Waiting Ticket Rules: दिवाली और छठ जैसा त्योहार बस आ ही चुका है. ऐसे में लोग अपने घर जाने की सभी तैयारियां कर चुके हैं. ऐसे में अगर आपका ट्रेन टिकट अभी भी वेटिंग में अटका है, तो आइए जान लेते हैं कि इसके कंफर्म होने की कितनी उम्मीदें है. जी हां, रेलवे अलग-अलग स्थितियों में कई तरह के वेटिंग टिकट को इश्यू करती है. अगर आपने अपने वेटिंग टिकट को ध्यान से देखा होगा, तो आपको पता होगा कि रेलवे GNWL, RLWL जैसे कई कोड दिखते हैं. आइए जानते हैं वेटिंग टिकट पर दिखने वाले इन कोड्स का क्या मतलब होता है और क्या इनके आपके टिकट के कंफर्म होने से कोई सीधा कनेक्शन होता है या नहीं.
1/6अगर आपको RAC टिकट इश्यू हुआ है, तो इसका मतलब है कि टिकट कंफर्म न होने पर भी आप सफर कर सकते हैं. लेकिन इसमें एक बर्थ को दो लोगों में बांट दी जाती है. जिसका मतलब होता है कि आपको बैठने की जगह तो मिल जाएगी, लेकिन चैन से सोने की जगह नहीं. RAC टिकट के कंफर्म होने की संभावना सबसे अधिक होती है.
2/6वेटिंग लिस्ट में सबसे कॉमन कोड होता है GNWL. इसका मतलब है जनरल वेटिंग लिस्ट. ये टिकट ट्रेन जहां से शुरू होती है उस स्टेशन के लिए जारी किया जाता है. GNWL के कंफर्म होने का चांस सबसे अधिक होता है, क्योंकि जहां से ट्रेन शुरू होती है, वहां सबसे ज्यादा बर्थ मौजूद होते हैं.
3/6RLWL टिकट का मतलब है रिमोट लोकेशन वेटिंग लिस्ट (Remote Location Waiting List). पैसेंजर्स को ये वेटिंग टिकट तब दिया जाता है, जब टिकट पहले और आखिरी स्टेशन को छोड़कर बीच में किसी दो आसपास के स्टेशन के लिए बुक किया जाता है. GNWL की तुलना में इन टिकट के कंफर्म होने के चांस थोड़े कम होते हैं, क्योंकि आमतौर पर बीच के स्टेशनों के लिए कोई कोटा नहीं होता है.
4/6पूल्ड कोटा वेटिंग लिस्ट (PQWL) किसी लंबी दूरी की ट्रेन में बीच के स्टेशनों पर चढ़ने वाले पैसेंजर्स को दिया जाता है. इस टिकट के भी कंफर्म होने के चांसेज बहुत कम होते हैं.
5/6तत्काल कोटा वेटिंग लिस्ट (TQWL)- जैसा कि नाम से ही जाहिर है कि तत्काल बुकिंग में कंफर्म टिकट न मिलने वालों को दिया जाता है. ऐसे टिकट के कंफर्म होने की उम्मीद न के बराबर होती है, क्योंकि रेलवे के पास इसके लिए अलग से कोटा नहीं होता है, और इसमें पैसेंजर्स के टिकट कैंसिल कराने की उम्मीद भी न के बराबर होती है.
6/6RSWL कोड का मतलब है रोड साइड स्टेशन वेटिंग लिस्ट (Road Side Waiting List). जब कोई टिकट ट्रेन के शुरुआती स्टेशन से उसके पास पड़ने वाले स्टेशनों के लिए टिकट बुक कराया जाता है, तो उस टिकट पर RSWL कोड लिखा जाता है. ऐसे टिकट की भी कन्फर्म होने की संभावना बहुत ही कम होती है.