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Mumbai Ahmedabad Bullet Train: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट हर दिन एक नई उपलब्धि की ओर बढ़ रहा है. शनिवार को इस प्रोजेक्ट की पहली सुरक्षा टनल का काम पूरा हो गया. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खुद घनसोली और शिलफाटा के बीच बने इस 5 किलोमीटर लंबे टनल का ब्रेकथ्रू ब्लास्ट किया. इस मौके पर उन्होंने साफ कहा कि बुलेट ट्रेन का किराया आम आदमी की जेब को ध्यान में रखकर तय किया जाएगा ताकि यह ट्रेन सिर्फ अमीरों तक सीमित न रह जाए, बल्कि हर वर्ग इसका लाभ उठा सके.
भारत के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में मुंबई में समुद्र के नीचे 21 किलोमीटर लंबी टनल बनाई जा रही है. अब तक इसका पहला 5 किलोमीटर लंबा हिस्सा तैयार हो चुका है जो सुरक्षा और रेस्क्यू टनल के तौर पर काम करेगा. यह किसी भी आपातकालीन स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा. यह प्रोजेक्ट न केवल भारत के लिए तकनीकी दृष्टि से बड़ी छलांग है बल्कि दुनिया के उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में भी शामिल करेगा जिनके पास अंडरसी हाईस्पीड टनल है.
इस टनल का निर्माण न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) से किया गया है. यह एक आधुनिक और सुरक्षित तकनीक है, जिसका इस्तेमाल कठिन भूगोल और चट्टानों में टनल बनाने के लिए होता है. जापान और यूरोप जैसे देशों में इसका पहले से इस्तेमाल हो रहा है और अब भारत ने भी इस तकनीक को सफलतापूर्वक अपनाया है.
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 1 लाख 8 हजार करोड़ रुपए है. इस पूरे कॉरिडोर में 12 स्टेशन बनाए जा रहे हैं. इनमें मुंबई का बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्टेशन ही एकमात्र अंडरग्राउंड स्टेशन होगा. बाकी सभी स्टेशन एलिवेटेड या सामान्य सतह पर होंगे.
हर स्टेशन की डिजाइन उस शहर की संस्कृति और पहचान को दर्शाएगी. उदाहरण के लिए बोइसर स्टेशन के डिजाइन में समुद्री जीवन और स्थानीय कला की झलक होगी, जबकि भरूच स्टेशन में गुजरात की ऐतिहासिक धरोहरों की प्रेरणा दिखाई देगी.
टनल ब्रेकथ्रू के मौके पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार चाहती है कि बुलेट ट्रेन का किराया आम आदमी की पहुंच में हो. किराए की दरें इस तरह तय की जाएंगी कि यह ट्रेन भारत के हर यात्री के लिए उपलब्ध हो, न कि सिर्फ खास वर्ग तक सीमित.
रेल मंत्रालय का लक्ष्य है कि 2028 तक बुलेट ट्रेन का पहला चरण चालू कर दिया जाए. शुरुआती फेज में अहमदाबाद से मुंबई के बीच ट्रेन चलाई जाएगी. यह ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी और दोनों शहरों के बीच का सफर महज 2 घंटे में पूरा कर देगी.
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन सिर्फ देश की पहली हाईस्पीड रेल नहीं होगी, बल्कि भारत का सबसे आधुनिक रेलवे नेटवर्क भी बनेगा. जापानी तकनीक से बनने वाला यह प्रोजेक्ट पूरी तरह वर्ल्ड क्लास होगा. इसमें यात्रियों की सुरक्षा, आराम और स्पीड तीनों पर बराबर ध्यान दिया जाएगा.
FAQs
Q1. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में कितने स्टेशन होंगे?
इस प्रोजेक्ट में कुल 12 स्टेशन होंगे, जिनमें से मुंबई का BKC स्टेशन एकमात्र अंडरग्राउंड स्टेशन होगा.
Q2. बुलेट ट्रेन का किराया कितना होगा?
रेल मंत्री ने कहा है कि किराया आम आदमी की जेब को ध्यान में रखकर तय किया जाएगा.
Q3. बुलेट ट्रेन कब से शुरू होगी?
सरकार का लक्ष्य है कि 2028 तक ट्रेन का पहला चरण शुरू हो जाए.
Q4. बुलेट ट्रेन की रफ्तार कितनी होगी?
यह ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ेगी.
Q5. इस प्रोजेक्ट की कुल लागत कितनी है?
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की लागत करीब 1.08 लाख करोड़ रुपए है.
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