रेलगाड़ियों की गति बढ़ाने के लिए भारतीय रेलवे लगातार प्रयास कर रही है. इसी अभियान के तहत मंगलवार को NER रेलवे के इज्ज्तनगर डिवीजन में मेंदू से दरयावगंज रेलवे स्टेशनों के बीच 110 किलोमीटर प्रति घंटा की गति पर स्पीड ट्रायल किया गया. इस स्पीड ट्रायल को कमिश्नर रेलवे सेफ्टी की उपस्थिति में किया गया. यह ट्रायल काफी सफल रहा. कमिश्नर रेलवे सेफ्टी की अनुमति के बाद इस रूट पर ट्रेनों का परिचालन 110 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से किया जा सकेगा. हाल ही में इस रूट का इलेक्ट्रीफिकेशन किया गया है.
1/5देश की सबसे तेज और पहली सेमी हाईस्पीड इंजनलेस, ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस बन चुकी है. इस रेलगाड़ी को 180 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चला कर टेस्ट किया जा चुका है. हलांकि यह रेलगाड़ी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से वाराणसी के बीच 130 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम गति पर चलाया जा रहा है. रेल पटिरियों के हालात व तीखे घुमावों को ध्यान में रखते हुए रेलवे की ओर से यह निर्णय लिया गया है.
देश में चलने वाली सभी शताब्दी रेलगाड़ियों की जगह पर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को चलाए का निर्णय लिया गया है. इसके लिए रेलवे की ओर से इस ट्रेन के उत्पादन के ऑर्डर भी बड़े पैमाने पर दिए जा चुके हैं. वंदे भारत एक्सप्रेस का दूसरा रेक मई अंत तक बन कर आने की संभावना है. इस नई ट्रेन में कई बदलाव भी किए गए हैं.
3/5देश की पहली सेमी हाई स्पीड रेलगाड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस (Train 18)को तैयार करने वाली रेलवे की चेन्नई स्थित कोच फैक्ट्री ICF ने एक खास तरह की MEMU रेलगाड़ी तैयार की है. कम दूरी की यात्राओं के लिए यह सबसे तेज चलने वाली गाड़ी साबित होगी. इस रेलगाड़ी को भी देश में गाड़ियों की स्पीड बढ़ाने के मामले में बड़ा कदम माना जा रहा है. Train 18 जैसी खूबियां और 130 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलने की क्षमता के चलते इस रेलगाड़ी को Train 18 की छोटी बहन भी कहा जा रहा है. वर्तमान समय में देश में चलने वाली सबसे प्रीमियम रेलगाड़ी राजधानी एक्सप्रेस की अधिकतम गति 130 किलोमीटर प्रति घंटा है. यह गाड़ी भी भी इस गति पर चलाई जा सकेगी. वहीं इस गाड़ी में Train 18 जैसी सुविधाएं होने से इस गाड़ी में यात्रा भी बेहद आरामदायक होगी.
4/5वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का ट्रायल भले ही 180 किलोमीटर प्रति घंटा की गति पर हुआ पर अब भी देश की सबसे तेज चलने वाली रेलगाड़ी गतिमान एक्सप्रेस ही है. यह रेलगाड़ी दिल्ली से आगरा के बीच अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक की गति पर चलती है. इस ट्रेन के पहले देश की सबसे तेज चलने वाली ट्रेन भोपाल शताब्दी थी. यह ट्रेन 50 किलोमीटर प्रति घंटा की गति पर चलती थी.
5/5कालका से शिमला तक का ट्वाय ट्रेन का सफर यात्रियों को काफी लुभाता रहा है. लेकिन ट्वाय ट्रेन की स्पीड काफी कम होने के चलते लोग इस रूट पर यात्रा के दौरान बोर होने लगते हैं. कई बार तो यात्री जाते समय ट्वाय ट्रेन का सफर करते हैं और वापसी रोड के जरिए करते हैं क्योंकि रोड से आने में ट्वाय ट्रेन की तुलना में लगभग आधा समय लगता है. इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कालका शिमला रेल सेक्शन पर Mission 100 Days नाम से एक अभियान शुरू किया था . इस अभियान के तहत इस रेल सेक्शन पर कई तरह के विकास कर के इस मार्ग पर ट्रेनों की गति को 25 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़ाकर 35 किलोमीटर प्रति घंटा कर दिया गया.