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Mumbai rail fracture: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन सेवाओं में मंगलवार सुबह अचानक बड़ी दिक्कत आ गई जब Central Railway के Vikhroli और Kanjur Marg स्टेशनों के बीच डाउन स्लो लाइन पर रेल फ्रैक्चर पाया गया. सुबह 7:32 बजे यह समस्या सामने आई और इसके कारण कुछ समय के लिए लोकल ट्रेनें प्रभावित हुईं. हालांकि रेलवे की तकनीकी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रैक को सुरक्षित बनाया और 7:58 बजे से वहां 30 kmph की स्पीड लिमिट लागू कर दी.
इसकी वजह से सुबह-सुबह कामकाजी यात्रियों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा. लेकिन Central Railway ने स्थिति संभालने के लिए तुरंत कुछ लोकल ट्रेनों को Matunga से फास्ट लाइन पर डायवर्ट कर दिया ताकि भीड़ ज्यादा प्रभावित न हो. थोड़ी देर बाद स्थिति सामान्य हो गई और सभी ट्रेनें अपने निर्धारित समय अनुसार चलने लगीं.
Rail fracture यानी पटरियों में दरार आमतौर पर ट्रैक में अत्यधिक दबाव, तापमान में बदलाव या लगातार भारी लोड की वजह से होता है. मंगलवार सुबह नियमित निरीक्षण के दौरान तकनीकी कर्मचारियों ने यह दरार सबसे पहले नोटिस की. दरार मिलते ही नियमों के अनुसार उस सेक्शन पर तत्काल ब्लॉक लगाया गया और ट्रैक को सुरक्षित बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया. कार्य पूरा होने तक रेलवे ने एहतियातन स्पीड 30 kmph कर दी ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो. इस वजह से कुछ लोकल ट्रेनें धीरे चलीं और कुछ मिनट की देरी देखी गई.
इस घटना के साथ ही Central Railway ने हाल ही में हुई एक और चिंताजनक घटना की याद दिलाई. 6 नवंबर को Harbour–Central लाइन पर Sandhurst Road स्टेशन के पास चार लोग एक चलती हुई लोकल ट्रेन की चपेट में आ गए थे.
CPRO स्वप्निल धनराज नीला ने बताया कि ये सभी लोग पटरियों पर चल रहे थे जब ट्रेन ने उन्हें टक्कर मार दी. सभी घायलों को तुरंत रेलवे अस्पताल ले जाया गया और उनका उपचार जारी है. रेलवे ने फिर से कड़ा संदेश दिया है कि पटरियों पर चलना जानलेवा हो सकता है और किसी भी परिस्थिति में ऐसा नहीं करना चाहिए.
पटरियों की सुरक्षा और ट्रैक्स की मेंटेनेंस के साथ-साथ रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और स्वच्छता को लेकर भी बड़ी पहल की है. रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलों को कूड़ा निपटान और सफाई के लिए नए निर्देश जारी किए हैं ताकि यात्रियों को यात्रा के दौरान साफ-सुथरा माहौल मिल सके.
इस नई व्यवस्था के अनुसार OBHS (On-Board Housekeeping Service) और पैंट्री कार के कर्मचारी नियमित रूप से कोचों से कूड़ा इकट्ठा करेंगे और कूड़ा सीलबंद बैग में पैक कर ट्रेन के तयशुदा स्टेशनों पर ही उतारा जाएगा. ट्रेन के अंदर शौचालय और कोचों की स्वच्छता बनाए रखने की पूरी जिम्मेदारी ट्रेन स्टाफ पर होगी. इन कर्मचारियों को जोनल रेलों द्वारा ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे इस काम को बेहतर तरीके से कर सकें.
रेलवे बोर्ड ने स्टाफ को बेहतर तरीके से प्रशिक्षित करने और उनकी समस्याओं को समझने के लिए एक महीने का विशेष ‘Samvaad’ कार्यक्रम भी शुरू किया है इसमें उनके साथ संवाद किया जाएगा. कचरा निपटान और स्वच्छता पर वीडियो दिखाए जाएंगे. पैंट्री और OBHS कर्मचारियों के रोल को समझाया जाएगा. फीडबैक लेकर इसे रिपोर्ट के रूप में रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा.
जो लाइसेंसी या स्टाफ नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और कॉन्ट्रैक्ट समाप्त करने की चेतावनी भी दी गई है.
Vikhroli–Kanjur Marg के बीच का रेल फ्रैक्चर ठीक होने के साथ ही डाउन स्लो लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही सामान्य हो गई है. हालांकि कुछ समय की देरी जरूर हुई, लेकिन बड़ी दुर्घटना टलने से यात्री राहत महसूस कर रहे हैं. Central Railway ने कहा है कि मुंबई जैसी हाई-ट्रैफिक लाइनों पर नियमित इंस्पेक्शन और मेंटेनेंस ही ऐसी घटनाओं को रोकने का सबसे बड़ा उपाय है.
FAQs
1. Rail fracture कहां पाया गया था?
यह Vikhroli और Kanjur Marg के बीच Down slow/local लाइन पर पाया गया था.
2. ट्रेनें कितने समय के लिए प्रभावित रहीं?
लगभग 20–25 मिनट तक सेवाएं धीमी रहीं, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो गई.
3. क्या ट्रेनें डायवर्ट की गई थीं?
हाँ, Matunga स्टेशन से कुछ धीमी लोकल ट्रेनें फास्ट लाइन पर चलाई गईं.
4. Sandhurst Road वाली घटना में लोग कैसे घायल हुए?
वे पटरियों पर चलते समय चलती लोकल ट्रेन की चपेट में आ गए थे.
5. रेलवे ने कूड़ा निपटान को लेकर क्या नया कदम उठाया है?
OBHS और पैंट्री स्टाफ को ट्रेन में कचरा इकट्ठा कर तय स्टेशनों पर डिस्पोज़ करने का आदेश दिया गया है.
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