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Kavach 4.0: हाल में ट्रेन एक्सीडेंट की कुछ घटनाओं के बाद रेलवे में कवच सिस्टम को तेजी से लगाने की मांग तेजी से बढ़ रही है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने कवच सिस्टम को लेकर कहा कि देश में एक सिस्टमैटिक तरीके से कवच सिस्टम का विकास चल रहा है. हर भौगोलिक स्थिति में कवच 4.0 के काम करने के लिए 17 जुलाई को काम पूरा किया गया है. रेलवे ने वर्तमान में 10,000 लोकोमोटिव में इसे लगाने का ऑर्डर दिया है. रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे बड़े स्तर पर कवच सिस्टम को लागू करने की तैयारी कर रही है. इसके साथ ही जिन रूट्स पर कवच को पहले से इन्स्टॉल किया जा चुका है, उन्हें कवच 4.0 से अपग्रेड किया जा रहा है.
रेल मंत्री ने बताया कि कवच 4.0 हर भौगोलित स्थिति पर काम करने के लिए तैयार है. जंगल, रेत, पहाड़ जैसी सभी स्थितियों पर ये काम करने वाली है.
दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा मार्गों (लगभग 3,000 मार्ग किमी) पर कवच की तैनाती के लिए सबसे पहले उच्च घनत्व वाले मार्गों को लिया गया था. ये दोनों रूट इसी वित्तीय वर्ष में पूरे हो जायेंगे. कवच 4.0 में अपग्रेड करने के तुरंत बाद सेक्शन दर सेक्शन कमीशनिंग शुरू हो जाएगी.
अगले खंडों के लिए निविदाएं आमंत्रित की गईं: दिल्ली चेन्नई और मुंबई - चेन्नई खंड 3,300 मार्ग किमी और सभी स्वचालित सिग्नलिंग खंड 5,000 मार्ग किमी
आरडीएसओ द्वारा कवच 4.0 की मंजूरी के साथ, रेल मंत्रालय ने 10,000 इंजनों पर कवच 4.0 की स्थापना को मंजूरी दे दी है. इससे कुछ वर्षों में पूरे नेटवर्क पर कवच को तेजी से स्थापित करने में मदद मिलेगी.