दिवाली-छठ जैसे त्योहारों पर अब रेलवे स्टेशन पर नहीं होगी धक्का-मुक्की! रेलमंत्री ने बताया रेलवे का मास्टरप्लान

त्योहारों में बढ़ती भीड़ से निपटने के लिए भारतीय रेलवे ने बनाया तीन-स्तरीय वॉर रूम सिस्टम. अश्विनी वैष्णव बोले कि अब किसी स्टेशन पर नहीं लगेगी भीड़, 10,700 ट्रेनें चलाई गईं, 3,000 रिजर्व में रखी हैं.
दिवाली-छठ जैसे त्योहारों पर अब रेलवे स्टेशन पर नहीं होगी धक्का-मुक्की! रेलमंत्री ने बताया रेलवे का मास्टरप्लान

त्योहारों के मौसम में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भीड़ प्रबंधन के लिए रेलवे ने तीन स्तरीय वॉर रूम सिस्टम तैयार किया है, जो डिवीजन, जोनल और बोर्ड लेवल पर काम करेगा. इन वार रूम्स के जरिए स्टेशनों पर भीड़ की रियल-टाइम निगरानी और जरूरत के मुताबिक तुरंत कार्रवाई की जा रही है.

त्योहारों के दौरान रेलवे ने बनाए विशेष इंतजाम

रेल मंत्री ने कहा कि इस बार रेलवे ने त्योहारों की भीड़ को देखते हुए पूरी तैयारी कर ली है. उन्होंने बताया कि हमने अब तक करीब 10,700 ट्रेनें चलाई हैं, जबकि 3,000 ट्रेनें रिजर्व में रखी गई हैं ताकि अचानक भीड़ बढ़ने पर तुरंत व्यवस्था की जा सके. इस व्यवस्था के तहत रेलवे किसी भी स्टेशन पर अचानक यात्रियों की भीड़ बढ़ने पर तुरंत पास के स्टेशनों से रिजर्व ट्रेनें भेज देता है, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो.

उधना और अंबाला में वॉर रूम ने दिखाई तेजी

अश्विनी वैष्णव ने उदाहरण देते हुए बताया कि सूरत के उधना स्टेशन पर 18 अक्टूबर को भारी भीड़ देखी गई थी. वार रूम से तुरंत आसपास के स्टेशनों पर खड़ी रिजर्व ट्रेनों को बुलाया गया और भीड़ को तुरंत नियंत्रित किया गया. इसी तरह अंबाला स्टेशन पर भी एक दिन अचानक भीड़ बढ़ी, तो जालंधर और आसपास के स्टेशनों से अतिरिक्त ट्रेनें चलाकर स्थिति को संभाला गया.

इस साल बिहार के लिए बढ़ाए गए गंतव्य

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस बार बिहार जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने गंतव्यों की संख्या में भी बड़ा इजाफा किया है. पिछले साल बिहार के लिए 7 गंतव्य थे, लेकिन इस साल हमने इसे बढ़ाकर 18 कर दिया है. त्योहारों के दौरान बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होती है, और रेलवे ने इस बार अतिरिक्त विशेष ट्रेनें चलाकर यात्री भार को संतुलित किया है.

रेल भवन में बना हाई-टेक वॉर रूम

रेलवे ने रेल भवन में एक सेंट्रल वॉर रूम (कमांड सेंटर) भी स्थापित किया है. यह प्रणाली देशभर की ट्रेन गतिविधियों पर रियल-टाइम नजर रखती है और तुरंत निर्णय ले सकती है. यह सिस्टम भीड़भाड़, यात्रियों की शिकायतों और संभावित घटनाओं की त्वरित निगरानी और समाधान के लिए सक्षम है.

देशभर में सक्रिय हैं 80 से ज्यादा वार रूम

वर्तमान में रेलवे नेटवर्क में 80 से अधिक वार रूम सक्रिय हैं, जो रेलवे बोर्ड, जोनल और डिवीजन स्तर पर लगातार काम कर रहे हैं. इन वार रूम्स के जरिए रेलवे भीड़ नियंत्रण, ट्रेन संचालन, और यात्रियों की सुरक्षा जैसे पहलुओं पर एकीकृत मॉनिटरिंग कर रहा है.

FAQs

1. रेलवे ने त्योहारों की भीड़ से निपटने के लिए क्या तैयारी की है?

रेलवे ने तीन स्तरों पर वॉर रूम सिस्टम बनाया है - डिवीजन, जोनल और बोर्ड स्तर पर.

2. क्या रिजर्व ट्रेनों की भी व्यवस्था की गई है?

हां, 10,700 ट्रेनें चलाई गई हैं और करीब 3,000 ट्रेनें रिजर्व रखी गई हैं ताकि अचानक भीड़ बढ़ने पर चलाया जा सके.

3. रेल भवन में बना वॉर रूम क्या करता है?

यह कमांड सेंटर रियल-टाइम मॉनिटरिंग करता है और यात्रियों की भीड़ व शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाती है.

4. बिहार के लिए कितनी ट्रेनें चलाई जा रही हैं?

इस साल बिहार जाने वाले गंतव्यों की संख्या 7 से बढ़ाकर 18 कर दी गई है.

5. यह सिस्टम कितने वॉर रूम्स पर काम कर रहा है?

देशभर में फिलहाल 80 से अधिक वार रूम्स सक्रिय हैं जो रेलवे नेटवर्क पर निगरानी रखते हैं.

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