जा रही है. केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल इस सर्विस का उद्घाटन करेंगे. 14 फरवरी से इस सर्विस को आम आदमियों के लिए खोल दिया जाएगा.
1/7कोलकाता में पूर्वी-पश्चिमी मैट्रो रेल परियोजना (Kolkata East West Metro Project) के पहले चरण का 14 फरवरी से आम लोगों के लिए खुल जाएगा. पहले फेज में फिलहाल 6 किलोमीटर लंबी लाइन की शुरुआत होने जा रही है.
2/7पहले फेज में यह मेट्रो ट्रेन साल्ट लेक सेक्टर पांच से साल्ट लेक स्टेडियम तक चलेगी. दूसरे फेज का निर्माण पूरा होने के बाद यह मेट्रो सेवा सॉल्ट सेक्टर 5 से हावड़ा मैदान के बीच का सफर तय करेगी.
3/7इसी लाइन पर भारत में पहली बार नदी के अंदर ट्रांसपोर्ट टनल बनाई जा रही है. आने और जाने वाली लाइन के लिए दो सुरंगें बनाई जा रही हैं जो करीब 1.4 किलोमीटर लंबी हैं. यहां हुगली नदी के तल के नीचे से होकर मेट्रो गुजरेगी
4/7इस सुरंग को बनाने में रूस और थाइलैंड की मदद ली जा रही है. सुंरग के पानी का रिसाव रोकने के लिए 3 स्तर के सुरक्षा कवच बनाए गए हैं. इस सुरंग में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से मेट्रो ट्रेन दौड़ पाएगी.
5/7इस रूट पर कुल 17 मेट्रो स्टेशन बनाए गए हैं. इन मेट्रो स्टेशन में हावड़ा मैदान, हावड़ा, न्यू महाकर्ण, एस्प्लेनेड (Esplanade), सियालदाह, फूलबाग, साल्टलेक स्टेडियम, बंगाल केमिकल, सिटी सेंटर, सेंट्रल पार्क, करुणामई और साल्टलेक सेक्टर-5 शामिल हैं.
6/7कोलकाता मेट्रो की यह सर्विस यह देश की सबसे सस्ती मेट्रो सेवा होगी, जिसमें एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक का किराया मात्र 5 रुपये होगा. इसमें कई तरह की यात्री सुविधाएं भी होंगी. समें प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर और डिटेक्शन सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी.
7/7दो पुराने शहर कोलकाता और हावड़ा को जोड़ने वाली मेट्रो ट्रेन साल्ट लेक के सेक्टर पांच से हावड़ा मैदान (Howrah Maidan) तक चलेगी. मेट्रो लाइन का यह गलियारा लगभग 16 किलोमीटर लंबा है. इसमें करीब 11 किलोमीटर का गलियारा भूमिगत है. भूमिगत गलियारे में भी 520 मीटर की दो सुरंगें हुगली नदी के नीचे बनाई गई हैं.