आधी सीट पर पूरी कीमत क्यों? रेलवे ने यदि मान ली संसदीय समिति की ये सिफारिश, RAC यात्रियों को वापस मिलेगा पैसा

संसद की लोक लेखा समिति ने RAC टिकट में यात्रा कर रहे यात्रियो को पर पूरी बर्थ न मिलने पर आंशिक रिफंड देने की सिफारिश की है. जानिए क्या हैं लोक लेखा समिति की अहम सिफारिशें.
आधी सीट पर पूरी कीमत क्यों? रेलवे ने यदि मान ली संसदीय समिति की ये सिफारिश, RAC यात्रियों को वापस मिलेगा पैसा

भारतीय रेलवे में रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन (RAC) टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों से वसूले जाने वाले किराये पर कांग्रेस सांसद के.सी.वेणुगोपाल राव की अध्यक्षता वाली संसद की लोक लेखा समिति (PAC) ने सवाल उठाया है. PAC ने भारतीय रेलवे में ट्रेन संचालन और समयपालन को लेकर एक अहम रिपोर्ट पेश की है. PAC ने का मानना है कि यदि चार्ट बनने के बाद भी यात्री को पूरी बर्थ नहीं मिलती है, तो उससे पूरा पैसा लेना अनुचित है. इसके अलावा कमेटी ने सुपरफास्ट ट्रेनों की 55 किमी प्रति घंटा की परिभाषा को बदलने की भी सिफारिश की है.

न्यायसंगत नहीं RAC का पूरा किराया

PAC ने अपनी रिपोर्ट में दी सिफारिशों में साफ कहा है कि RAC कैटेगरी के तहत टिकट बुक कराने वाले यात्रियों से पूरा किराया लेना न्यायसंगत नहीं है, खासकर तब जब चार्ट तैयार होने के बाद भी टिकट RAC में रह जाता है.

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सोने के लिए नहीं मिलता है पूरा बर्थ

  • PAC के मुताबिक RAC में यात्री को सोने के लिए पूरी बर्थ की सुविधाएं नहीं मिलती है, बल्कि उसे सीट शेयर करनी पड़ती है.
  • रेलवे द्वारा RAC में सफर कर रहे यात्री से बोर्डिंग के वक्त पूरा किराया वसूला जाता है.
  • समिति ने रेल मंत्रालय को सिफारिश की है एक ऐसा तंत्र बनाया जाए जिससे उन यात्रियों, जिन्हें पूरी बर्थ नहीं मिल पाई है उसे किराये का कुछ हिस्सा रिफंड किया जाना चाहिए.

PAC Railway

समयपालन और ट्रेन की रफ्तार पर भी जताई चिंता

लोक लेखा समिति ने किराये के अलावा ट्रेनों के समयपालन और रफ्तार पर भी अपनी चिंता जताई है. समिति ने पाया कि भारतीय रेलवे की ट्रेन की पंक्चुअलिटी केवल गंतव्य पर ही मापी जाती है.

15 मिनट का अलाउंस

  • पंक्चुअलिटी मापते वक्त रास्त में होने वाली देरी को नजरअंदाज कर दिया जाता है.
  • रेलवे देरी के लिए 15 मिनट का अलाउंट देता है, यानी 15 मिनट लेट होने पर ट्रेन को सही समय पर माना जाता है.
  • समिति के मुताबिक वैश्विक मानकों के मुताबिक 15 मिनट का अलाउंस बेहद ढीला है.
  • ब्रिटेन में अलाउंस 10 मिनट और जापान में कुछ सेकंड्स ही है.
  • समिति ने अपनी सिफारिशों में जोर देकर कहा है कि यात्रियों को अच्छे अनुभव देने के लिए समयपालन, स्पीड और किराया में पारदर्शिता लाना जरूरी है.

किस देश में क्या है देरी की सीमा

देशदेरी की सीमा
जापानसेकंड्स में
नीदरलैंड3 मिनट
जर्मनी और रूस5 मिनट
ग्रेट ब्रिटेन10 मिनट
भारत15 मिनट (सिर्फ टर्मिनेटिंग स्टेशन पर)

100 किमी प्रति घंटा सुपरफास्ट ट्रेन की रफ्तार

PAC ने कहा कि 2007 में तय किए गए नियम के मुताबिक, 55 किलोमीटर प्रति घंटे की औसत गति वाले ट्रेन को सुपरफास्ट माना जाता है. इसमें बदलाव की जरूरत है. समिति ने इसे बढ़ाकर लगभग 100 किमी प्रति घंटा तक करने का निर्णय लिया है. इसके अलावा 2016-17 में शुरू किए गए मिशन रफ्तार के तहत मालगाड़ियों की गति दोगुनी और एक्सप्रेस ट्रेनों की गति 75 किमी प्रति घटा करने का लक्ष्या था, जो अभी तक पूरी तरह से हासिल नहीं हो पाया है.

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 PAC ने RAC टिकट पर क्या सिफारिश दी है?

यात्रियों को यदि पूरा बर्थ नहीं मिलता है तो आंशिक रिफंड मिलना चाहिए.

Q2 अभी सुपरफास्ट ट्रेन की स्पीट लिमिट कितनी है?

सुपरफास्ट ट्रेन की स्पीड लिमिट 55 किमी प्रति घंटा है.

Q3 रेलवे में ट्रेन को लेट कब माना जाता है?

ट्रेन जब अपने गंतव्य पर निर्धारित समय से 15 मिनट से ज्यादा देरी पर पहुंचती है.

Q4 ट्रेन में देरी का सबस बड़ा कारण क्या है?

ट्रैफिक, इंजीनियरिंग वर्क, ट्रैक की कमी जैसे आंतरिक कारण ट्रेन लेट होने के 66% जिम्मेदार हैं.

Q5 PAC की अध्यक्षता कौन कर रहे है?

PAC की अध्यक्षता कांग्रेस सांसद के.सी.वेणुगोपाल कर रहे हैं.

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