Delhi Metro Tips and Tricks: देश की राजधानी दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए दिल्ली मेट्रो एक लाइफलाइन की तरह है, जिसकी सवारी कर आप दिल्ली के किसी भी कोने में बड़ी आसानी से पहुंच सकते हैं. दिल्ली मेट्रो में मिलने वाली सहूलियत और पूरी दिल्ली में इसकी एक्सेस को देखते हुए लाखों की संख्या में रोज दिल्ली मेट्रो से सफर करते हैं. लेकिन हर रोज दिल्ली मेट्रो से सफर करने वाले लोगों को इसके कुछ बहुत काम के टिप्स नहीं पता होता है. आइए जानते हैं ऐसा ही एक काम का टिप्स.
1/7दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले लोगों को पता ही होगा कि पीक आवर्स (सुबह 8 से 12 और शाम में 5 से 9 बजे तक) में मेट्रो में बहुत ही ज्यादा रश होता है. ऐसे में किसी कोच में खाली जगह मिलता बहुत मुश्किल होता है.
2/7अगर हम आपको कहें कि ट्रेन आने के पहले पता चल जाता है कि कौन सा डिब्बा खाली है और किस कोच में सबसे ज्यादा लोग हैं, तो? जी हां, दिल्ली मेट्रो अपने पैसेंजर्स को ये भी बता देती है.
3/7दिल्ली मेट्रो के प्लेटफॉर्म पर लगे पैसेंजर इंफॉर्मेशन डिस्प्ले सिस्टम (PIDS) पर ही लोगों को ये भी पता चल जाता है, कि मेट्रो का कौन सा डिब्बा खाली है और कौन सा भरा?
4/7मेट्रो के PIDS पर सिर्फ आने वाले ट्रेन का समय ही नहीं, ये भी लिखा होता है कि ट्रेन के किस कोच (जैसे, C1, C2, C3....) में कितने फीसदी लोग बैठे हैं.
5/7जानकारी के मतुाबिक, दिल्ली मेट्रो एक सॉफ्टवेयर के जरिए हर कोच के वजन को उसके खाली कोच वाले वजन से तुलना करके ट्रेन में भीड़ के पर्सेंटेज को बताती है, कि अनुमान के हिसाब से कौन का डिब्बा कितना भरा है.
6/7हालांकि, दिल्ली मेट्रो के पैसेंजर्स को ये जानकारी हर लाइन पर अभी नहीं मिल रही है. ट्रायल के तौर पर ये जानकारी दिल्ली मेट्रो के Magenta Line पर दी जा रही है.
7/7दिल्ली मेट्रो का मैजेंटा लाइन कुल 36 किलोमीटर लंबा है, जिसमें 26 स्टेशन और 4 इंटरचेंज मौजूद हैं. ये लाइन कृष्णा पार्क एक्सटेंशन से लेकर बॉटेनिकल गार्डन तक जाती है.