Deccan Queen: देश की सबसे पॉपुलर ट्रेनों में से एक डेक्कन क्वीन ने अपने 92 साल पूरे कर लिए हैं. सेंट्रल रेलवे ने बताया कि अब इसे एक नए रंगरूप और आधुनिक सुविधाओं के साथ चलाया जाएगा. डेक्कन क्वीन (Deccan Queen) 22 जून से हरे-लाल रंग के साथ नए लिंक हॉफमैन बुश (LHB) के साथ पटरी पर दौड़ेगी.
1/5सेंट्रल रेलवे ने बताया कि डेक्कन क्वीन (Deccan Queen) देश की इकलौती ट्रेन है, जिसमें रेस्टोरेंट कार है. इसलिए इस 40-सीटर डाइनिंग कार को नई कुर्सियों, लकड़ी के टेबल और बड़ी खिड़की के शीशों के साथ अपग्रेड किया गया है. मुंबई और पुणे के बीच सफर करने वाले सैलानियों को इससे मनोरम दृश्य मिलेगा.
2/5सेंट्रल रेलवे ने बताया कि डेक्कन क्वीन (Deccan Queen) के डाइनिंग कार और ट्रेन के बाहरी हिस्सों को आम जनता की सलाह लेते हुए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी), अहमदाबाद द्वारा रेलवे बोर्ड, अनुसंधान, डिजाइन और मानक संगठन (आरडीएसओ), इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ), चेन्नई और मध्य रेलवे के समन्वय से डिजाइन किया गया है.
3/5डेक्कन क्वीन (Deccan Queen) पहली बार 1 जून 1930 को पटरी पर दौड़ी थी. इसे सेंट्रल रेलवे के प्रमुख ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेलवे (GIPR) के इतिहास में एक प्रमुख मील का पत्थर माना जाता है.
4/5सेंट्रल रेलवे ने बताया कि डेक्कन क्वीन मुंबई और पुणे के बीच चलने वाली देश की पहली डीलक्स ट्रेन थी. इसलिए इसका नाम 'डेक्कन क्वीन' (Deccan Queen) या 'दक्कन की रानी' रखा गया था. इस ट्रेन को शुरुआत में केवल सात फर्स्ट और सेकेंड क्लास के साथ पेश किया गया था. हालांकि बाद में 1955 में इसमें थर्ड क्लास को भी जोड़ गया था.
5/5डेक्कन क्वीन (Deccan Queen) ट्रेन के ओरिजिनल रेक वाले डिब्बों को 1966 में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, पेरम्बूर द्वारा बनाए गए एंटी-टेलिस्कोपिक स्टील बॉडीड इंटीग्रल कोचों से बदल दिया गया था और कोचों की संख्या बढ़ाकर 12 कर दी गई थी.