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भारतीय रेल यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जल्द ही पटरी पर उतरने वाली है. यह ट्रेन न सिर्फ तेज होगी, बल्कि नियमों और सुविधाओं के मामले में भी अब तक की ट्रेनों से बिल्कुल अलग अनुभव देगी. सबसे खास बात यह है कि इस ट्रेन से बिल्कुल अलग अनुभव देगी. सबसे खास बात यह है कि इस ट्रेन में RAC और वेटिंग लिस्ट जैसी परेशानी पूरी तरह खत्म होने जा रही है.
खबरों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जनवरी को देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं. इसके साथ ही भारतीय रेल में ओवरनाइट यात्रा का एक नया अध्याय शुरू होगा.
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का सबसे बड़ा बदलाव इसके टिकट नियमों में देखने को मिलेगा. इस ट्रेन में या तो आपको कन्फर्म टिकट मिलेगा, या टिकट ही नहीं मिलेगा. यानी अब न RAC होगा और न ही वेटिंग लिस्ट. इसका मतलब आधी बर्थ, सीट शेयर करने या आखिरी वक्त तक कन्फर्मेशन का इंतजार करने की झंझट पूरी तरह खत्म हो जाएगी.
रेलवे का मानना है कि इस फैसले से यात्रियों को पक्का बर्थ मिलेगा और सफर ज्यादा आरामदायक होगा. खासतौर पर लंबी दूरी की नाइट जर्नी में यह बदलाव यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है.
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इस ट्रेन में किराए को लेकर भी एक नया नियम लागू किया गया है. चाहे आप कम दूरी का सफर करें, कम से कम 400 किलोमीटर का किराया देना होगा. रेलवे का कहना है कि यह व्यवस्था बेहतर सेवाओं और कन्फर्म बर्थ की गारंटी के लिए की गई है. 400 किलोमीटर तक के सफर में 3AC, 2AC और 1AC के अलग-अलग किराए तय किए गए हैं. GST अलग से लिया जाएगा और दूरी बढ़ने के साथ किराया भी उसी हिसाब से बढ़ेगा.

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा तक की है, लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह ट्रेन 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी. इससे यात्रा का समय मौजूदा राजधानी ट्रेनों के मुकाबले करीब 3 घंटे तक कम हो सकता है. तेज रफ्तार के साथ-साथ ट्रेन में आधुनिक सुरक्षा सिस्टम भी लगाए गए हैं, जिससे सफर न सिर्फ तेज बल्कि सुरक्षित भी रहेगा.
यह ट्रेन खास तौर पर ओवरनाइट यात्रा के लिए तैयार की गई है. ट्रेन के अंदर बेहतर कुशन वाले बर्थ, कम शोर और स्मूद राइड का अनुभव मिलेगा. ऑटोमैटिक दरवाजे, एडवांस सस्पेंशन सिस्टम, कवच सुरक्षा तकनीक और इमरजेंसी टॉक-बैक जैसी सुविधाएं इस ट्रेन को बेहद खास बनाती हैं. कुल मिलाकर, यह ट्रेन आरामदायक यात्रा का अनुभव देने वाला है.
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देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का पहला रूट हावड़ा से गुवाहाटी के बीच होगा. यह ट्रेन पश्चिम बंगाल और असम के कई जिलों से होकर गुजरेगी. ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें अलग-अलग क्लास के कोच शामिल होंगे. यह रूट खासतौर पर पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है.
किराए के मामले में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन राजधानी ट्रेनों से थोड़ी महंगी हो सकती है, लेकिन सुविधाओं, स्पीड और कन्फर्म सीट की गारंटी इसे खास बनाती है. जो यात्री बिना झंझट, बिना RAC और पूरी कन्फर्म बर्थ के साथ सफर करना चाहते हैं, उनके लिए यह ट्रेन एक बेहतरीन विकल्प बन सकती है.
इस ट्रेन में न RAC है और न वेटिंग लिस्ट है यानी सिर्फ कन्फर्म टिकट पर ही ट्रैवल कर सकेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जनवरी को देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं.
हां, चाहे दूरी कम हो, न्यूनतम 400 किलोमीटर का किराया देना अनिवार्य होगा.
जी हां, यह ट्रेन राजधानी के मुकाबले करीब 3 घंटे कम समय में यात्रा पूरी कर सकती है.
यह ट्रेन उन यात्रियों के लिए है जो रात का आरामदायक, तेज और पूरी तरह कन्फर्म सफर चाहते हैं.