Indian Railways Rules: दिवाली और छठ का सीजन आते ही लाखों लोग घर जाने के लिए ट्रेन का रुख करते हैं. रेलवे स्टेशन पर भीड़ बढ़ जाती है और ट्रेन टिकट की मांग आसमान छूने लगती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर आपने ट्रेन में यात्रा के दौरान कुछ गलतियां कीं तो आपका त्योहार का सफर जेल में भी बदल सकता है. भारतीय रेलवे अधिनियम, 1989 (Indian Railways Act, 1989) के तहत कई ऐसे प्रावधान हैं, जिनका उल्लंघन करने पर यात्री को सीधे गिरफ्तारी और सजा तक हो सकती है. इसलिए अगर आप दिवाली-छठ पर घर जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो इन 8 गलतियों से जरूर बचें.
1/9दिवाली पर लोग अक्सर पटाखे लेकर घर जाते हैं, लेकिन ट्रेन में पटाखा ले जाना रेलगाड़ी अधिनियम की धारा 164 के तहत गंभीर अपराध है. इसके अलावा गैस सिलेंडर, केमिकल या पेट्रोल-डीजल जैसी ज्वलनशील चीजें भी ट्रेन में ले जाना प्रतिबंधित है. पकड़े जाने पर आपको 3 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है.
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2/9रेलवे अधिनियम की धारा 167 के तहत ट्रेन में धूम्रपान करना अपराध है. चाहे वह सिगरेट हो या बीड़ी, अगर किसी यात्री ने धूम्रपान किया तो उसे जुर्माना या जेल की सजा हो सकती है. कई मामलों में यात्रियों को तत्काल गिरफ्तार भी किया गया है.
3/9ट्रेन में बिना टिकट चढ़ना या जानबूझकर गलत टिकट खरीदकर यात्रा करना धारा 137 के तहत अपराध है. ऐसा करने पर यात्री से 10 गुना तक किराया वसूला जा सकता है और जेल की सजा भी हो सकती है. त्योहारों के सीजन में टिकट चेकिंग और ज्यादा सख्त होती है.
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4/9त्योहारों के दौरान अक्सर भीड़ में लोग दूसरों की बर्थ पर कब्जा कर लेते हैं या जोर-जबरदस्ती करते हैं. लेकिन यह धारा 155 और 156 के तहत दंडनीय अपराध है. इस पर रेलवे पुलिस (RPF) तुरंत कार्रवाई कर सकती है. झगड़ा करने वालों को सीधे जेल भी भेजा जा सकता है.
5/9रेलवे अधिनियम की धारा 145 के मुताबिक, ट्रेन में ऐसा व्यवहार करना जिससे अन्य यात्रियों को परेशानी हो, अपराध माना जाता है. इसमें तेज आवाज में मोबाइल पर बात करना, जोर-जोर से गाने बजाना या बखेड़ा खड़ा करना शामिल है.
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6/9धारा 145 के तहत, शराब पीकर ट्रेन में चढ़ना, हंगामा करना या नशे की हालत में यात्रियों को परेशान करना अपराध है. ऐसा करने वाले को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा जा सकता है.
7/9ट्रेन की चेन बिना किसी आपात स्थिति के खींचना धारा 141 के तहत अपराध है. अगर किसी ने ऐसा किया तो उस पर 1 साल तक की जेल या 1,000 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है. त्योहारों पर भीड़ में यह गलती कई बार लोग मजाक में कर देते हैं, लेकिन यह सीधा जेल ले जा सकता है.
8/9धारा 162 और 163 के तहत अवैध रूप से जानवर, हथियार या किसी तरह का प्रतिबंधित सामान ट्रेन में ले जाना अपराध है. इसमें भी दोषी पाए जाने पर जेल और जुर्माना दोनों हो सकते हैं.
9/9दिवाली और छठ जैसे त्योहारों पर लोग उत्साह में अक्सर नियमों को नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन याद रखें कि रेलवे अधिनियम के तहत ट्रेन यात्रा में सुरक्षा सबसे अहम है. आपकी एक लापरवाही न केवल आपको जेल तक पहुंचा सकती है बल्कि बाकी यात्रियों की सुरक्षा को भी खतरे में डाल सकती है.